चिड़ियाघर में जानवरों की रक्षा कम, हानि ज़्यादा

लखनऊ

 17-07-2018 01:09 PM
नगरीकरण- शहर व शक्ति

चिड़ियाघर एक ऐसा स्थान होता है जहाँ पर विभिन्न जानवरों को प्रदर्शन के लिए रखा जाता है। इन जानवरों में कई ऐसे भी जानवर होते हैं जो कि विलुप्तता की कगार पर हैं। आइये पहले जानते हैं कि आखिर एक चिड़ियाघर होता क्या है? चिड़ियाघर को अंग्रेज़ी में ‘ज़ू’ (Zoo) कहा जाता है जो कि ज़ूलॉजी (Zoology) शब्द से निकला हुआ है। यह एक ऐसा स्थान होता है जहाँ पर जानवरों को कैद कर के रखा जाता है तथा आम लोगों के आगे प्रदर्शित किया जाता है। ऐतिहासिक रूप से यदि देखा जाये तो चिड़ियाघर का इतिहास मेसोपोटामिया की सभ्यता तक जाता है। हांलाकि आधुनिक चिड़ियाघर प्राचीन चिड़ियाघर से भिन्न हैं, करण कि पहले चिड़ियाघर निजी तौर पर पाले गए जानवरों के आधार पर होते थे और अब वर्तमान में सरकार द्वारा नियंत्रित होते हैं। पहले अमीर लोग अपनी शक्ति और शौक के प्रदर्शन के लिए चिड़ियाघरों का निर्माण करते थे। इस प्रकार के निजी संग्रह को ‘मेनाजरी’ (Menagerie) कहा जाता था।

चिड़ियाघरों में ऐसे भी जानवरों को रखा जाता है जो उस स्थान से सम्बंधित नहीं होते हैं। जैसे उपनिवेशिक काल में भारत से बड़े पैमाने पर गैंडे और हाथियों को विदेशों में भेजा गया था। चिड़ियाघरों में ऐसे जानवरों को रखा जाता है जो कि विलुप्तता की कगार पर हों और वहां पर उन जानवरों का पालन कर के उनकी संख्या बढ़ाने का भी कार्य किया जाता है। परन्तु कई बार जानवर अपने प्राकृतिक निवास से दूर होने के कारण मृत्यु को प्राप्त हो जाते हैं। जैसे कोई जानवर अपने प्राकृतिक आवास में मुक्त रूप से विचरण करता है परन्तु यदि देखा जाए तो चिड़ियाघर में वह एक सीमित दूरी में ही या पिंजरे में रहने लगता है जिससे उसके ऊपर कई प्रभाव देखने को मिलते हैं। वर्तमान काल में कई चिड़ियाघर बिना पिंजरे के भी बनाये जा रहे हैं परन्तु वे प्राकृतिक छाप छोड़ने में असमर्थ हैं। हाल ही में मुंबई चिड़ियाघर में पेंगुइन को लाया गया तथा यह एक बड़ा कदम था परन्तु कुछ दिन बाद ही एक पेंगुइन की मृत्यु हो गयी। कारण कि पेंगुइन का प्राकृतिक आवास अंटार्टिका है और वे मुंबई के माहौल में नहीं रह पाते हैं। यह एक प्रकार का जानवर के ऊपर किया जाने वाला अत्याचार ही है। आधुनिक चिड़ियाघर का जन्म 18 वीं शताब्दी में यूरोप में हुआ। इस दौरान लोगों ने जानवरों के बारे में विषद जानकारी लेना प्रारंभ कर दिया था। प्राणीशास्त्र का अध्ययन इसी दौर में शुरू हुआ था और लोग जानवरों की संरचना पर अध्ययन करना शुरू कर चुके थे। ऐसी स्थिति में चिड़ियाघर एक महत्वपूर्ण अंग बन गए। पेरिस, फ्रांस में 1793 में पहला आधुनिक चिड़ियाघर खोला गया। ये चिड़ियाघर जीवित संग्रहालयों की तरह थे। आज चिड़ियाघर जनता के मनोरंजन और उन्हें शिक्षित करने के लिए हैं लेकिन इनमें साथ ही साथ वैज्ञानिक अनुसंधान और प्रजातियों के संरक्षण पर भी जोर दिया गया है। चिड़ियाघरों के भी कई प्रकार होते हैं जैसे शहरी चिड़ियाघर, पालतू चिड़ियाघर, सफारी पार्क और गेमिंग चिड़ियाघर आदि। लखनऊ का चिड़ियाघर शहरी चिड़ियाघर की संज्ञा में आता है

