Machine Translator

कुरान के संस्करण एवं अनुवाद

लखनऊ

 15-05-2018 02:07 PM
विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

हम सभी जानते हैं कि कुरान एक पवित्र ग्रन्थ है| लेकिन बहुत से लोग यह समझते हैं कि कुरान केवल उर्दू, फ़ारसी और अरबी में ही उपलब्ध है| लेकिन असल में कुरान कई अन्य भाषाओं में भी उपलब्ध है जैसे - हिंदी, बंगला, तेलुगु आदि| रूढ़ीवादी इस्लाम के अनुसार कुरान का केवल एक संस्करण है| इसमें मुहम्मद और फ़रिश्ते गेब्रियल (जिब्राईल) के बीच हुई बातों का वर्णन है (ये बातें 23 साल तक हुई थी)| आज मानक अरबी कुरान 1924 के मिश्र संस्करण की है, मगर पहले और भी संस्करण हुआ करते थे| खलीफ़ा उथमान ने कुरान के सभी प्रकारों और संस्करणों को नष्ट करने का हुकुम दिया था और केवल एक संस्करण को छोड़ा था, वह संस्करण कुरैशी बोली का था; यह बोली मुहम्मद बोलते थे| कुरान के अलावा मुसलमान हदीथ भी पढ़ते है, हदीथ में मुहम्मद के द्वारा दिए गए सभी शिक्षण मौजूद हैं|

कुरान में पाठ को सुरह कहते हैं और यह आगे चलकर आयत में बंट जाते हैं| कुरान के पहले सुरह में 7 छंद हैं| अत-तौबा के अलावा हर सुरह की शुरुआत ‘बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम’ से होती है| कुरान में कुल 114 सुरह हैं, सबसे छोटे सुरह में केवल तीन आयात हैं और सबसे लम्बे सुरह में 286 छंद हैं| 114 सुरह में से 87 मक्का के हैं और 27 मदीना के| अब अध्यायों को जानने के बाद यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि कुरान के कुल कितने संस्करण हैं और उनका इतिहास क्या है- कुरान के उर्दू संस्करण का इतिहास -

डॉक्टर जमील जलीबी के मुताबिक पहली उर्दू कुरान 1829 में शाह अब्दुल कादिर के द्वारा अनुवाद की गई थी| उन्होंने बताया कि अब वह संस्करण बच नहीं पाया है| कुछ इतिहासकार यह दावा करते हैं कि कुरान का उर्दू संस्करण बहुत साल पहले भी था मगर कुछ कारण से उसे छापा नहीं गया या वह पाए नहीं गए| कादिर के अनुवाद के बाद कुरान के कुल 150 उर्दू अनुवाद मिले|

कुरान का बांग्ला में अनुवाद-
कुरान का बंगाली भाषा में अनुवाद गिरीश चन्द्र सेन द्वारा 1886 में हुआ था, लेकिन नए तथ्यों से यह पता चला है कि बांग्ला भाषा में अनुवाद करने की कोशिश इससे पहले भी हुई थी, मगर अधूरी होने के कारण उसे छापा नहीं गया था| चांदीपुर पश्चिमी बंगाल के अब्बास अली पहले व्यक्ति थे जिन्होंने कुरान का अनुवाद बांग्ला में पूर्ण रूप से किया था| बंगाली अनुवाद की धारणा के अनुसार ही यह भी कहा जाता है कि तांगैल के एक मौलाना मोहम्मद नोयमुद्दीन ने बांग्ला में कुरान के पहले 10 अध्यायों का अनुवाद किया था। इस प्रकार से हम देख सकते हैं कि कुरान का बांग्ला में अनुवाद कई लोगों ने किया था।

कुरान का तमिल में अनुवाद-
फथहुर-रहमा फी तर्जिमती तफसीर अल-कुरान जिसे कि शेख मुस्तफा ने अनुवादित किया था, यह कुरान की पहली तमिल संस्करण थी|

1. https://www.quora.com/How-many-versions-of-Quran-are-there-in-this-world
2. https://epaper.dawn.com/DetailImage.php?StoryImage=02_01_2017_116_005
3. https://en.wikipedia.org/wiki/Quran_translations



RECENT POST

  • 1827 का लखनऊ एक विदेशी की यात्रा डायरी के मुताबिक
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     16-11-2018 01:01 PM


  • सन 1770 और 1900 के बीच लखनऊ का इंग्लैंड पर प्रभाव
    मध्यकाल 1450 ईस्वी से 1780 ईस्वी तक

     15-11-2018 03:23 PM


  • भारत और चीन के ऐतिहासिक संबंध का सफ़र
    धर्म का उदयः 600 ईसापूर्व से 300 ईस्वी तक

     14-11-2018 03:52 PM


  • सरस्वती का असली अर्थ और इंडोनेशिया में होने वाली प्राचीन सरस्वती पूजा
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     13-11-2018 12:28 PM


  • प्रथम विश्‍व युद्ध में भारतीय जवानों का बलिदान
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     12-11-2018 01:30 PM


  • अलीगंज का हनुमान मंदिर, हिन्दू मुस्लिम एकता का प्रतीक
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     11-11-2018 10:15 AM


  • कैसे एक वैज्ञानिक और एक संन्यासी ने मिलकर दी विज्ञान को एक नयी दिशा
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     10-11-2018 10:00 AM


  • चलिए समझा जाए लखनऊ समझौते को गहराई से
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     09-11-2018 10:00 AM


  • सिर्फ शाररिक तौर पर ही नहीं दिमागी तौर पर भी भिन्न होते हैं लड़का और लड़की
    स्तनधारी

     08-11-2018 10:00 AM


  • हम क्यों भूल जाते हैं भगवान कुबेर का असली अर्थ धनतेरस के इस अवसर पर
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     07-11-2018 12:11 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.