Machine Translator

लखनऊ में इफ़्तार के लज़ीज़ व्यंजन

लखनऊ

 05-06-2018 12:08 PM
स्वाद- खाद्य का इतिहास

लखनऊ अपने नवाबी खाने के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। यहाँ के खाने को अवधी खाने के रूप में जाना जाता है। लखनऊ में वैसे तो पूरे साल भर ही खाने की दुकानों की भीड़ लगी रहती है लेकिन रमदान के समय यहाँ पर खाने की उपलब्धता अत्यधिक बढ़ जाती है। रामदान के समय इफ्तार की दावत एक अत्यंत महत्वपूर्ण बिंदु है जो कि हिन्दू-मुस्लिम एकता का भी परिचायक है। इस समय लखनऊ में सड़कों पर बड़ी संख्या में ठेले आदि लगाये जाते हैं जहाँ से लोग अपने लिए लज़ीज़ खाने खरीदते हैं। लखनऊ के चौक, अमीनाबाद और हजरतगंज अवधि खाने के सबसे उत्कृष्ट स्थान हैं। यहाँ की छोटे-छोटे गलियों में खाने की महक हमेशा घूमती रहती है जो किसी भी खाने के प्रेमी को अपनी तरफ आकर्षित कर सकती है।

लखनऊ में कबाब का प्रेम तो लोगों के सर चढ़ कर बोलता है और जब बात हो रामदान के इफ्तारी की तो बात ही कुछ और हो जाती है। यहाँ के टुंडे कबाब एक ऐसा खाना है जो हर खाने का प्रेमी एक बार तो जरूर खाता है। लखनऊ की बिरयानी की तो बात ही कुछ और है। भारत की मशहूर बिरयानियों में लखनऊ की बिरयानी ने एक महत्वपूर्ण स्थान बना कर रखा है। भारत में हैदराबादी, मोरादाबादी और लखनवी बिरयानी प्रमुख रूप से खायी जाती हैं। इफ्तारी में बिरयानी की महक ने लोगों की थाली में एक महत्वपूर्ण स्थान बना कर रखा है।

लखनऊ का निहारी कुलचा भी इफ्तारी में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। रामदान के समय यहाँ पर दूर-दूर से खाने के प्रेमी आते हैं जो लखनऊ के खाने का लुत्फ़ उठाते हैं। अवधी खाना पूरे भारत में एक महत्वपूर्ण स्थान पर काबिज है। यहाँ की खाने की इतनी ज्यादा उपलब्धता और स्वाद को बनाने के लिए यहाँ के नवाबों को श्रेय दिया जा सकता है। यहाँ के नवाबों ने विभिन्न रसोइयों को बुला कर अनेकों प्रयोग किये थे जिसका प्रतिफल यह है कि आज हमारे सामने अवधी खाने की इतनी उपलब्धता है। रमदान में रोजा खोलना एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है जिसे हर वह व्यक्ति करता है जो रोजा रखता है और उसके पश्चात इस लज़ीज़ खाने से अपना चित्त प्रसन्न करता है।

1.http://www.dnaindia.com/lifestyle/report-lucknow-food-trail-10-lucknowi-delicacies-and-best-eateries-to-savour-them-2064705
2.https://food.ndtv.com/food-drinks/the-city-of-nawabs-an-extravagant-iftar-trail-in-lucknow-782414
3.https://eattreat.in/ramadan-2018-restaurants-in-lucknow
4.http://www.freepressjournal.in/food/dig-into-delicious-lucknowi-food-this-ramzan/621723\



RECENT POST

  • भारत और चीन के ऐतिहासिक संबंध का सफ़र
    धर्म का उदयः 600 ईसापूर्व से 300 ईस्वी तक

     14-11-2018 03:52 PM


  • सरस्वती का असली अर्थ और इंडोनेशिया में होने वाली प्राचीन सरस्वती पूजा
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     13-11-2018 12:28 PM


  • प्रथम विश्‍व युद्ध में भारतीय जवानों का बलिदान
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     12-11-2018 01:30 PM


  • अलीगंज का हनुमान मंदिर, हिन्दू मुस्लिम एकता का प्रतीक
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     11-11-2018 10:15 AM


  • कैसे एक वैज्ञानिक और एक संन्यासी ने मिलकर दी विज्ञान को एक नयी दिशा
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     10-11-2018 10:00 AM


  • चलिए समझा जाए लखनऊ समझौते को गहराई से
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     09-11-2018 10:00 AM


  • सिर्फ शाररिक तौर पर ही नहीं दिमागी तौर पर भी भिन्न होते हैं लड़का और लड़की
    स्तनधारी

     08-11-2018 10:00 AM


  • हम क्यों भूल जाते हैं भगवान कुबेर का असली अर्थ धनतेरस के इस अवसर पर
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     07-11-2018 12:11 PM


  • हिन्दू-मुस्लिम एकता का प्रतीक, ऐशबाग़ की रामलीला
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     06-11-2018 10:19 AM


  • भारतीय जादू जिससे पश्‍चिमी जादूगर हुए प्रसिद्ध
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     05-11-2018 02:25 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.