21 जून ग्रीष्मकालीन संक्रांति - मानव ब्रह्माण्ड का सहसम्बन्ध

लखनऊ

 21-06-2018 02:08 PM
जलवायु व ऋतु

108 एक अत्यंत महत्वपूर्ण अंक है भारतीय दर्शन, समाज और धर्म में। कई देवी देवताओं के नाम इसी के आधार पर रखे गये हैं जैसे दुर्गा के 108 नाम आदि। पूजा के दौरान फेरी जाने वाली माला में भी 108 दाने ही होते हैं जो यह प्रदर्शित करते हैं कि यह अंक अत्यंत ही महत्वपूर्ण है। कई प्रकार की पूजा में देवी देवताओं के नाम का जाप भी 108 बार ही किया जाता है। इसके अलावा 108 चक्र, 108 शक्ति पीठ, 108 शुभ बौद्ध प्रतीक आदि भी हैं। यदि भारत में 108 शुभ अंक को देखें तो यह मात्र हिन्दू धर्म में ही शुभ नहीं है बल्कि बौद्ध, जैन, सिख, आदि तथा अन्य तमाम धर्मों में जिनका जन्म भारत से हुआ है।

मानव शरीर और ब्रह्माण्ड का एक अहम सम्बन्ध है। यह दोनों आपस में जुड़े हुए हैं। दा विन्ची ने मनुष्य और ब्रह्माण्ड के मध्य सम्बन्ध स्थापित करता एक चित्र बनाया था परन्तु वे 108 की सटीकता से काफी दूर प्रतीत होते हैं। अब 108 के अन्य मापों को देखते हैं, सूर्य और पृथ्वी के मध्य की दूरी (92.96 मिलियन मील) सूर्य के व्यास की लगभग 108 गुना है और पृथ्वी और चन्द्रमा के बीच की दूरी (238900 मील) भी चन्द्रमा के व्यास की 108 गुना ही है। प्राचीन भारत में यह मानव-ब्रह्माण्ड का सम्बन्ध एक महत्वपूर्ण सहसंबंध था। इस महत्ता का अन्तर्निहित आधार हिन्दू ज्योतिष विज्ञान और संस्कृत भाषा की सटीकता है। वर्ष में दो बार यह मानव-ब्रह्माण्ड का सम्बन्ध अपने चरम पर होता है और साथ ही यह सम्बन्ध इस बात पर निर्भर करता है कि आप धरती पर कहाँ स्थित हैं। ये दो अवसर होते हैं – ग्रीष्मकालीन संक्रांति और शीतकालीन संक्रांति

संक्रांति एक खगोलीय घटना होती है जो कि वर्ष में दो बार होती है एक गर्मियों में और दूसरी सर्दियों में। यह घटना तब घटती है जब सूर्य उत्तरी या दक्षिणी ध्रुव से देखा जाता है और जब यह अपनी सबसे ज्यादा उंचाई पर पहुँच जाता है। यह दिन आज यानी 21 जून को प्रत्येक वर्ष आता है। यही कारण है कि गर्मियों का सबसे लम्बा दिन 21 जून को ही माना जाता है, सर्दियों की संक्रांति इसके बिलकुल उलट होती है। वहां पर 22 दिसम्बर को संक्रांति का आगमन होता है और वह वर्ष का सबसे छोटा दिन होता है। आज के दिन यानि कि 21 जून को उत्तरी गोलार्ध पर सबसे ज्यादा रौशनी पड़ती है जो एक कारण है कि यह दिन अन्य दिनों से ज्यादा बड़ा होता है। ग्रीष्मकालीन संक्रांति को अलास्का में सबसे ज्यादा महसूस किया जाता है। कारण कि यहाँ पर पूरे 24 घंटे सूर्य की रौशनी रहती है। भारत में भी आज का यह दिन अन्य दिनों से लम्बा होता है तथा सूर्य की ऊष्मा हमें ज्यादा संख्या में प्राप्त होती है।

1.https://www.indiatoday.in/education-today/gk-current-affairs/story/summer-solstice-15390-2016-06-21
2.http://kethooda.com/index.php/events/longest-day-of-the-year-in-india



RECENT POST

  • मदद करने से मिलती है खुशी
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     17-01-2021 12:14 PM


  • क्या मिक्सर ग्राइंडर से बेहतर है भारत भर में प्रचलित सिलबट्टा
    वास्तुकला 2 कार्यालय व कार्यप्रणाली

     16-01-2021 12:32 PM


  • वास्तुकला का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करती है, लखनऊ की तारे वाली कोठी शाही वेधशाला
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     15-01-2021 12:56 AM


  • अग्नि और सूर्य देवता को समर्पित है, लोहड़ी का उत्सव
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     14-01-2021 12:15 PM


  • क्या है आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से वजन बढ़ने का कारण?
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     13-01-2021 12:15 PM


  • अर्थव्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए उत्तरदायी भारतीय रिजर्व बैंक
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     12-01-2021 11:40 AM


  • लॉकडाउन में बड़ी अंत:कक्ष खेलों की लोकप्रियता
    हथियार व खिलौने

     11-01-2021 10:53 AM


  • अति प्राचीन और स्वर्ग से आया प्रतीत होता है, जॉर्जिया का बहु-ध्वनिक लोक गायन
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     10-01-2021 03:04 AM


  • क्या है इंटरनेट की अंधेरी दुनिया और क्यों है हमें इससे खतरा?
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     09-01-2021 01:22 AM


  • जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं को उजागर करती है फोटोग्राफी
    द्रिश्य 1 लेंस/तस्वीर उतारना

     08-01-2021 02:28 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id