बेली गार्ड गेट

लखनऊ

 20-03-2018 11:19 AM
उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

लखनऊ के इतिहास को 1857 की क्रांति ने एक नया मोड़ प्रदान किया और इसी दौरान यहाँ पर हुए कई अविस्मरणीय कथाओं ने लखनऊ के इतिहास में कई नए अध्याय जोड़ दिए। इन्हीं अध्यायों में रेजीडेंसी में हुयी घटनाएँ अपना एक अलग ही महत्व रखती हैं। रेजीडेंसी में ही उपस्थित बेली गेट 1857 की क्रांति को प्रदर्शित करता हुआ एक मात्र बचा गेट (द्वार) है। यह सवाल बार-बार ज़हन में उठता है कि आखिर ये बेली कौन था और इस गेट का नाम बेली गेट क्यूँ पड़ा।

उन्नीसवीं सदी की शुरुआत में, नवाब सआदत अली खान ने रेसिडेंसी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में अंग्रेजी कप्तान जॉन बेली के लिए एक विशेष गार्ड ऑफ ऑनर (Guard of Honor) की व्यवस्था की थी। इस प्रकार रेजीडेंसी का यह भाग बेली गार्ड गेट के रूप में जाना जाने लगा। सादे दोहरे खंबों द्वारा समर्थित यह इमारत आकार व प्रकार में लगभग चौकोर है। रेजीडेंसी में शुरुआत में कई द्वार हुआ करते थे परन्तु 1857 की क्रांति और समय के साथ-साथ यहाँ के अन्य द्वार वाटरगेट और नौबत खाना अब मौजूद नहीं हैं।

केवल बेली गार्ड गेट अभी भी बना हुआ है, लेकिन एक बर्बाद स्थिति में, इस आयताकार इमारत में एक विशाल धनुषाकार मेहराब है जो कि मिश्रित शैली का प्रदर्शन करती है। द्वार के प्रत्येक तरफ दो सुरक्षा कर्मी कक्ष हैं। मूल रूप से इस द्वार में बड़े लकड़ी के दरवाजे लगाये गए थे जो कि द्वार से अन्दर आने वाली ताकतों को रोकने की समर्थता प्रदान करते थे। 1857 की क्रांति के दौरान इस द्वार पर भारी नुकसान हुआ था और इसकी दीवार पर आज भी तोप के गोले के निशान देखे जा सकते हैं। आज भी यह द्वार अतीत के पन्नों को समेटे लखनऊ में खड़ा हुआ है।

1. https://www.tornosindia.com/lucknow-residency/
2. http://reflectionsonthelucknowresidency.blogspot.in/2011/08/bailey-guard-gate.html
3. अ पिक्टोरिअल प्रेजेंटेशन, पब्लिकेशन डिवीज़न
4. हिस्ट्री ऑफ़ इंडियन म्युटिनी ऑफ़ 1857-8 वॉल्यूम-1, सर जॉन विलियम कये



RECENT POST

  • भारत की सबसे बड़ी दिग्गज आईटी कंपनियां एवं आईटी नौकरियों का भविष्य
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     24-06-2019 12:05 PM


  • भारत के कब्ज़े में है बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी
    हथियार व खिलौने

     23-06-2019 09:00 AM


  • भारत का केसरिया स्तूप हो सकता है इंडोनेशिया के बोरोबुदूर मंदिर की प्रेरणा
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     22-06-2019 11:33 AM


  • रामचरितमानस में योग का तात्पर्य
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     21-06-2019 11:20 AM


  • रामपुर और लखनऊ को संदर्भित करता रडयार्ड किपलिंग का प्रसिद्ध उपन्यास ‘किम’
    ध्वनि 2- भाषायें

     20-06-2019 11:26 AM


  • कब, कैसे और कहाँ हुई टाई की उत्पत्ति?
    स्पर्शः रचना व कपड़े

     19-06-2019 11:06 AM


  • तेप्ची कढ़ाई- जो मशीनों के इस दौर में भी हाथ से की जाती है
    स्पर्शः रचना व कपड़े

     18-06-2019 11:04 AM


  • क्या बंदर केवल शाकाहारी होते हैं?
    स्तनधारी

     17-06-2019 11:08 AM


  • समय के साथ स्वाभाविक होते पिता
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     16-06-2019 10:30 AM


  • क्या महानगरों में एसी के बिना प्राकृतिक रूप से जीवन यापन करना संभव है?
    व्यवहारिक

     15-06-2019 10:55 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.