इस किताब से समझते थे कई अंग्रेज़ हमारी बातें

लखनऊ

 07-07-2018 02:33 PM
ध्वनि 2- भाषायें

भारत पर अंग्रेजों का आधिपत्य एक लम्बे समय तक रहा था और इसका प्रभाव दोनों देशों पर ही नहीं बल्कि उनकी संस्कृति और भाषा पर भी पड़ा। यही कारण है कि आज अंग्रेजी और देशी दोनों ही भाषाओँ में ऐसे शब्द हमें दिखाई देते हैं जो कि अलग-अलग भाषाओँ से लिए गए हैं। लखनऊ अवध क्षेत्र में बसा हुआ है, यहाँ पर कई बार यदि बुज़ुर्ग लोगों से बात की जाती है तो कई अंग्रेजी के शब्द देशी लहजे में सुनाई दे जाते हैं जैसे कि यदि कोई राहगीर किसी से पता पूछता है और वह पता नज़दीक का ही रहता है तो अक्सर लोग कहते हैं “नियरे बा” अर्थात नजदीक ही है। यह शब्द अंग्रेजी के ‘नियर’ (Near) से लिया गया है। वैसे ही अंग्रेजी में कई ऐसे शब्द हैं जो कि हिंदी व अन्य देशी भाषाओँ से प्रभावित हैं।

इसी प्रकार से अंग्रेजी में एक किताब का लेखन किया गया था। यह किताब हिंदी और अंग्रेजी के उन शब्दों को प्रदर्शित करती है जो कि दोनों भाषाओँ में देखे जाते हैं। यह पुस्तक एक शब्दकोष है जो कई एंग्लो-इंडियन (Anglo-Indian) शब्दों, वाक्यांशों, सम्प्रदाय आदि पर आधारित है। यह पुस्तक कर्नल हेनरी यूल और ए.सी. बरनेल द्वारा लिखी गयी थी। पुस्तक का नाम है ‘होब्सन जोब्सन’ (Hobson-Jobson)। हम देखते हैं कि हिंदी शब्द ‘दाम’ किस प्रकार से अंग्रेजी में प्रयोग किया गया, ‘दमड़ी’ सिक्कों से सम्बंधित है और कभी-कभी हम ब्रिटिश नागरिक को यह शब्द बोलते सुन लेते हैं कि ‘नहीं आई वोंट गिव अ दमड़ी!’ (No, I won't give a dumree!) फिर चाहे उसे दमड़ी का सटीक मतलब पता हो या नहीं। यह पुस्तक जब छपी थी तो यह एक अत्यंत मशहूर किताब के रूप में उभर कर सामने आई थी। जितने भी ब्रिटिश भारत में कार्यरत थे, उनके लिए यह किताब रात के खाने के बाद पढ़ने वाली अत्यंत लोकप्रिय किताब हुआ करती थी। यह कई शासकीय शब्दों का सही अर्थ सिखाया करती थी जिसे ब्रिटिश लोगों को पढ़ना एवं जानना आवश्यक हुआ करता था। यह मजे के लिए भी पढ़ी जाने वाली किताब हुआ करती थी।

यह लोगों द्वारा खाये जाने वाले खाने के कई व्यंजनों को भी परिभाषित करती थी। चिली जो कि एक जाना पहचाना शब्द है, को लाल मिर्च के नाम से जाना जाता है। इस किताब के एकत्रिकर्ता यूल और बर्नेल कहते हैं, "इस बात में कोई संदेह नहीं है कि यह नाम दक्षिण अमेरिका के चिली (Chile) नामक राष्ट्र से लिया गया था, जहां से इस पौधे को भारतीय द्वीपसमूह में ले आया गया था।" इस किताब में नौकर-चाकर शब्द का प्रयोग किया गया है जो कि हिंदी भाषा के शब्द हैं। साथ ही इस किताब में द्विशब्दों का प्रयोग भी किया गया है जैसे कि हगर-मगर, हर्डी-गर्डी, टिप-टॉप, होकस-पोकस आदि। ऐसे ही हिंदी में हम प्रयोग करते हैं लोटा-सोटा, माथा-वाथा आदि। किताब का नाम होब्सन-जोब्सन भी ऐसे ही शब्द से बना है। हिंदी का बरामदा अंग्रेजी में वेरांडा (Verandah) नाम से जाना जाता है, कुछ और शब्द जैसे जिमखाना, पैजामा, चटनी, बाजार, ठग आदि ऐसे शब्द हैं जिन्हें अंग्रेजी में भी प्रयोग में लाया जाता है। यह किताब दो संस्करणों में छपी थी एक 1886 और दूसरी 1903 में।

संदर्भ:
1. https://www.bbc.com/news/magazine-18796493
2. https://www.visualthesaurus.com/cm/wordroutes/the-story-behind-hobson-jobson/
3. https://en.wikipedia.org/wiki/Hobson-Jobson



RECENT POST

  • गैरकानूनी होने के बावजूद भी आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं मोरपंख के हस्तशिल्प
    पंछीयाँ

     25-06-2019 11:18 AM


  • भारत की सबसे बड़ी दिग्गज आईटी कंपनियां एवं आईटी नौकरियों का भविष्य
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     24-06-2019 12:05 PM


  • भारत के कब्ज़े में है बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी
    हथियार व खिलौने

     23-06-2019 09:00 AM


  • भारत का केसरिया स्तूप हो सकता है इंडोनेशिया के बोरोबुदूर मंदिर की प्रेरणा
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     22-06-2019 11:33 AM


  • रामचरितमानस में योग का तात्पर्य
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     21-06-2019 11:20 AM


  • रामपुर और लखनऊ को संदर्भित करता रडयार्ड किपलिंग का प्रसिद्ध उपन्यास ‘किम’
    ध्वनि 2- भाषायें

     20-06-2019 11:26 AM


  • कब, कैसे और कहाँ हुई टाई की उत्पत्ति?
    स्पर्शः रचना व कपड़े

     19-06-2019 11:06 AM


  • तेप्ची कढ़ाई- जो मशीनों के इस दौर में भी हाथ से की जाती है
    स्पर्शः रचना व कपड़े

     18-06-2019 11:04 AM


  • क्या बंदर केवल शाकाहारी होते हैं?
    स्तनधारी

     17-06-2019 11:08 AM


  • समय के साथ स्वाभाविक होते पिता
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     16-06-2019 10:30 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.