ब्रायलर या देसी, फायदेमंद क्या?

लखनऊ

 22-05-2018 01:46 PM
स्वाद- खाद्य का इतिहास

लखनऊ का और चिकन का रिश्ता अत्यंत गहरा है। यहाँ चिकन खाया भी जाता है और चिकन पहना भी जाता है। अभी जिस चिकन की बात यहाँ की जा रही है वह है खाने का चिकन। लखनऊ को नवाबों की नगरी के रूप में जाना जाता है। यहाँ पर खाने की एक अलग ही महत्ता है। कबाब से लेकर बिरयानी तक यहाँ पर प्रमुखता से खायी जाती है। हाल में खाद्य जगत में कई बदलाव दर्ज किये गए हैं जिनमें से एक बड़ी क्रांति है मुर्गों के व्यापार में। कुछ ही दशकों पहले मुर्गे अत्यंत महंगे होते थे जिसका कारण था कि मात्र देसी मुर्गे ही बाजारों में पाए जाते थे। देसी मुर्गे बढ़ने में अत्यंत समय लेते हैं जिस कारण इन पर ज्यादा खर्च करना पड़ता है। औद्योगिक क्रांति ने एक नए प्रकार के मुर्गे को जन्म दिया जिसको हम ब्रायलर मुर्गे के नाम से जानते हैं। इस नए प्रकार के मुर्गे के आजाने के कारण मुर्गे के उद्योग में अभूतपूर्व बढ़ोतरी देखने को मिली और मुर्गों के दाम में भी बड़ी भारी गिरावट देखी गयी।

आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा अंडा उत्पादन करने वाला देश बन गया है और ब्रायलर मुर्गे के उत्पादन में भारत का तीसरा स्थान है। भारत प्रत्येक वर्ष 65,000 मिलियन अंडे और 3.8 मिलियन टन पोल्ट्री मांस का उत्पादन करता है। भारत में प्रति व्यक्ति चिकन की खपत अत्यंत तेजी से बढ़ी है खासतौर पर शहरों में चिकन खाने की आदत में अभूतपूर्व बढ़ोतरी देखने को मिली है। भारत में चिकन का बाजार 90,000 करोड़ का है जो कि अपने में एक कीर्तिमान है। भारत का प्रोसेस्ड चिकन का बाजार करीब 5000 करोड़ का है। यदि चिकन व्यापार में बदलाव को देखेंगे तो 1920 के दशक में बाजार में मिलने वाले चिकन का वजन करीब 2.5 पाउंड हुआ करता था जो कि ब्रायलर के आजाने के बाद करीब 6 पाउंड हो गया।

जैसा कि चिकन का उद्योग मांस और खाद्य से जुड़ा हुआ है तो यह जानना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि देसी चिकन खाने में उत्तम होता है या ब्रायलर। देशी चिकन करीब 6 महीने में तैयार होता है तथा इसका प्रमुख भोजन कीड़े मकोड़े आदि होते हैं। वहीँ ब्रायलर जल्द तैयार हो जाते हैं तथा उनको ज्वार, सोयाबीन आदि खिलाया जाता है। ब्रायलर चिकन को स्टेरॉयड की सूईं दी जाती है जिससे वे जल्द बड़े और मोटे हों जिससे ज्यादा मुनाफा प्राप्त किया जा सके। इस दवाई के कारण ये मुर्गे खाने में स्वाद भी कम देते हैं और मानव के स्वास्थ्य पर गलत असर भी डालते हैं। हाल ही में मुर्गा सम्बंधित बीमारी बर्ड फ्लू का भी खतरा बढ़ा था तथा इसका सीधा सम्बन्ध ब्रायलर मुर्गों से ही था। ऑर्गेनिक चिकन भी बाजार में उपलब्ध है जो कि बिना किसी दवाई के तैयार किया जाता है। खाने की प्लेट में कौन सा चिकन आ रहा है इसका ख़ास ध्यान रखना जरूरी है क्यूंकि दवाई के सहारे पाले गए मुर्गे शरीर में कई प्रकार की बीमारियों को जन्म देते हैं।

1.https://www.chickencheck.in/faq/supersized-chicken/
2.https://www.chickencheck.in/infographics/chicken-growth/
3.https://www.quora.com/Why-is-Country-Chicken-Desi-Murga-tastier-than-Broiler-Chicken
4.https://economictimes.indiatimes.com/industry/cons-products/food/poultry-market-likely-to-see-double-digit-growth-in-2015/articleshow/45635751.cms
5.https://economictimes.indiatimes.com/industry/cons-products/food/spate-in-quick-service-eateries-help-processed-chicken-rule-the-roost/articleshow/57406721.cms



RECENT POST

  • हम लखनऊ वासियों को समझनी होगी प्रदूषण, अतिक्रमण से पीड़ित जल निकायों व नदियों की पीड़ा
    नदियाँ

     25-05-2022 08:16 AM


  • लखनऊ के हरित आवरण हेतु, स्थानीय स्वदेशी वृक्ष ही पारिस्थितिकी तंत्र के लिए सबसे उपयुक्त
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     24-05-2022 07:37 AM


  • स्वास्थ्य सेवा व् प्रौद्योगिकी में माइक्रोचिप्स की बढ़ती वैश्विक मांग, क्या भारत बनेगा निर्माण केंद्र?
    खनिज

     23-05-2022 08:50 AM


  • सेलफिश की गति मछलियों में दर्ज की गई उच्चतम गति है
    व्यवहारिक

     22-05-2022 03:40 PM


  • बच्चों को खेल खेल में, दैनिक जीवन में गणित के महत्व को समझाने की जरूरत
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     21-05-2022 11:09 AM


  • भारत में जैविक कृषि आंदोलन व सिद्धांत का विकास, ब्रिटिश कृषि वैज्ञानिक अल्बर्ट हॉवर्ड द्वारा
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     20-05-2022 10:03 AM


  • लखनऊ की वृद्धि के साथ हम निवासियों को नहीं भूलना है सकारात्मक पर्यावरणीय व्यवहार
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     19-05-2022 09:47 AM


  • एक समय जब रेल सफर का मतलब था मिट्टी की सुगंध से भरी कुल्हड़ की स्वादिष्ट चाय
    म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

     18-05-2022 08:47 AM


  • उत्तर प्रदेश में बौद्ध तीर्थ स्थल और उनका महत्व
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     17-05-2022 09:52 AM


  • देववाणी संस्कृत को आज भारत में एक से भी कम प्रतिशत आबादी बोल व् समझ सकती है
    ध्वनि 2- भाषायें

     17-05-2022 02:08 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id