कीड़ों का जन्म और उनका विकास

लखनऊ

 01-08-2018 01:03 PM
तितलियाँ व कीड़े

हमको आज कल प्रत्येक स्थान पर विभिन्न प्रकार के कीड़े मकोड़े दिखाई दे जाते हैं। हम अक्सर यह ध्यान नहीं देते कि आखिर यह कीड़े आये कहाँ से हैं और इनका आविर्भाव पृथ्वी पर किस काल में हुआ। पृथ्वी पर उपस्थित प्रत्येक जीव का एक इतिहास है जो इनके विकास को प्रदर्शित करता है। कीड़े पृथ्वी पर आने वाले वो पहले जीव थे जिन्होंने उड़ना शुरू किया था। इनके इतिहास और विकास की क्रमिक प्रक्रिया अत्यंत ही दिलचस्प है।

यह आवश्यक है जानना कि सबसे पहले कीड़ों का सन्दर्भ कहाँ से प्राप्त होता है। कीड़ों के सन्दर्भ को पाने के लिए हमें लखनऊ से स्कॉटलैंड का सफ़र तय करना पड़ेगा। यह रायनियोनेथा हर्स्टी (Rhyniognatha Hirsti) जो कि करीब 40 करोड़ साल पुराना है, एक जीवाश्म के रूप में स्कॉटलैंड से प्राप्त हुआ था। पृथ्वी पर रीढ़ वाले जीवों का जन्म करीब 31.1 करोड़ साल पहले हुआ था, इसके अनुसार हम यह देख सकते हैं कि कीड़ों का जन्म करीब 10 करोड़ साल पहले हो चुका था । यदि अन्वेषणों को आधार बना कर देखा जाए तो पृथ्वी पर सबसे पहले जन्म लेने वाले जीव कीड़े ही थे जो कि एक-कोशिकीय हुआ करते थे। हालाँकि एक-कोशकीय जीवों को कीड़ों के सारणी में रखने के विषय में कई मतभेद हैं तो हम इस सारणी पर अपनी प्रतिक्रिया न देते हुए यह कह सकते हैं कि पृथ्वी पर पैदा होने वाले सभी जीवों में से सबसे पुराने जीवों में कीड़े भी एक हैं।

25 करोड़ साल पहले एक अत्यंत बड़ी दुर्घटना घटी जिसको कार्बोनिफेरस काल (Carboniferous Period) में गिना जाता है। इस काल में पृथ्वी पर वास करने वाले करीब 90% जीवों की मृत्यु हो गयी थी। अब यह प्रश्न उठता है कि जब पृथ्वी पर इतने बड़े पैमाने पर जीव ख़त्म हो गए तो उनकी जानकारी हमें कहाँ से मिलती है, तो इसका उत्तर यह है कि उस काल में (अर्थात 30 करोड़ साल पहले) पत्थरों का निर्माण बड़े पैमाने पर होना शुरू हुआ और उस समय जीवाश्म बनने की प्रक्रिया भी तेज़ हुयी। इस काल में आयरन कार्बोनाईट (Iron Carbonite) पत्थर का निर्माण हुआ था जिसमें जीवाश्म बड़े पैमाने पर बने थे।

प्रस्तुत चित्र में भिन्न युगों एवं कालों का क्रम दर्शाया गया है:

यदि देखा जाए तो एक कीड़े का शरीर 3 मुख्य भागों में विभाजित होता है 1. सर, 2. थोरक्स या मध्य भाग तथा 3. एब्डोमेन या पिछला भाग। कीड़ों के ये तीन भाग कई मिलियन सालों के विकास को प्रदर्शित करता है। ये विकास डेवोनियन काल (Devonian Period) से शुरू होता है और कार्बोनिफोरस काल तक यह एक अत्यंत तीव्र गति प्राप्त कर लेता है। यह वह काल होता है जब दुनिया के पहले उड़ने वाले जीवों का आगमन पृथ्वी पर होता है। आज वर्तमान काल में लखनऊ में बड़े पैमाने पर हम कीड़ों को देखते हैं जो कि विभिन्न स्थानों पर पाए जाते हैं चाहे वह मच्छर हो या तितली, इन सभी का विकास 40 करोड़ साल पहले से शुरू हुआ और आज भी ये हमारे बीच पाए जाते हैं।

संदर्भ:
1. अंग्रेज़ी पुस्तक: Randhawa, M.S. 1969. The Evolution of Life, Publications & Information Directorate.
2. https://www.youtube.com/watch?v=7QMcXEj7IT0
3. https://www.youtube.com/watch?v=CAkrCnwZg8w



RECENT POST

  • आठ ओलंपिक स्वर्ण पदक के पश्चात अब लाना है फिर से भारतीय हॉकी को विश्व स्तर पर
    द्रिश्य 2- अभिनय कला य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     24-07-2021 10:21 AM


  • मौन रहकर भी भावनाओं की अभिव्यक्ति करने की कला है माइम Mime
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     23-07-2021 10:11 AM


  • भारत में यहूदि‍यों का इतिहास और यहां की यहूदी–मुस्लिम एकता
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     22-07-2021 10:37 AM


  • पश्चिमी और भारतीय दर्शन के अनुसार भाषा का दर्शन तथा सीखने और विचार के साथ इसका संबंध
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     21-07-2021 09:40 AM


  • विश्व के इतिहास में सामाजिक समूहों के लिए गहरा महत्व रखता रहा है बलिदान
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     20-07-2021 10:20 AM


  • शहर के मास्टर प्लान में शामिल किया जाना चाहिए मलिन बस्तियों का विकास
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     18-07-2021 06:09 PM


  • 1857 में लखनऊ से संबंधित एक मूक ब्लैक एंड वाइट फिल्म है, द रिलीफ ऑफ लखनऊ
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     18-07-2021 02:23 PM


  • विभिन्न धर्मों सहित दुनियाभर में मिल जाएंगे, महाबली हनुमान के मंदिर और उपासक
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     17-07-2021 10:12 AM


  • लखनऊ के मिर्जा हादी रुसवा का प्रसिद्ध 19वीं सदी उर्दू उपन्यास उमराव जान अदा
    ध्वनि 2- भाषायें

     16-07-2021 09:43 AM


  • पहले भारतीय स्‍वतंत्रता संग्राम की साक्ष्‍य रही है भव्‍य राजसी दिलकुशा कोठी
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन वास्तुकला 2 कार्यालय व कार्यप्रणाली

     15-07-2021 07:54 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id