लखनऊ की उमराव तब और आज

लखनऊ

 29-04-2018 12:07 PM
द्रिश्य 1 लेंस/तस्वीर उतारना

जब फिल्मों का नाम आता है, तब लखनऊ का ज़िक्र न हो ऐसा तो हो ही नहीं सकता। लखनऊ से कई कलाकार तो बॉलीवुड फिल्मों में गए ही हैं पर साथ ही साथ यहाँ पर कई फिल्मों का निर्माण भी किया गया है। कुछ फ़िल्में यहाँ के किरदारों पर भी आश्रित हैं, उन्ही में से एक है उमराव जान। इस फिल्म को दो बार दो विभिन्न समय काल में बनाया गया था जिसमें से पहली फिल्म अत्यंत बड़े पैमाने पर दर्शकों द्वारा पसंद की गयी थी और वहीँ दूसरी ओर दूसरी फिल्म को दर्शकों ने इतना नहीं सराहा।

यदि वैश्विक स्तर पर देखा जाये तो कई ऐसी फिल्मों का नाम आता है जो पहली बार में दर्शकों द्वारा बड़े पैमाने पर सराही गयी थी तथा रीमेक (Remake) के दौरान उनको कम लोगों ने सराहा। उदहारण के तौर पर दोबारा बनी हर फिल्म को लिया जा सकता है। दर्शकों के दिमाग में सदैव पहली फिल्म के ही पात्र बस जाते हैं जिस कारण उन्हें रीमेक के पात्र पसंद नहीं आते। और यही हुआ उमराव जान फिल्म के साथ। उमराव जान की प्रमुख अदाकारा के रूप में जो चेहरा दर्शकों के दिलो दिमाग में छाया वह था रेखा का जिस कारण ऐश्वर्या को दर्शकों ने उस किरदार में देखना नहीं चाहा। कई बार एक कहानी को ही दूसरी बार दिखाने से भी लोगों के अन्दर का उत्साह ख़त्म सा हो जाता है जिस कारण रीमेक फिल्म रुपहले परदे पर कम लोगों द्वारा देखी जाती है।

1981 में बनी उमराव जान फिल्म में मुख्य सिनेमैटोग्राफर प्रवीण भट्ट थे जिन्होंने फिल्म के प्रत्येक सीन के लिए अत्यंत मेहनत और सोच विचार किया। यही कारण है कि उस फिल्म में अत्यंत उम्दा सनेमैटोग्राफी देखी जाती है। 2006 में बनी उमराव जान में सनेमैटोग्राफी अयंका बोस द्वारा की गयी थी। 1981 के उमराव जान की शूटिंग मुंबई में सेट पर व चोर बाज़ार में हुयी थी, सेट को लखनऊ के आधार पर बनाया गया था तथा कैसरबाग लखनऊ में भी इसके गाने 'दिल चीज क्या है' की शूटिंग की गयी थी। वहीँ 2006 में बनी उमराव जान का सेट जयपुर के समर पैलेस में बनाया गया था। उमराव जान किरदार एक मुशायरे से प्रेरित है जहाँ पर इसकी किरदार शायरियां पढ़ती है, यह लखनऊ के नवाबी अंदाज़ को भी प्रदर्शित करता है।

लखनऊ मुशायरों और शायरियों के लिए जाना जाता है, यहाँ से कई शायर निकले हैं जिन्होंने इस शहर के लिए तक्शीदें पढ़ी हैं। लखनऊ के इस रूप के लिए नवाब वाजिद अली शाह को माना जा सकता है जिन्होंने लखनऊ में कला को फलने और फूलने का अवसर प्रदान किया। इन्हीं कारणों से यहाँ पर कई ग्रंथों और उपन्यासों की रचना की गयी और उन्हीं उपन्यासों में से एक है उमराव जान। उमराव जान फिल्म ने अपने पहले रूप में कई कीर्तिमान खड़े किये थे तथा आज भी यह फिल्म एक श्रेष्ठ फिल्मों की श्रंखला में गिनी जाती है।

1. http://3bollywoodqueens.blogspot.in/2011/12/umrao-jaan-1981-2006-courtesans.html
2. https://io9.gizmodo.com/8-reasons-movie- reboots-fail-465458531
3. http://creative.sulekha.com/umrao-jaan- vs-umrao- jaan_186154_blog
4. http://www.dbknews.com/2016/11/30/movie-remakes- scarface-nightmare- on-elm- street/
5. http://cineplot.com/umrao-jaan-1981/
6. http://www.filmapia.com/where-is- it-shot/films/umrao- jaan
7. https://en.wikipedia.org/wiki/Umrao_Jaan_(2006_film)



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