चित्रमाला के रूप में लखनऊ

लखनऊ

 24-04-2018 01:03 PM
द्रिश्य 1 लेंस/तस्वीर उतारना

लखनऊ की 1857 की क्रांति को वैसे तो उसी वक़्त चित्रों में कैद नहीं किया गया था परन्तु उसके एक वर्ष के बाद उस समय का चित्र कैद किया गया था। लखनऊ की इन तस्वीरों को बनाने के लिए कब्र में दफन मुर्दों को पुनः उठा कर सड़कों आदि पर फैलाया गया था जिससे कि ऐसा लगे कि कल ही की बात हो। इस कार्य के लिए बुलाया गया था युद्ध के फोटोग्राफर के रूप में मशहूर फेलिस बियातो जिन्होंने क्रीमियन युद्ध को अपने कैमरे में कैद किया था तथा बर्मा के युद्ध को भी जिसने संजोया था। 1857 के युद्ध को संजोने की कल्पना बियातो के लिए आसान नहीं था।

1857 में फोटोग्राफी एक श्रमसाध्य प्रक्रिया थी। यह एक समय था जब फोटोग्राफी आज की तरह आसान ना थी। फिर भी बियातो एक सनकी व्यक्ति था जिसने यह ठान लिया था कि वह युद्ध सम्बन्धी फोटो खीचेगा। बियातो सर्वप्रथम 1857 में कलकत्ता आया था। कलकत्ता आने के उपरांत ही यहाँ पर स्वतंत्रता की पहली लड़ाई की रणभेरी बज चुकी थी। कुछ ही महीनों बाद बियातो ने बंगाल से दिल्ली की यात्रा की। इस यात्रा के दौरान बियातो ने कई चित्र लिए, उसने भारतीय श्रमिकों के पूर्ण कारवां के साथ आराम से यात्रा की। बियातो ने तस्वीरों के लिए स्थान की तलाश देश के उत्तर में की। ऐसा माना जाता है कि बियातो शवों को चित्रित करने वाला पहला व्यक्ति था। उसने लखनऊ में सिकंदर बाग में मारे गए भारतीयों के शवों को निकाल कर सिकंदर बाग़ में फैलवाया था जिससे चित्र असली लग सके और वह नरसंहार को चित्रित कर सके। उसके खींचे हुए चित्र सड़कों पर अलग-अलग खोपड़ीयों को दिखाते हैं।

दिए गए चित्र में लखनऊ को दिखाया गया है। यह चित्र बियातो द्वारा ही लिया गया था। इस प्रकार के चित्रों को चित्रमाला नाम से जाना जाता है। चित्रमाला प्रकार के चित्र खींचना बियातो की खासियत हुआ करती थी। इस तकनीक में बियातो एक जगह पर खड़े रहके एक ही स्थान की अलग अलग कोण से एक से अधिक चित्र खींचता और अंत में उन्हें जोड़ता। इस प्रकार के चित्र से स्थान की विशालता का अंदाज़ा बेहतर तरीके से लगाया जाता है। प्रस्तुत चित्र में बियातो ने 6 चित्रों को जोड़ लखनऊ का एक चित्र प्रस्तुत किया है। पूर्ण चित्र को यहाँ दो चित्रों के रूप में दर्शाया गया है। यह चित्र पूरे विश्व में मशहूर हुआ था।

1.https://scroll.in/article/666129/haunting-images-of-indias-1857-uprising-against-the-british-shot-by-felice-beato
2.https://en.wikipedia.org/wiki/Felice_Beato
3.https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Felice_Beato_(British,_born_Italy_-_(Panorama_of_Lucknow,_Taken_from_the_Kaiserbagh_Palace)_-_Google_Art_Project.jpg



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