एक नज़र लखनऊ वासियों की मातृभाषा पर

लखनऊ

 25-07-2018 04:08 PM
ध्वनि 2- भाषायें

लखनऊ भारत का 11वां सबसे घनी आबादी वाला शहर है। क्षेत्रफल के मायने में यह उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा शहर है। लखनऊ हमेशा से ही एक बहुसांस्कृतिक शहर के रूप में प्रसिद्ध रहा है। लखनऊ के लोगों की तरह, लखनऊ में बोली जाने वाली भाषाओं में भी काफी विभिन्नता है।

सन 2011 में की गयी जनगणना के भाषाई आंकड़े हाल ही में जारी किये गए हैं। ऐसा पहली बार हुआ है कि ये आंकड़े सिर्फ प्रदेश ही नहीं बल्कि शहर के स्तर पर भी जारी किये गए हैं। इन्हीं में से एक रिपोर्ट (Report) में शहर के नागरिकों की मातृभाषा के भी आंकड़े दिए गए हैं। इस जानकारी के लिए शहर के नागरिकों के बीच एक सर्वेक्षण किया जाता है, जहाँ उनसे अपनी मातृभाषा पूछी जाती है। मातृभाषा वह भाषा होती है जो एक व्यक्ति अपने बचपन में अपनी माँ से प्राप्त करता है तथा उसी को सुनते हुए और बोलते हुए बड़ा होता है। माता की अनुपस्थिति में मातृभाषा उसे माना जाता है जिसे एक व्यक्ति बचपन से अपने आस-पास सुनते हुए एवं बोलते हुए बड़ा हुआ है। जो भी जवाब नागरिक से हासिल होता है, उसे बिना किसी पूछताछ के मान लिया जाता है। तो आइये जानते हैं लखनऊ शहर में इन आंकड़ों से क्या जानकारी प्राप्त होती है।

जनगणना 2011 द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक़ लखनऊ शहर में 26,78,783 लोगों (सर्वेक्षित नागरिकों का 88.15%) ने हिन्दी को अपनी मातृभाषा बताया है। वहीँ लखनऊ शहर में 3,04,987 लोग (सर्वेक्षित नागरिकों का 10.04%) उर्दू को अपनी मातृभाषा बताते हैं। यहाँ उर्दू का प्रयोग प्रमुख रूप से लखनऊ के नवाबों द्वारा किया जाता है।

लखनऊ में हिन्दी भाषा का प्रयोग बढ़ता ही जा रहा है। हिन्दी भाषा की प्रसिद्धता का एक कारण है लखनऊ में बढ़ता शहरीकरण। आस-पास के शहर-गाँवों से लोग बड़ी मात्रा में रोज़गार की तलाश में लखनऊ आते हैं तथा अपने साथ अपनी मातृभाषा भी ले आते हैं। साथ ही व्यापार में एवं औपचारिक रूप से हिन्दी भाषा मुख्यत: इस्तेमाल होती है। लेकिन, यहाँ के कई लोग उर्दू भाषा को अपनी शान मानते हैं और इसीलिए सर्वेक्षण में वे उर्दू को अपनी मातृभाषा बताते हैं।

अन्य भाषाओं की बात करें तो लखनऊ शहर में 18,595 लोगों ने पंजाबी को अपनी मातृभाषा बताया (सर्वेक्षित नागरिकों का 0.61%)। वहीं 13,123 लोगों (सर्वेक्षित नागरिकों का 0.43%) ने बंगाली को अपनी मातृभाषा बताया है।

मातृभाषा के बारे में सवाल पूछने पर लखनऊ शहर के नागरिकों द्वारा दिए गए बाकी सभी जवाबों का विभाजन ऊपर दिए गए चित्र में तथा नीचे दी गयी सूची में विस्तार से प्रदर्शित किया गया है। चित्र को स्पष्ट रूप से देखने के लिए ज़ूम (Zoom) करें या चित्र को डाउनलोड (Download) करके देखें। नीचे दी गयी सूची के अध्ययन से दिखता है कि लखनऊ शहर में सर्वेक्षण किये गए कुल नागरिकों की संख्या लखनऊ शहर की 2011 की आबादी से भी अधिक है। इस अंतर पर नीले रंग से रोशनी डाली गयी है।

संदर्भ:
1. जनगणना 2011
2. https://en.wikipedia.org/wiki/Lucknow



RECENT POST

  • स्वर्ग की परिकल्पना पर आधारित था लखनऊ का कैसरबाग
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     22-10-2019 10:12 AM


  • वाहनों की गति को मापता रडार स्पीड गन
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     21-10-2019 12:01 PM


  • तेज़ी से बढती मोबाइल उपयोगकर्ताओं की वैश्विक दर
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     20-10-2019 10:00 AM


  • क्या है वर्तमान भारत में बाघों की स्थिति?
    स्तनधारी

     19-10-2019 11:51 AM


  • खोज के युग से ही हुआ था मानव सभ्यता का विकास
    समुद्र

     18-10-2019 10:59 AM


  • बड़े और छोटे इमामबाड़े के अलावा भी है लखनऊ में एक और प्राचीन इमामबाड़ा
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     17-10-2019 10:49 AM


  • भोजन का अधिकार है हर व्यक्ति का बुनियादी अधिकार
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     16-10-2019 12:34 PM


  • दुर्गा पूजा में पेश किया जाने वाला पारंपरिक भोग
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     15-10-2019 12:33 PM


  • भारतीय प्राचीन लिपियों में से एक है ब्रह्मी लिपि
    ध्वनि 2- भाषायें

     14-10-2019 02:40 PM


  • कैसे एक डाकू से महर्षि वाल्मीकि बने रत्नाकर
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     13-10-2019 10:00 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.