आखिर क्या है ये डीएनए?

लखनऊ

 09-03-2018 02:06 PM
डीएनए

बच्चे अपने माता पिता के इतने समान फिर भी अलग क्यों दिखते हैं? एक जीव दूसरे जीव की तरह क्यूँ नहीं होता? जो बीमारी या विशेषताएँ हमारे पूर्वजों अथवा हम में होती हैं वो बच्चों में कैसे आ जाती हैं? इन सभी प्रश्नों का उत्तर है – डीएनए (DNA)। डीएनए डिओक्सीराइबोनुक्लेइक एसिड (Deoxyribonucleic acid) का संक्षेप है। घुमावदार सीढ़ी की तरह संरचना वाला यह अणु सभी जीवों की अनुवांशिक सामग्री की पोटली है। कुछ विषाणु छोड़कर सभी सजीवों में डिओक्सीराइबोनुक्लेइक अम्ल मिलते हैं, उन कुछ विषाणुओं में राइबोनुक्लेइक(Ribonucleic) अम्ल होते हैं।

डी.एन.ए. के अणुओं में अनुवांशिक गुणों का संकेत होता है जिसे अनुवांशिक कूट कहते हैं। कोशिका के केन्द्रक के डीएनए में प्रोटीन संश्लेषण हेतु सूचना निहित होती है तथा डीएनए के कण में नुक्लेओटाइड (Nucleotide) नामक नाइट्रोजन (Nitrogen) युक्त वस्तु रहती है जो चार प्रकार की है, अडेनिन(Adenine), ग्वानिन(Guanine), थाइमिन (Thymine) और साइटोसिन(Cytosine)। यह नुक्लेओटाइड एक दूसरे के साथ जोड़ी बनाते हैं जिसे फॉस्फेट(Phosphate) की अणु जोड़े रखती है जो फिर एक श्रृंखला बनाते हैं जिसे हम पॉलीन्यूक्लियोटाइड (Polynucleotide) श्रृंखला कहते हैं। डीएनए कोशिकाओं में गुणसूत्रों (क्रोमोजोम: Chromosome) के रूप में रहता है जो सभी अनुवांशिक गुणों को निर्धारित व संचारित करते हैं। प्रत्येक प्रजाति में गुणसूत्रों की संख्या निश्चित रहती है। मानव के शरीर में 23 जोड़ों में 46 गुणसूत्र होते हैं। इनमें से 22 गुणसूत्र स्त्री और पुरुष में एक समान होते हैं लेकिन 23वा गुणसूत्र दोनों में अलग होता हैं।

जनन के वक़्त कोशिकाएं विभिन्न रसायनिक क्रियाओं का उपयोग करके डीएनए की प्रतिकृति बनाती हैं लेकिन मौलिक डीएनए कभी एक समान नहीं होता, माता-पिता के गुणसूत्रों का भी उपयोग होता है, जिसकी वजह से हम एक दूसरे के समान होते हुए भी भिन्न होते हैं वरना हम बस एक दूसरे के प्रतिरूप बन रह जायेंगे। जैसा हम जानते हैं कि विभिन्नता की वजह से हम अनुकूलन कर उत्पत्ति के हर पड़ाव को पार कर आये हैं, तो अगर यह विभिन्निता हमें हमारे डीएनए ने प्रदान न की तो हम पृथ्वी से विलुप्त हो जायेंगे।

1. डीएनए एनसायक्लोपेडिया ब्रिटानिका https://www.britannica.com/science/DNA
2. https://ghr.nlm.nih.gov/primer/basics/dna
3. वंशागति का आणविक आधार एनसीइआरटी http://ncert.nic.in/ncerts/l/lhbo106.pdf



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