छतरी का इतिहास है दूर तक फैला

लखनऊ

 31-07-2018 12:41 PM
हथियार व खिलौने

आज के समय में हम वर्षा जल से बचने के लिए विभिन्‍न प्रकार की रंग बिरंगी छतरियों का प्रयोग करते है। लेकिन यह छाता आया कहां से है – इसका इतिहास क्या है?

छतरी का अंग्रेज़ी शब्द “अम्ब्रेला” (Umbrella) लैटिन भाषा के "अम्ब्रा" (umbra) से लिया गया है, जिसका अर्थ है “छाया”। प्राचीन मिस्र के लोग 4,000 साल पहले धूप से बचने के लिए “पैरासोल” (parasol) का प्रयोग करते थे। यह छाते का एक प्रकार है जो मात्र धूप से राहत पहुंचाता था। 11 वीं शताब्दी ईसा पूर्व में, चीन में वर्षा से बचने के लिए जलरोधक छतरियों का निर्माण किया गया, जो रेशम और अन्य जलरोधक पदार्थ से बनी थीं। वे तब अपने पैरासोल को जलरोधक बनाने के लिये मोम का उपयोग करते थे।

क्या आपको पता है कि, विशेष छतरी की सबसे पहली दुकान का नाम "जेम्स स्मिथ एंड संस" (James Smith and Sons) था। यह दुकान सन् 1830 में खोली गई थी और यह अभी भी लंदन में 53 न्यू ऑक्सफोर्ड स्ट्रीट (New Oxford Street) पर स्थित है। लपेटने वाली छतरी का निर्माण सर्वप्रथम उत्तरी अमेरीका के ब्रैडफर्ड ई फिलिप्स (Bradford E Phillips) ने किया था, उसके बाद जैसे-जैसे समय बीतता गया छतरी की प्रौद्योगिकी और निर्माण में प्रगति होती गई। उस समय यूरोप में छतरियों के निर्माण के लिए व्हेल (whale) कि हड्डियों का और लकड़ी का प्रयोग किया जाता था।

पिछले कुछ सालों में छाता बनाने की प्रक्रिया में काफी परिवर्तन आया, आज छतरियां बनाने के लिए एल्यूमीनियम (aluminium) और शीशे के रेशे (fibreglass) का उपयोग किया जाता है। आधुनिक छतरीयों का अधिकांश उत्‍पादन चीन (जो हजारों छतरी कंपनियों का घर है) में होता है।

संदर्भ:
1. https://www.thoughtco.com/who-invented-the-umbrella-1992592
2. https://timesofindia.indiatimes.com/Who-invented-the-umbrella-and-when/articleshow/38989235.cms
3. http://www.umbrellahistory.net/umbrella-history/history-of-umbrella/
4. http://www.designlife-cycle.com/umbrella-lifecycle-assessment/



RECENT POST

  • लखनऊ सहित अन्य बड़े शहरों में, समय आ गया है सड़क परिवहन को कार्बन मुक्त करने का
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     27-05-2022 09:35 AM


  • यूक्रेन युद्ध, भारत में कई जगह सूखा, बेमौसम बारिश,गर्मी की लहरों से उत्पन्न खाद्य मुद्रास्फीति
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     26-05-2022 08:44 AM


  • हम लखनऊ वासियों को समझनी होगी प्रदूषण, अतिक्रमण से पीड़ित जल निकायों व नदियों की पीड़ा
    नदियाँ

     25-05-2022 08:16 AM


  • लखनऊ के हरित आवरण हेतु, स्थानीय स्वदेशी वृक्ष ही पारिस्थितिकी तंत्र के लिए सबसे उपयुक्त
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     24-05-2022 07:37 AM


  • स्वास्थ्य सेवा व् प्रौद्योगिकी में माइक्रोचिप्स की बढ़ती वैश्विक मांग, क्या भारत बनेगा निर्माण केंद्र?
    खनिज

     23-05-2022 08:50 AM


  • सेलफिश की गति मछलियों में दर्ज की गई उच्चतम गति है
    व्यवहारिक

     22-05-2022 03:40 PM


  • बच्चों को खेल खेल में, दैनिक जीवन में गणित के महत्व को समझाने की जरूरत
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     21-05-2022 11:09 AM


  • भारत में जैविक कृषि आंदोलन व सिद्धांत का विकास, ब्रिटिश कृषि वैज्ञानिक अल्बर्ट हॉवर्ड द्वारा
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     20-05-2022 10:03 AM


  • लखनऊ की वृद्धि के साथ हम निवासियों को नहीं भूलना है सकारात्मक पर्यावरणीय व्यवहार
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     19-05-2022 09:47 AM


  • एक समय जब रेल सफर का मतलब था मिट्टी की सुगंध से भरी कुल्हड़ की स्वादिष्ट चाय
    म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

     18-05-2022 08:47 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id