लखनऊ विश्वविद्यालय

लखनऊ

 04-04-2018 01:28 PM
नगरीकरण- शहर व शक्ति

लखनऊ विश्वविद्यालय शुरू करने का विचार पहली बार महमूदबाद के राजा सर मोहम्मद अली मोहम्मद खान, खान बहादुर, के.सी.आई.ई द्वारा किया गया था। उन्होंने "पायनियर" के लिए एक लेख लिखा जिसमें लखनऊ में एक विश्वविद्यालय की आवश्यकता का जिक्र किया। थोड़े समय बाद सर हार्कोर्ट बटलर, के.सी.एस.आई, के.सी.आई.ई. को संयुक्त प्रांतों के लेफ्टिनेंट-गवर्नर बनाया गया और उनका विचार भी एक शैक्षणिक संस्थान खोलने का था। विश्वविद्यालय को लाने के लिए पहला कदम उठाया गया था, जब शिक्षाविदों की एक सामान्य समिति को इस उद्देश्य के लिए नियुक्त किया गया और गवर्नमेंट हाउस में एक अधिवेशन कराया गया। नवंबर, 10, 1919 को लखनऊ में एक मुलाकात कराई गयी। इस बैठक में सर हार्कोर्ट बटलर ने नए विश्वविद्यालय की प्रस्तावित योजना को रेखांकित किया।

चर्चे में यह बात निर्धारित की गयी कि लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ-साथ रहवासी विश्वविद्यालय रहेगा और इसमें ओरिएंटल स्टडीज, विज्ञान, चिकित्सा, कानून सहित कला के संकाय शामिल होने चाहिए। कई अन्य प्रस्ताव भी पारित किए गए और छह उप-समितियां बनाई गईं, जिनमें से पांच विश्वविद्यालय से जुड़े सवालों पर विचार करने के लिए और एक इंटरमीडिएट एजुकेशन प्रदान करने की व्यवस्था पर विचार करने के लिए। ये उप-समितियां नवंबर और दिसंबर, 1919 और जनवरी 1920 के महीनों के दौरान पूरी हुईं और 26 जनवरी, 1920 को लखनऊ में जनरल कमेटी के दूसरे सम्मेलन से पहले उनकी बैठकों की रिपोर्ट रखी गई। उनकी कार्यवाही पर विचार-विमर्श किया गया और कुछ उप-समितियों की रिपोर्ट कुछ संशोधनों के अधीन थी, जिनमें विश्वविद्यालय में मेडिकल कॉलेज को शामिल करने का सवाल था हालांकि राय की अभिव्यक्ति के लिए समय लिया गया। महमूदबाद और जहांगीराबाद के राजा ने एक-एक लाख रूपए दान के लिए घोषणा की थी।

उप-समिति की रिपोर्ट पर 7 अगस्त 1920 को सीनेट (Senate) की एक असाधारण बैठक में विचार किया गया जिस पर चांसलर की अध्यक्षता हुई और इस योजना को आम तौर पर अनुमोदित किया गया। इस बीच विश्वविद्यालय में मेडिकल कॉलेज को शामिल करने की कठिनाई हटा दी गई। अप्रैल 1920 के दौरान श्री सी.एफ. तत्कालीन लोक निर्देश, संयुक्त प्रांत के निदेशक डी ला फॉसे ने लखनऊ विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए एक ड्राफ्ट बिल तैयार किया, जिसे 12 अगस्त 1920 को विधान परिषद में पेश किया गया। इसके बाद एक चयन समिति को सूचित किया गया जिसमें संशोधनों की संख्या, विभिन्न विश्वविद्यालय निकायों के संविधान के उदारीकरण और वाणिज्य संकाय को शामिल करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण सुझाव दिया गया। इस विधेयक को संशोधित रूप में 8 अक्टूबर 1920 को पारित किया गया। लखनऊ विश्वविद्यालय अधिनियम संख्या 5 को नवंबर 1, 1920 को लेफ्टिनेंट-गवर्नर की और नवंबर 25, 1920 को गवर्नर-जनरल की सहमति प्राप्त हुई थी।

मार्च 1921 में विश्वविद्यालय का न्यायालय गठित किया गया और न्यायालय की पहली बैठक 21 मार्च 1921 को हुई जिस पर चांसलर की अध्यक्षता हुई। अन्य विश्वविद्यालय के अधिकारियों जैसे कार्यकारी परिषद, शैक्षणिक परिषद, और संकाय अगस्त और सितंबर, 1921 को अस्तित्व में आये। 17 जुलाई 1921 को विश्वविद्यालय औपचारिक और अनौपचारिक दोनों शिक्षण के लिए खुल गया था। कला, विज्ञान, वाणिज्य और कानून के संकायों का शिक्षण कैनिंग कॉलेज में किया जा रहा था और राजा जॉर्ज के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चिकित्सा के संकाय का अध्यापन किया गया था। कैनिंग कॉलेज को 1 जुलाई, 1922 को विश्वविद्यालय के पास सौंप दिया गया था। 1 मार्च, 1921 को किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज और किंग जॉर्ज अस्पताल को सरकार द्वारा विश्वविद्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया। लखनऊ विश्वविद्यालय की स्थापना 20 वीं शती में एक उत्कृष्ट विश्वविद्यालय के रूप में की गयी थी।

1. http://www.lkouniv.ac.in/article/en/history



RECENT POST

  • कैसे हुई विश्व शांति दिवस मनाने की शुरुआत?
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     22-09-2019 09:35 AM


  • ग्वालियर घराने के निम्न दिग्गज असल में थे लखनवी
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     21-09-2019 12:19 PM


  • पुरानी यादों को तरोताज़ा करती है विभिन्न वस्तुओं की महक
    गंध- ख़ुशबू व इत्र

     20-09-2019 12:12 PM


  • चाईनीज़ चेकर से मिलता जुलता भारतीय सुरबग्घी का खेल
    हथियार व खिलौने

     19-09-2019 11:56 AM


  • चंद्रमा की सतह पर अभी भी जीवित हैं टार्डिग्रेड्स
    कीटाणु,एक कोशीय जीव,क्रोमिस्टा, व शैवाल

     18-09-2019 11:05 AM


  • लखनऊ में हुई थी दम बिरयानी की उत्पत्ति
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     17-09-2019 11:06 AM


  • जीन में फेरबदल कर बन सकते हैं डिज़ाइनर बच्चे
    डीएनए

     16-09-2019 01:31 PM


  • जे. सी. बोस का भारतीय अभियांत्रिकी और विज्ञान में अमूल्य योगदान
    आधुनिक राज्य: 1947 से अब तक

     15-09-2019 02:14 PM


  • अवध और लॉर्ड वैलेस्ली की सहायक संधि
    मध्यकाल 1450 ईस्वी से 1780 ईस्वी तक

     14-09-2019 10:05 AM


  • बीते समय के अवध के शाही फव्वारे
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     13-09-2019 01:37 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.