कौनसे महाजनपद का भाग था हमारा लखनऊ?

लखनऊ

 26-05-2018 01:45 PM
धर्म का उदयः 600 ईसापूर्व से 300 ईस्वी तक

सिन्धु सभ्यता के पतन के बाद भारत भर में कोई एक बड़ी सभ्यता का सूत्रपात नहीं होता है तथा करीब 1000 वर्ष तक यहाँ पर छुट-पुट सभ्यताओं के अवशेष हमें प्राप्त होते हैं जैसे कि चित्रित गैरिक मृदभांड शैली, उत्तरी काली चित्रित मृद्भभांड सभ्यता, कॉपर होर्ड सभ्यता आदि। 6ठी शताब्दी वह दौर था जब पूरे भारत भर में विभिन्न राज्यों का जन्म होना शुरू हुआ तथा एकक्षत्र राज्यों की शुरुआत हुयी। उस समय का भारत पूरे 16 महाजनपदों में और 10 गणराज्यों में विभाजित हुआ।

यह दौर भारतीय इतिहास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण दौर साबित हुआ और इस दौर ने ही भारत में कई वंशों को भी जन्म दिया जिन्होंने भारत भर में अपनी एक अमिट छाप छोड़ी। यह कहना कतिपय गलत नहीं होगा कि मौर्य राज्यवंश की शुरुआत इन्हीं महाजनपदों के कारण हुई। सिक्कों का पहला प्रचलन भी इसी दौर में हुआ जब भारत भर में विभिन्न आहत सिक्के बनना चालू हुए। इन सिक्कों को ‘पंच मार्क’ (Punch Mark) सिक्कों के नाम से भी जाना जाता था। दिए गए चित्र में कोशल महाजनपद के पंच मार्क सिक्के दिखाए गए हैं। इन सिक्कों पर कई प्रकार के निशान बनाये जाते थे जिनका अपना एक महत्व होता था। भारत भर के इन 16 महाजनपदों के नाम निम्नलिखित हैं-

1. काशी- काशी महाजनपद उत्तर प्रदेश के बनारस में स्थित था।
2. कोशल- कोशल महाजनपद की राजधानी श्रावस्ती थी तथा यह फैजाबाद, गोंडा के क्षेत्र या यूँ कहें कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में यह फैला हुआ था।
3. मगध- मगध की राजधानी राजगृह थी तथा यह वर्तमान के पटना, गया और बिहार के शाहबाद जिले तक फैला हुआ था।
4. अंग- अंग महाजनपद की राजधानी वर्तमान बिहार के मुंगेर और भागलपुर जिले में फैली हुयी थी।
5. वज्जी- इस महाजनपद की राजधानी वैशाली थी तथा यह बिहार के वैशाली जिले में फैली हुयी थी।
6. वत्स- इस महाजनपद की राजधानी कौशाम्बी थी तथा यह इलाहबाद और मिर्ज़ापुर जिले में फैली हुयी थी।
7. चेदी- इस महाजनपद की राजधानी सूक्तिमति थी तथा यह पूर्वी बुन्देल्खंड क्षेत्र में फैली हुयी थी।
8. शूरसेन- इस महाजनपद की राजधानी वर्तमान मथुरा थी तथा यह ब्रजमंडल क्षेत्र में फैली हुयी थी।
9. गंधार- इस महाजनपद की राजधानी तक्षशिला थी तथा यह पश्चिमी पाकिस्तान और अफगानिस्तान में फैली हुयी थी।
10. पंचाल- इस महाजनपद की राजधानी अहिक्षेत्र और कम्पिल्य थी तथा यह पश्चिमी उत्तरप्रदेश के रोहिलखंड क्षेत्र में फैली हुयी थी।
11. अवन्ती- इस महाजनपद की राजधानी मालवा/उज्जैन थी तथा यह मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में फैली हुयी थी।
12. कुरु- इस महाजनपद की राजधानी हस्तिनापुर थी तथा यह वर्तमान के हरियाणा और दिल्ली में फैली हुयी थी।
13. मल्ल- इस महाजनपद की राजधानी कुशीनगर या पावा थी तथा यह वर्तमान उत्तरप्रदेश के दक्षिणी वैशाली जिले में फैली हुयी थी।
14. अश्मक- इस महाजनपद की राजधानी पोतना/पाटली थी तथा यह गोदावरी और नर्मदा नदियों के मध्य में स्थित थी।
15. मत्स्य- इस महाजनपद की राजधानी विराटनगर थी तथा यह वर्तमान राजस्थान के अलवर, जयपुर, भरतपुर जिले में फैली हुयी थी।
16. कम्बोज- इस महाजनपद की राजधानी हाटक थी तथा यह कश्मीर के पंच इलाके में और पाकिस्तान के हजारा जिले में फैली हुयी थी।

वर्तमान का लखनऊ अवध क्षेत्र में आता है तथा इसका विवरण रामायण में लक्ष्मणपुर के नाम से जाना जाता था। अवध क्षेत्र महाजनपद काल में कोशल महाजनपद में आता था। कई लिखित साक्ष्यों से इस तथ्य के प्रमाण मिलते हैं। दिए गए चित्र में सभी महाजनपदों को दर्शाया गया है और कोशल महाजनपद को उभारकर दिखाया गया है।

1. अर्ली इंडिया, रोमिला थापर
2. अ हिस्ट्री ऑफ़ अन्सियंट एंड अर्ली मेडिवल इंडिया, उपेंदर सिंह
3. प्राचीन भारत का इतिहास, के एस श्रीवास्तव



RECENT POST

  • नेताजी के जीवन पर स्‍वामी जी की अमिट छाप
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     23-01-2019 02:13 PM


  • भारत में अपशिष्ट जल की व्यवस्था
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     22-01-2019 02:44 PM


  • हमारे लिखने से पहले, कैसे जानता है गूगल हमारी मंशा
    संचार एवं संचार यन्त्र

     21-01-2019 02:06 PM


  • भेदभाव से लड़ते हुए समानता का एक सन्देश
    ध्वनि 2- भाषायें

     20-01-2019 10:00 AM


  • भारत में सेनेटरी नैपकिन को लेकर जागरूकता
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     19-01-2019 01:12 PM


  • ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोत के रूप में इथेनॉल
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     18-01-2019 12:56 PM


  • क्‍या संभव है भूकंप का पूर्वानुमान लगाना?
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     17-01-2019 01:44 PM


  • इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IOT) तकनीक से बदलती रोजमर्रा की जिंदगी
    संचार एवं संचार यन्त्र

     16-01-2019 03:00 PM


  • भारत के गांव-गांव को डिजिटल जगत से जोड़ने की पहल 'भारत नेट'
    संचार एवं संचार यन्त्र

     15-01-2019 12:21 PM


  • मकर संक्रांति में तिल का धार्मिक एवं वैज्ञानिक महत्व
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     14-01-2019 11:48 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.