ऑफिस बैठे गरमागरम खाना, टिफिन से हुआ संभव

लखनऊ

 11-05-2018 01:45 PM
घर- आन्तरिक साज सज्जा, कुर्सियाँ तथा दरियाँ

'टिफ़िन' एक आंग्ल-भारतीय शब्द है जो हल्के भोजन का वर्णन करता है। माइक्रोवेव (Microwave) और फ़ास्ट-फ़ूड रेस्तरां (Fast-Food Restaurants) के पहले भारत के लोग टिफ़िन से खाना खाया करते थे। टिफ़िन में घर का बना ताज़ा खाना गरम रहता है; लोग अपने कार्यालयों में इनका आनंद लिया करते थे। परम्परागत रूप से टिफ़िन-बॉक्स में तीन या चार गोल खाने होते हैं और यह स्टेनलेस स्टील (Stainless Steel) के बने हुए होते हैं। ये सभी खाने एक के ऊपर एक रखके बांधे जाते हैं ताकि एक सुगठित टिफिन बन सके और साथ ही आसानी से संभाला ja सके। टिफिन का हर खन स्टील का बना हुआ होता है और इसके ऊपर धातु का हैंडल (Handle) लगा होता है ताकि इसे उठाने में मदद मिले।

धातु गर्मी का अच्छा परिचालक है और इसलिए खाना टिफ़िन में काफी समय तक गरम और ताज़ा रहता है, टिफ़िन में कई खन होने के कारण अलग-अलग प्रकार की खाद्य सामग्रियां रखी जा सकती हैं और इनमें एक दूसरे से मिलावट भी नहीं होती। टिफ़िन बॉक्स का वितरण भारत में सौ साल पहले अंग्रेज़ सरकार के अंतर्गत हुआ था। अंग्रेजी कार्यकर्ताओं तक खाना पहुँचाने के लिए टिफ़िन बॉक्स का वितरण किया जाने लगा और आज तक यह प्रतिक्रिया चल रही है। यह आज डब्बावाला के नाम से प्रसिद्ध है। यह डब्बेवाले गाँधी टोपी और लम्बे शर्ट पहनते हैं, यह लोग मुंबई में काफ़ी मशहूर हैं और इनकी एक अलग ही पहचान होती है। यह लोग बहुत कम रूपए में खाना पहुंचाते हैं (465 रूपए/महीने), इनके कारण आज भी यह प्रथा जीवित है।

टिफिन उठाने से लेकर उसे पहुँचाने तक की प्रक्रिया में 2 घंटे के करीब लगते हैं और उसके बाद इन टिफिनों को वापस उनके घर पहुँचाने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। इनकी ख़ास बात तो यह है कि ये लोग डब्बे को एकदम सही पते पर पहुंचा देते हैं, हर डब्बे पर एक सांख्यिक कोड रहता है जिससे कि ग्राहक का पता चलता है। इस पूरे वितरण की क्रिया को होने में मात्र 2 घंटे लगते हैं। इन डब्बेवालों के द्वारा हर दिन 2 लाख भोजन मुंबई भर में पहुँचाये जाते हैं।

1. मास प्रोडक्शन- फ़ायडॉन प्रेस



RECENT POST

  • वाहनों की गति को मापता रडार स्पीड गन
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     21-10-2019 12:01 PM


  • तेज़ी से बढती मोबाइल उपयोगकर्ताओं की वैश्विक दर
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     20-10-2019 10:00 AM


  • क्या है वर्तमान भारत में बाघों की स्थिति?
    स्तनधारी

     19-10-2019 11:51 AM


  • खोज के युग से ही हुआ था मानव सभ्यता का विकास
    समुद्र

     18-10-2019 10:59 AM


  • बड़े और छोटे इमामबाड़े के अलावा भी है लखनऊ में एक और प्राचीन इमामबाड़ा
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     17-10-2019 10:49 AM


  • भोजन का अधिकार है हर व्यक्ति का बुनियादी अधिकार
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     16-10-2019 12:34 PM


  • दुर्गा पूजा में पेश किया जाने वाला पारंपरिक भोग
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     15-10-2019 12:33 PM


  • भारतीय प्राचीन लिपियों में से एक है ब्रह्मी लिपि
    ध्वनि 2- भाषायें

     14-10-2019 02:40 PM


  • कैसे एक डाकू से महर्षि वाल्मीकि बने रत्नाकर
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     13-10-2019 10:00 AM


  • उत्तर प्रदेश की आखिरी मीटर गेज रेलवे लाइन
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     12-10-2019 10:00 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.