धुम्रपान के भयवाह परिणाम

लखनऊ

 02-09-2018 12:12 PM
नगरीकरण- शहर व शक्ति
क्या आप जानते हैं की भारत में धूम्रपान कम से कम 2000 ईसा पूर्व से परिचित है, इसका उल्लेख अर्थवेद में "कैनाबीस धूम्रपान" के मध्य से किया गया है। तब आयुर्वेद में धूमकेतु (धुपा) और अग्नि प्रसाद (होमा) को चिकित्सा उद्देश्यों के लिए निर्धारित किया गया था। वहीं तम्बाकू 17वीं शताब्दी में भारत में पेश किया गया और बाद में यह धूम्रपान के मौजूदा प्रथाओं (ज्यादातर कैनाबीस) के साथ विलय हो गया। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में विश्व भर में धूम्रपान करने और उससे पीड़ित लोगों की संख्या में वृद्धि हो गई है, यह आप इन निम्न पंक्तियों में देख सकते हैं : 1.ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (जीबीडी) के अध्ययन में प्रकाशित नवीनतम अनुमानों के मुताबिक 2015 में दुनिया भर में 6.4 मिलियन से अधिक मौतें जिनमें 52.2 प्रतिशत चीन, भारत, यूएसए और रूस में धूम्रपान की वजह से हुई है। 2.वहीं तीन प्रमुख देश चीन, भारत और इंडोनेशिया में विश्व के पुरुष धूम्रपान करने वालों की 51.4 प्रतिशत संख्य यहाँ शामिल है। 3.विश्व में कुल धूम्रपान करने वालों में 11.2 प्रतिशत भारतीय शामिल हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा भी 2009-2010 को भारतीय धूम्रपान करने वालों के कुछ आकड़े दिये थे वो कुछ इस प्रकार है :-

  • किसी भी प्रकार के तम्बाकू का सेवन - वयस्कों में 34.6%, 47.9% पुरुष और 20.3% महिलाएं।
  • धुएं रहित तम्बाकू का सेवन - 25.9% वयस्क, 32.9% पुरुष और 18.4% महिलाएं।
  • दैनिक तम्बाकू उपयोगकर्ताओं में से 60.2% जागने के आधे घंटे के भीतर तम्बाकू का सेवन किया करते हैं।
  • दस में से पांच मौजूदा धूम्रपान करने वालों (46.6%) और धुएं रहित तंबाकू (45.2%) के उपयोगकर्ताओं ने धूम्रपान छोड़ने की योजना बनाई या इसे कम से कम छोड़ने का विचार किया है।
  • पांच में से तीन तंबाकू उपयोगकर्ता (61.1%) द्वारा तंबाकू पैकेजों पर स्वास्थ्य चेतावनी देखी गयी और तीन में से एक तंबाकू उपयोगकर्ताओं (31.5%) चेतावनी लेबल के कारण तंबाकू छोड़ने का विचार किया।

भारत में तम्बाकू व सिगरेट के लिए पहला कानून 1975 में बनाना था, जिसने सिगरेट पैक पर विशिष्ट वैधानिक स्वास्थ्य चेतावनियों को अनिवार्य किया था। सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन का निषेध और व्यापार के विनियमन पर 18 मई 2003 को राष्ट्रपति की सहमति से लागू किया गया।12 जुलाई 1999 को, केरल उच्च न्यायालय के एक डिवीजन बेंच ने सार्वजनिक स्थानों में धूम्रपान के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया। वहीं 2007 में, चंडीगढ़ धूम्रपान मुक्त बनकर भारत का पहला शहर बन गया।

विश्व स्वास्थ्य संगठन और अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ के साथ साझेदारी में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने तंबाकू समाप्ति के लिए मोबाइल प्रौद्योगिकी का उपयोग करने के लिए एक पहल शुरू की है। डब्ल्यूएचओ-आईटीयू की "स्वस्थ रहें गतिशील बनें" की पहल का उद्देश्य उन सभी श्रेणियों के तम्बाकू उपयोगकर्ताओं तक पहुंचना है जो तंबाकू के उपयोग से बाहर निकलना चाहते हैं तथा मोबाइल फोन पर लगातार टेक्स्ट मैसेजिंग के माध्यम से सफलता पूर्वक तंबाकू छोड़ने की दिशा में उनका समर्थन करना है। यह पहल पूरी तरह से भारत सरकार द्वारा समर्थित है: https://www.nhp.gov.in/make-your-quit-plan_mtl यह लिंक आपके क्विट प्लान को कैसे बनाएं और प्रोग्राम शुरू करने के बारे में विवरण प्रदान करता है। यह एक पाठ आधारित सेवा है जो एक बार सक्रिय हो जाने पर आपसे सामान्य जानकारी जैसे कि लिंग, आयु, योग्यता, नौकरी इत्यादि पूछती है। यह अंग्रेजी और हिंदी में भी उपलब्ध है।

संदर्भ :

1.https://www.thehindubusinessline.com/news/science/smoking-causes-over-11-deaths-india-among-top-4-countries-report/article9618981.ece
2.http://www.who.int/tobacco/surveillance/en_tfi_india_gats_fact_sheet.pdf
3.https://en.wikipedia.org/wiki/Smoking_in_India
4.https://www.nhp.gov.in/make-your-quit-plan_mtl



RECENT POST

  • नेताजी के जीवन पर स्‍वामी जी की अमिट छाप
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     23-01-2019 02:13 PM


  • भारत में अपशिष्ट जल की व्यवस्था
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     22-01-2019 02:44 PM


  • हमारे लिखने से पहले, कैसे जानता है गूगल हमारी मंशा
    संचार एवं संचार यन्त्र

     21-01-2019 02:06 PM


  • भेदभाव से लड़ते हुए समानता का एक सन्देश
    ध्वनि 2- भाषायें

     20-01-2019 10:00 AM


  • भारत में सेनेटरी नैपकिन को लेकर जागरूकता
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     19-01-2019 01:12 PM


  • ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोत के रूप में इथेनॉल
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     18-01-2019 12:56 PM


  • क्‍या संभव है भूकंप का पूर्वानुमान लगाना?
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     17-01-2019 01:44 PM


  • इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IOT) तकनीक से बदलती रोजमर्रा की जिंदगी
    संचार एवं संचार यन्त्र

     16-01-2019 03:00 PM


  • भारत के गांव-गांव को डिजिटल जगत से जोड़ने की पहल 'भारत नेट'
    संचार एवं संचार यन्त्र

     15-01-2019 12:21 PM


  • मकर संक्रांति में तिल का धार्मिक एवं वैज्ञानिक महत्व
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     14-01-2019 11:48 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.