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लखनऊ में परिवहन का भविष्य

लखनऊ

 21-04-2018 01:54 PM
य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

लखनऊ के विकसित होने के साथ-साथ परिवहन की ज़रूरतें भी बढ़ गई हैं। लोग अन्य शहरों से आकर लखनऊ में बस गए हैं और इससे लखनऊ की आबादी काफ़ी बढ़ गई है। लोग अपने दैनिक कार्यों (स्कूल , कार्यालय) को पूरा करने के लिए परिवहन का उपयोग करते हैं। लोगों के पास मोटर-गाड़ियाँ और मोटरसाइकिल हैं मगर अधिकतम लोग स्थानीय परिवहन जैसे- ऑटो, बस , रिक्शा आदि का उपयोग करते हैं। अक्सर लखनऊ में लम्बी गाड़ियों की कतारें देखी जा सकती है और इसके कारण लखनऊ की सड़कों पर जाम लगा रहता है, जाम के कारण यातायात और आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित रहती हैं।

लखनऊ में जन परिवहन मेट्रो रेल से होता है, हर दिन 20,000-25,000 लोग मेट्रो का इस्तेमाल करते हैं। फिलहाल 8 स्टेशन परिचालित हैं और 11 स्टेशनों की योजना बनाई गई है। मेट्रो प्रणाली के सम्पूर्ण निर्माण हो जाने के बाद लखनऊ के लोगों के लिए परिवहन और आसान हो जाएगा।

लखनऊ में व्यक्तिगत स्तर पर लोग साइकिल, गाड़ी और बाइक का इस्तेमाल करते हैं। साइकिल व्यक्तिगत परिवहन में काफ़ी उपयोगी है क्योंकि इससे लोग जाम में नहीं फंसते और इससे प्रदूषण भी नहीं होता। लखनऊ शहर को स्मार्ट बनाने के लिए कई परियोजनाओं को चलाया जा रहा है और इसके अंतर्गत यह निर्देश दिया जा रहा है कि लोग प्रदूषण फ़ैलाने वाले वाहनों का कम उपयोग करें और व्यक्तिगत स्तर पर साइकिल का उपयोग करें।

स्मार्ट सिटी परियोजना (Smart City Project), लखनऊ नगर निगम (LMC) और ज़िला प्रशासन के अंतर्गत नागरिकों को साइकिल दी जा रही है, इन साइकिलों में GPS लगा हुआ है और इनका किराया काफ़ी कम है; कुछ वेबसाइटों से साइकिलों को भाड़े पर लिया जाता है। अलग से साइकिलों के लिए ट्रैक भी बनवाया गया है जिसपर केवल साइकिल चलाई जाएंगी, साइकिल से परिवहन करने की यह योजना भारत और विश्व के अनेक शहरों में की जा रही है।

साइकिल चलाने के लाभ -
* साइकिल चलाने से हम गंभीर बिमारियों जैसे- दिल का दौरा, मधुमेह, कुछ तरह के कैंसर, डिप्रेशन (Depression), गठिया (Arthritis) अदि से छुटकारा भी पा सकते हैं।
* साइकिल चलाना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है और इसे किसी भी उम्र के व्यक्ति चला सकते हैं।
* इस व्यायाम से शरीर की ज़यादातर मांसपेशीयाँ स्वस्थ हो जाती हैं और शरीर का आसन ठीक रहता है।

लखनऊ में गाड़ियों की संख्या ज्यादा होने के कारण वातावरण प्रदूषित होता है और इसी वजह से नवम्बर 2017 में लखनऊ को भारत का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर घोषित कर दिया गया। प्रदूषण जैसी समस्या को हल करने के लिए लखनऊ मेट्रो रेल निगम (LMRC) ने मेट्रो को सौर ऊर्जा से चलाने की योजना बनाई है। इससे ज्यादा से ज्यादा लोग मेट्रो का उपयोग करेंगे और बस का कम से कम उपयोग करेंगे; और इस तरह वातावरण प्रदूषित नहीं होगा। माना जा रहा है कि यह पूरी परियोजना 2019 के शुरुवात तक पूरी हो जाएगी।

1.https://timesofindia.indiatimes.com/city/lucknow/soon-pedal-your-way-through-traffic-jam-for-rs-10/articleshow/63636258.cms
2.http://www.newindianexpress.com/nation/2018/apr/06/lucknow-diary-1797611.html
3.https://www.betterhealth.vic.gov.au/health/healthyliving/cycling-health-benefits
4.https://data.gov.in/catalog/total-registered-motor-vehicles-million-plus-cities
5.https://www.sundayguardianlive.com/news/ancient-city-nawabs-now-modern-city-metro



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