साइकिल चलाने से बनेगी या उल्टा बिगड़ेगी सेहत?

लखनऊ

 28-05-2018 02:10 PM
नगरीकरण- शहर व शक्ति

यदि यह कहा जाए कि कई शहरों में बाह्य वातावरण में कसरत या व्यायाम करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है तो कई लोग इस बात को मजाक में समझ सकते हैं। यह बात कटु है पर सत्य है। किसी भी शहर का वातावरण उसके निवासियों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और यही कारण है कि विश्व भर के मशहूर शहरीकरण वैज्ञानिक शहर में पेड़ पौधों की अधिकता पर जोर देते हैं। भारत में कई ऐसे शहर हैं जो कि वायु प्रदूषण और अन्य प्राकृतिक प्रदूषणों से जूझ रहे हैं। उन्ही शहरों में से एक शहर लखनऊ भी है जहाँ की वायु अत्यंत दूषित है और यहाँ पर सांस लेने वाला आदमी बड़ी मात्रा में प्रदूषण अपने शरीर में खींचता है। वायु प्रदूषण के माप पी.एम. 2.5 के स्तर पर देखा जाए तो लखनऊ वायु प्रदूषण के सबसे ख़राब स्तर के शहरों में 18वें पायदान पर है। यह सोचने वाली बात है कि इलाहाबाद सबसे ख़राब हवा के स्तर पर विश्व में तीसरे पायदान पर है। यदि इलाहबाद और लखनऊ में प्रदूषण के एक महत्वपूर्ण बिंदु को देखा जाये तो अत्यंत चौकाने वाला आंकड़ा आता है। जैसा कि साइकिल का प्रयोग शुरुआत में एक संचार के साधन में किया जाता था, आज भी इसका इस्तेमाल कई लोगों द्वारा संचार के साधन के रूप में ही किया जाता है। लेकिन साइकिल के प्रयोग के साथ एक महत्वपूर्ण बदलाव पिछले कुछ दशकों में आया है और वह बदलाव है साइकिल का इस्तेमाल व्यायाम के तौर पर करना।

अब यदि साइकिल को चलाने को लेकर अध्ययन किया जाए तो यह महत्वपूर्ण विषय हो जाता है कि क्या पी.एम. 2.5 के खतरनाक स्तर वाले शहरों में भी इसको चलाया जाना सही है? जवाब है ना क्यूंकि साइकिल चलाते वक़्त व्यक्ति तेज़ी से सांस लेता है और ऐसे में उसके शरीर में प्रदूषित वायु तेज़ी के साथ प्रवेश करती है। ऐसी स्थिति में मनुष्य के शरीर को जो फायदा होना चाहिए वो बल्कि नुक्सान में तब्दील हो जाता है। अब यह बिंदु भी महत्वपूर्ण है कि इलाहाबाद में और लखनऊ में कितना मिनट साइकिल चलाने पर शरीर को ज्यादा हानि होती है? उत्तर है इलाहाबाद में यदि मनुष्य 30 मिनट से ज्यादा साइकिल चलाता है तो उसके शरीर को नुकसान का सामना करना पड़ सकता है और वहीँ यदि लखनऊ में व्यक्ति 75 मिनट से ज्यादा साइकिल चलाता है तो शरीर को विभिन्न समस्याएं हो सकती हैं।

साइकिल के अलावा व्यक्ति को जिम व व्यायाम करने पर भी विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस खतरनाक वायु के प्रदूषण से बचने का एक ही विकल्प है और वह है पर्यावरण का संरक्षण। सही वायु ही सही स्वास्थ्य और शहर के लिए उत्तम है और इनके स्वस्थ रहने पर ही प्रगति की सीढ़ियों को चढ़ा जा सकता है।

1.https://www.theguardian.com/cities/2017/feb/13/tipping-point-cities-exercise-more-harm-than-good



RECENT POST

  • मदद करने से मिलती है खुशी
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     17-01-2021 12:14 PM


  • क्या मिक्सर ग्राइंडर से बेहतर है भारत भर में प्रचलित सिलबट्टा
    वास्तुकला 2 कार्यालय व कार्यप्रणाली

     16-01-2021 12:32 PM


  • वास्तुकला का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करती है, लखनऊ की तारे वाली कोठी शाही वेधशाला
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     15-01-2021 12:56 AM


  • अग्नि और सूर्य देवता को समर्पित है, लोहड़ी का उत्सव
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     14-01-2021 12:15 PM


  • क्या है आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से वजन बढ़ने का कारण?
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     13-01-2021 12:15 PM


  • अर्थव्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए उत्तरदायी भारतीय रिजर्व बैंक
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     12-01-2021 11:40 AM


  • लॉकडाउन में बड़ी अंत:कक्ष खेलों की लोकप्रियता
    हथियार व खिलौने

     11-01-2021 10:53 AM


  • अति प्राचीन और स्वर्ग से आया प्रतीत होता है, जॉर्जिया का बहु-ध्वनिक लोक गायन
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     10-01-2021 03:04 AM


  • क्या है इंटरनेट की अंधेरी दुनिया और क्यों है हमें इससे खतरा?
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     09-01-2021 01:22 AM


  • जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं को उजागर करती है फोटोग्राफी
    द्रिश्य 1 लेंस/तस्वीर उतारना

     08-01-2021 02:28 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id