लखनवी मिट्टी के बर्तन

लखनऊ

 07-04-2017 12:00 AM
म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण
मिटटी के बर्तनों का प्रयोग मानव अपने जीवन के ठहराव के काल से ही करता आ रहा है। मृद्भंडों के आधार पर ही इतिहासकार व पुरातत्त्वविद इतिहास के विभिन्न कालों व पुरातात्त्विक स्थानो का विभाजन करते हैं। अपनी पुस्तक, “एन आउटलाइन ऑफ़ इंडियन प्रीहिस्ट्री” मे डी.के. भट्टाचार्य, मृद्भंडों के प्रकार व समय निर्धारण पर प्रकाश डालते हुए इनका विवरण प्रस्तुत करते हैं। विभिन्न कालखंड मे हमें अलग-अलग कई प्रकार के मिटटी के बर्तनों का प्रयोग देखने को मिलता है। नवपाषाण काल से लेकर के वर्तमान समय तक यह तकनीकी मानव जीवन मे कई रूपों व कई नयी प्रद्योगिकी के साथ चलती रही है। विभिन्न क्षेत्रों कि अपनी एक अलग पहचान उनके हस्तशिल्पों के आधार से भी होती है जैसे (वार्ली चित्रकारी, भील कला आदि)। लखनऊ जिले के चिनहट नाम की जगह भी अपने विभिन्न प्रकार के मिट्टी के बर्तनों व मिट्टी के बने वस्तुओं के लिए जानी जाती है। यहाँ पर करीब २०० कारीगर मिटटी के बने वस्तुओं वस्तुओं का निर्माण करते हैं। वर्तमान समय मे यहाँ पर निर्मित वस्तुओं मे सजावटी व बागवानी से जुड़े बर्तनों का निर्माण अधिकता मे होता है।

RECENT POST

  • लखनऊ में कला की वर्तमान स्थिति
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     20-07-2019 11:11 AM


  • लखनऊ बना देश का पहला सीसीटीवी शहर
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     19-07-2019 11:34 AM


  • क्या दूसरे ग्रहों के जीव आये थे लखनऊ भ्रमण पर?
    सभ्यताः 10000 ईसापूर्व से 2000 ईसापूर्व

     18-07-2019 12:01 PM


  • उत्तर प्रदेश में पाये गये हैं सबसे अधिक उत्खनन स्थल
    खदान

     17-07-2019 01:45 PM


  • जब मिले सुकरात एक भारतीय योगी से
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     16-07-2019 02:20 PM


  • सामाजिक उत्थान और एकता का प्रतीक है लखनऊ स्थित अंबेडकर पार्क
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     15-07-2019 12:52 PM


  • शास्त्रीय संगीत में लखनऊ की विधा – ठुमरी
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     14-07-2019 09:00 AM


  • भारतीय और पाश्‍चात्‍य तर्कशास्‍त्र एवं उनके बीच भेद
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     13-07-2019 12:05 PM


  • ग़दर के समय लखनऊ में स्थित ब्रिटिश महिलाओं की स्थिति का वर्णन करती एक पेंटिंग
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     12-07-2019 01:02 PM


  • लखनऊ के आसपास स्थि‍त बड़हल के वृक्ष के उपयोग और फायदे
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     11-07-2019 12:54 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.