लखनऊ का चिड़ियाघर वर्तमान काल में कई सुविधाओं से लैस किया जा रहा है जिसमें सूर्य उर्जा से चलने वाले संसाधनों का प्रयोग किया जा रहा है। हाल ही में यहाँ पर 2000 प्रजातियों की तितलियों का भी प्रभाग खोला गया है। लखनऊ चिड़ियाघर अनेकों प्रजातियों का घर है। पर प्रश्न यही है कि क्या जानवरों को उनके प्राकृतिक स्थान से हटा कर पिंजरे में बंद करना सही है या नहीं? जानवरों की मानसिक स्थिति में एक बड़ा फर्क देखने को मिलता है जब वे अपने प्राकृतिक माहौल से दूर हो जाते हैं। जानवर संरक्षण पर कार्य कर रही दुनिया भर की कई संस्थाएं जानवरों को उनके प्राकृतिक स्थान पर पहुंचाने की मुहीम जारी कर रही हैं। और वे चिड़ियाघरों में होने वाली समस्याओं को प्रदर्शित करती हैं तथा चिड़ियाघर उपनिवेशवाद को प्रदर्शित करती हैं।

संदर्भ:

1.https://www.thebetterindia.com/2521/renus-zoo-solar-power-keeps-animals-comfy/
2.https://www.firstpost.com/india/penguins-in-mumbai-a-great-story-with-a-potentially-sad-ending-2918158.html
3.https://timesofindia.indiatimes.com/videos/city/lucknow/senior-citizen-of-lucknow-zoo-tiger-shishir-falls-sick/videoshow/64959192.cms?utm_source=Colombia&utm_medium=OrganicNative&utm_campaign=CTN&utm_content=24
4.https://www.nationalgeographic.org/encyclopedia/zoo/
5.https://www.hindustantimes.com/lucknow/uttar-pradesh-state-s-first-butterfly-park-now-open-for-visitors/story-p9EcR0CAvDajrNEgq05kaN.html
6 http://theconversation.com/is-it-time-to-break-with-colonial-legacy-of-zoos-60485
7.http://origins.osu.edu/article/whats-all-happening-zoo
8.http://ieg-ego.eu/en/threads/backgrounds/european-encounters/anne-dreesbach-colonial-exhibitions-voelkerschauen-and-the-display-of-the-other



RECENT POST

  • बैल या सांड को वश में करने से सम्बंधित खतरनाक खेल है, बुलफाइटिंग
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     16-05-2021 12:00 PM


  • लखनऊ खजूर गांव महल का क्या है इतिहास
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     14-05-2021 09:33 PM


  • लखनऊ में ईद का जश्न कोरोना महामारी के कारण काफी प्रभावित हुआ है
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     14-05-2021 07:41 AM


  • मधुमक्खी पालने वाले कैसे अमीर हो रहे हैं और हमारी नन्ही दोस्त मधुमक्खी किस संकट में हैं?
    पंछीयाँतितलियाँ व कीड़े

     13-05-2021 05:24 PM


  • अपनी नैसर्गिक खूबसूरती के साथ भयावह नरसंहार का साक्ष्य सिकंदर बाग
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     12-05-2021 09:29 AM


  • ग्रॉसरी उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री में सहायक हुई हैं,ई-कॉमर्स कंपनियां और कोरोना महामारी
    संचार एवं संचार यन्त्र

     10-05-2021 09:45 PM


  • शहतूत- साधारण किंतु अत्यंत लाभकारी फल
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें बागवानी के पौधे (बागान)साग-सब्जियाँ

     10-05-2021 08:55 AM


  • आनंद, प्रेम और सफलता का खजाना है, माँ
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     09-05-2021 12:23 PM


  • मानव सहायता श्रमिक (Humanitarian Aid Workers)कोरोना काल के देवदूत हैं।
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     08-05-2021 09:05 AM


  • नोबल पुरस्कार विजेता रबीन्द्रनाथ टैगोर का संगीत प्रेम तथा लखनऊ शहर से विशेष लगाव।
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनिध्वनि 2- भाषायें विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     07-05-2021 10:00 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id