जब टॉम और जेरी हुआ करते थे दो मनुष्य

लखनऊ

 22-07-2018 10:02 AM
द्रिश्य 2- अभिनय कला

यह ज़ाहिर है कि ऊपर दी गई वीडियो देखते ही आप में से कई लोगों ने इस लेख को पढ़ने का निर्णय बना लिया होगा। और क्यों नहीं, आखिर ऐसा कौन बालक रहा होगा जो घर में टी।वी। होते हुए ‘टॉम एंड जेरी’ (Tom and Jerry) देखते हुए बड़ा ना हुआ हो। और सबसे अछि बात यह कि यह कार्टून (Cartoon) भाषाहीन था, अर्थात इसे समझने के लिए किसी विशेष भाषा की ज़रूरत नहीं पड़ती थी। बच्चे तो बच्चे, बड़े भी इसे देख ठहाके लगाते दिखाई दे जाते थे, और आज भी दिख जाते हैं। तो चलिए आज आपको बताते हैं आपके बचपन के इस मनपसंद कार्टून के बारे में कुछ रोचक बातें।

टॉम एंड जेरी का इतिहास भी कम मनोरंजक नहीं है। असल में एक समय था जब टॉम और जेरी, बिल्ली और चूहा ना होकर हम जैसे इंसान ही थे। यह कार्टून दो दोस्तों को दिखाता था जो कभी वकील, तो कभी ड्राईवर, तो कभी प्लम्बर आदि बनकर हास्य पैदा करते थे। यह कार्टून सन 1933 तक चला। बाद में सन 1940 में, फिर इसी नाम से कुछ दूसरे निर्माताओं ने वह टॉम एंड जेरी बनाया जिसे आज हम जानते हैं और असल पुराने वाले टॉम एंड जेरी को 1950 के दशक में फिर पेश किया गया लेकिन कोई उलझन ना हो इसलिए इसका नाम बदलकर ‘डिक and लैरी’ कर दिया गया। नीचे दिए गए वीडियो में आप पहला टॉम एंड जेरी (1931) कार्टून देख सकते हैं:


प्रस्तुत वीडियो में आप पहला चूहे बिल्ली वाला टॉम एंड जेरी (1940) कार्टून देख सकते हैं। गौर करियेगा कि इस टॉम एंड जेरी में रंग भरे हुए थे और इसके साथ ही पीछे चलता संगीत कार्टून देखने के मज़े को और बढ़ा देता है:


बहुत कम लोग यह बात जानते हैं परन्तु पहला टॉम एंड जेरी कार्टून (बाद में ‘डिक एंड लैरी’) कई बार जातिवाद के माध्यम से हास्य पैदा करने की कोशिश करता था। अक्सर यह जातिवाद अफ्रीकियों पर आधारित होता था। नीचे दिया गया वीडियो इस बात का साक्ष्य है:


साल दर साल टॉम और जेरी के नैन-नक्श बदलते रहे, एनीमेशन (Animation) की तकनीकें भी बदलीं परन्तु कुछ नहीं बदला तो वह था हमारा इस कार्टून के लिए प्रेम। कुछ भी कहिये परन्तु टॉम एंड जेरी एक ऐसा कार्टून था जिसने हमें बचपन की कुछ अनमोल यादें दी हैं।

सन्दर्भ:

1. https://www.theguardian.com/commentisfree/2014/oct/02/tom-and-jerry-racism-diversity-modern-storytelling
2. https://en.wikipedia.org/wiki/Tom_and_Jerry



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