गर्मियों में अमलतास की सुनहरी रंगत

लखनऊ

 11-06-2018 02:45 PM
पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

अमलतास का पेड़ गर्मियों के आते ही अपनी एक छटा बिखेरना शुरू करता है। इसके पेड़ पर सूर्य की रौशनी जिस प्रकार से पड़ती है यह उसी प्रकार से आस-पास में प्रकाश फैलाना शुरू करता है। अमलतास विभिन्न कवियों की कल्पना है कि यह कठिन परिस्थिति में मुस्कुराते रहने की प्रेरणा है। एक तरफ सूर्य अपने उफान पर है और सब जंगल झाड़ी को अपनी ऊष्मा से तहस नहस करने को आमादा रहता है, वहीं दूसरी तरफ अमलतास अपनी छोटी और नाजुक कलियों को खिलाने का काम करता है। जंगल मे ही नहीं अपितु गाँव और शहरों में जहाँ सभी पानी की एक बूँद को तरसते हुए घर से निकलने की हिम्मत नहीं कर पाते हैं वहीँ पर अमलतास अपना सीना ताने गर्मी को चुनौती देता प्रतीत होता है।

अमलतास एक भारतीय मूल का पौधा है और यह संसार के सबसे खूबसूरत पौधों मे से एक है। अमलतास का पुष्प पीले रंग का होता है। अमलतास का लैटिन नाम ‘कैसिया फिस्टुला’ (Cassia Fistula) है तथा इसका संस्कृत नाम आराग्वध, राजवृक्ष, नृपद्रुम, हेमपुष्प, व्यधिघात है, अंग्रेजी में इसका नाम पुडिंग पाइप ट्री और हिंदी में अमलतास और धनबहेड़ा है। अमलतास एक अत्यंत ही महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक वृक्ष है तथा इसके बारे में चरक ने भी लिखा है। अमलतास का उपयोग विभिन्न बीमारियों में किया जाता है जैसे कफ को ख़त्म करने वाला, पेट साफ़ करने वाला, ज्वर, ह्रदय रोग, रक्तपित्त, वात व्याधि, शूल, गैस, प्रमेह, मूत्र कष्ट, गठिया, गले की तकलीफ, आँतों का दर्द, रक्त की गर्मी, नेत्र रोग और असंख्य ही रोगों से यह निजात दिलाता है। अमलतास सांप के काटने पर भी प्रयोग में लाया जाता है तथा यह सांप के जहर का तोड़ है।

अमलतास एक मध्यम ऊँचाई वाला पेड़ होता है तथा इसकी ऊँचाई करीब 10-20 मीटर होती है। इस पेड़ के पत्ते लम्बे होते हैं अतः इनकी लम्बाई करीब 7-21 सेंटी मीटर होती है और चौड़ाई करीब 5-9 सेंटीमीटर होती है। इसके पत्ते गुच्छे में होते हैं। अमलतास में फलियाँ लगती हैं और इनकी फली करीब 1-3 फुट बड़ी और एक इंच गोलाई मे होती हैं। यह शुरुआत में हरे रंग की होती है और पकने के बाद यह काले बेलन की तरह हो जाती है। अमलतास के पुष्प से एक रस भी निकलता है जो कि अत्यंत आयुर्वेदिक गुणों से संपन्न होता है। लखनऊ में अमलतास बड़े पैमाने पर पाया जाता है। यहाँ के बगीचों आदि में गर्मियों में अमलतास अपनी सुनहरी चमक फैलाते रहता है जिसपर रसपान करते अनेकों पक्षी हमें दिखाई दे जाते हैं।

1. http://www.planetayurveda.com/library/amaltas-cassia-fistula
2. द गार्डन ऑफ़ लाइफ, नवीन पाठक, डबलडे पब्लिशर्स, 1993



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