भगवद गीता में योग का उल्लेख

लखनऊ

 18-08-2018 12:08 PM
विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

इस अधुनिक दुनिया में हम अपनी आजीविका के लिए नहीं वरन् दुसरों से बेहतर जीवन जीने के लिए कमा रहे हैं। इस कारण से हमने खुद को इतना व्यस्त कर लिया है कि हम कई शारीरिक और मानसिक तनावों से पीड़ित रहने लगे हैं। साथ ही साथ हमने खुद को शारीरिक सक्रियता और उचित व्यायाम से भी वंचित कर लिया है। यही कारण है कि स्वास्थ्य को बनाए रखने और शारीरिक रूप से सुधारने के लिए कई नई विधियों और तकनीकों (जैसे, व्यायामविद्या (gymnastics), नृत्य कक्षाएं, योग और आदि) में वृद्धि हुई है। अतः आज भाग-दौड़ भरी जिन्दगी में खुद को स्वस्थ एवं ऊर्जावान बनाए रखने के लिए योग बहुत आवश्यक है। यह कम समय में किया जा सकता है और हमारे शरीर के लिए भी बहुत उपयोगी है।

प्राचीन काल से ही योग का अस्तित्व देखा जा सकता है, इसका प्रत्यक्ष प्रमाण श्रीमद्भगवद्गीता है, जो की भारत में सभी ग्रंथों में से सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। क्योंकि इसमें व्यक्ति के जीवन का सार है और इसमे महाभारत काल से लेकर द्वापर तक श्री कृष्ण की सभी लीलाओं का वर्णन किया गया है। भगवत गीता में पहली बार योग शब्द श्रीकृष्ण (जिनको योगेश्वर श्रीकृष्ण भी कहते हैं) ने अर्जुन को अपने जीवन में असमर्थता पर काबू पाने के लिए प्रदान किया था। गीता में वर्णित 18 अध्याय हमको श्रीकृष्ण द्वारा उल्लिखित योग के बारे में बताते हैं। अठारह अध्यायों में से प्रत्येक को एक अलग नामों में नामित किया गया है क्योंकि प्रत्येक अध्याय, "शरीर और दिमाग को प्रशिक्षित करता है"। यह अध्याय निम्न हैं –
अध्याय 1: विशाद योग
अध्याय 2: सांख्य योग
अध्याय 3: कर्म योग
अध्याय 4: ज्ञान कर्म संन्यास योग
अध्याय 5: कर्म संन्यास योग
अध्याय 6: आत्मसंयम योग
अध्याय 7: ज्ञान-विज्ञान योग
अध्याय 8: अक्षरब्रह्मयोग
अध्याय 9: राजविद्याराजगुह्य योग
अध्याय 10: विभूति योग
अध्याय 11: विश्वरूपदर्शन योग
अध्याय 12: भक्ति योग
अध्याय 13: क्षेत्रक्षत्रज्ञविभाग योग
अध्याय 14: गुणत्रयविभाग योग
अध्याय 15: पुरुषोत्तम योग
अध्याय 16: दैवासुरसंपद्विभाग योग
अध्याय 17: श्रद्धात्रयविभाग योग
अध्याय 18: मोक्ष-संन्यास योग।

इस प्रकार हम देखते हैं कि "गीता" योगशास्त्र भी है। इसके सभी अध्यायों में योग की विस्तृत चर्चा मिलती है। योग को हम अपने दैनिक जीवन में शामिल कर उसके माध्यम से जीवन के पथ पर आध्यात्मिक मार्गदर्शन को प्राप्त कर सकते हैं। योग का आध्यात्मिक लक्ष्य ईश्वर-प्राप्ति ही नहीं वरन् एक स्वतंत्र, खुशहाल और स्वस्थ जीवन की प्राप्ति भी है। दृढ़ संकल्प और नियमित रूप से योग के अभ्यास से निश्चित ही सफ़लता आपकी होगी।

संदर्भ:

1.https://en.wikipedia.org/wiki/Bhagavad_Gita
2.http://www.krishna.com/yoga-bhagavad-gita
3.http://www.sivananda.org/teachings/fourpaths.html
4.https://www.isical.ac.in/~goutam.paul/ScYogaCamera.pdf



RECENT POST

  • अत्यधिक कठिन, महंगा और अवैध भी है कछुओं की कई प्रजातियों को घर में पालना
    निवास स्थान

     02-12-2021 08:44 AM


  • भारत में चुनावी प्रक्रिया एवं संयुक्त राज्य अमेरिका से इसकी तुलना
    आधुनिक राज्य: 1947 से अब तक

     01-12-2021 09:10 AM


  • अंग्रेजी शब्द कोष में Pyjama आया है हिंदी-उर्दू शब्द पायजामा से
    ध्वनि 2- भाषायें

     30-11-2021 10:37 AM


  • अवध के पूर्व राज्यपाल एलामा ताफज़ुल हुसैन के पारंपरिक भारतीय विज्ञान पर लेख व् पुस्तकें
    मध्यकाल 1450 ईस्वी से 1780 ईस्वी तक

     29-11-2021 09:06 AM


  • 1999 में युक्ता मुखी को मिस वर्ल्ड सौंदर्य प्रतियोगिता का ताज पहनाया गया
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     28-11-2021 01:04 PM


  • भारत में लोगों के कुल मिलाकर सबसे अधिक मित्र होते हैं, क्या है दोस्ती का तात्पर्य?
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     27-11-2021 10:17 AM


  • शीतकालीन खेलों के लिए भारत एक आदर्श स्थान है
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     26-11-2021 10:26 AM


  • प्राचीन भारत के बंदरगाह थे दुनिया के सबसे व्यस्त बंदरगाहों में से एक
    ठहरावः 2000 ईसापूर्व से 600 ईसापूर्व तक

     25-11-2021 09:43 AM


  • धार्मिक किवदंतियों से जुड़ा हुआ है लखनऊ के निकट बसा नैमिषारण्य वन
    छोटे राज्य 300 ईस्वी से 1000 ईस्वी तक

     24-11-2021 08:59 AM


  • कैसे हुआ सूटकेस का विकास ?
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     23-11-2021 11:18 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id