जीव एवं वनस्पति कोशिका की रचना

लखनऊ

 06-06-2018 12:02 PM
कोशिका के आधार पर

कोशिका प्रत्येक जीवित तत्व का एक प्रमुख हिस्सा है। जीव जगत से लेकर वनस्पति जगत तक में कोशिकाएं पायी जाती हैं। वनस्पतियों की कोशिकाएं यूकार्योटिक (Eukaryotic) कोशिकाएं होती हैं जो अन्य यूकार्योटिक जीवों से कई मौलिक कारकों में भिन्न होती हैं। पौधे और पशु की कोशिकाओं में समान अंगों के साथ नाभिक होता है। फिर भी एक पौधे की कोशिकाएं अत्यंत विशिष्ट होती हैं। इसकी कोशिका झिल्ली के बाहर की दीवार पर उपस्थिति होती है। वहीँ पशुओं में यह झिल्ली के अन्दर होती है। वनस्पतियों की कोशिकाएं पशु कोशिकाओं की अपेक्षा तुलनात्मक रूप से बड़ी होती हैं जो आयताकार आकार में होती हैं। वनस्पतियों की जीवन शैली भी जीवों की जीवन शैली से भिन्न होती है। पौधों और जीवों की कोशिकाओं के अंतर को सामान्य आँखों से नहीं देखी जा सकता। इसको देखने के लिए सूक्ष्मदर्शी की आवश्यकता पड़ती है। कोशिकाओं के कुछ महत्वपूर्ण भाग निम्नलिखित हैं-

1. कोशिका की दीवार- यह सेल्यूलोस (Cellulose), ग्लायकोप्रोटीन (Glycoprotein), लिग्निन (Lignin), पेक्टिन (Pectin), और हेमीसेल्यूलोस (Hemicellulose) का बना होता है। इसका मुख्य कार्य होता है कोशिका के आकार को बरक़रार रखना।
2. कोशिका झिल्ली- यह एक प्रोटीन और वसा की पतली थैली होती है जो कुछ कणों को अन्दर बाहर करने का काम करती है।
3. नाभिक- यह एक झिल्लीदार संरचना है। एक नाभिक का महत्वपूर्ण कार्य डीएनए या वंशानुगत सामग्री को इकठ्ठा करना है जिसमें कोशिकीय विभाजन, चयापचय, और विकास शामिल है।
4. प्लास्टीड (Plastid)- यह एक झिल्लीदार अंग है जिनके स्वयं के डीएनए होते हैं। ये प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए स्टार्च को स्टोर करने और कोशिकीय एकत्रीकरण को रोकने का कार्य करते हैं।
5. केन्द्रीय रिक्तिका- यह एक पूर्ण विकसित कोशिका के 30% के स्थान पर रहती है। यह कोशिका और दीवार के मध्य एक जोर बना कर रखती है।
6. गोलगी (Golgi) उपकरण- ये यूकार्योटिक कोशिकाओं में सामान्य रूप से पाए जाते हैं जो कोशिका में संश्लेषित बड़े अणुओं को विभाजित करता है।
7. राइबोसोम्स (Ribosomes)- ये आर.एन.ए. (Ribonucleic Acid) और प्रोटीन के मिश्रण हैं तथा ये झिल्ली के सबसे छोटे अणु हैं।
8. माइटोकोंड्रिया (Mitochondria)- ये सभी यूकेरियोटिक कोशिकाओं के सायटोप्लास्म (Cytoplasm) में पाए जाने वाले दोहरे-झिल्ली वाले अंग हैं। ये कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrate) और चीनी के अणुओं को तोड़कर ऊर्जा प्रदान करते हैं, इसलिए उन्हें कोशिका के शक्ति केन्द्रक के रूप में भी जाना जाता है।
9. लायज़ोसोम (Lysosome)- ये पाचन की क्रिया को पूरा करते हैं।

इस प्रकार से हम देख सकते हैं कि एक वनस्पति की कोशिका कितनी गहन होती है। इसी के आधार पर लखनऊ की समस्त वनस्पतियों की कोशिकाएं कार्यरत हैं।

1. https://byjus.com/biology/plant-cell/
2. https://micro.magnet.fsu.edu/cells/plantcell.html
3. http://www.enchantedlearning.com/subjects/plants/cell/
4. https://biologydictionary.net/plant-cell/



RECENT POST

  • भारत की ज़मीन पर चीते की एक और दस्तक
    स्तनधारी

     24-02-2020 03:00 PM


  • खाली घोंसला संलक्षण (Empty Nest Syndrome) पर आधारित एक लघु फिल्म
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     23-02-2020 03:30 PM


  • लखनऊ में बहुत विशाल पैमाने पर किया गया डिफेंस एक्सपो (Defence Expo)
    हथियार व खिलौने

     22-02-2020 01:30 PM


  • लखनऊ का मनकामेश्वर मंदिर है, बहुत प्राचीन
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     21-02-2020 11:30 AM


  • लंदन के संग्रहलयों के संग्रह में मौजूद हैं लखनऊ की वस्तुएं
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     20-02-2020 12:30 PM


  • क्या प्रभाव पड़ेगा कोरोना वायरस के प्रकोप का वैश्विक अर्थव्यवस्था में
    कीटाणु,एक कोशीय जीव,क्रोमिस्टा, व शैवाल

     19-02-2020 11:10 AM


  • समय से लड़ता लखनऊ का मुग़ल साहिबा का इमामबाड़ा
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     18-02-2020 01:20 PM


  • पर्यावरण को स्वस्थ और अधिक शांतिपूर्ण बनाता है लखनऊ का फूल बाजार
    बागवानी के पौधे (बागान)

     17-02-2020 01:25 PM


  • बिना मिटटी के भी उगा सकते हैं, घर के अन्दर साग-सब्जियां
    बागवानी के पौधे (बागान)

     16-02-2020 10:00 AM


  • कैसे करती है सौर चमक (Solar Flare) पृथ्वी को प्रभावित?
    जलवायु व ऋतु

     15-02-2020 01:30 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.