आज-कल ऑनलाइन सेवाओं के ज़रिये देश-विदेश भी भेज सकते हैं ये पवित्र बंधन की डोर 'राखी ' को

लखनऊ

 26-08-2018 11:35 AM
य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

आज-कल ऑनलाइन सेवाओं के ज़रिये देश-विदेश भी भेज सकते हैं ये पवित्र बंधन की डोर 'राखी ' को। भाई-बहन के बीच होने वाली छोटी-छोटी तकरारें, प्‍यारभरी नोक-झोंक, तथा लड़ाई के साथ‌-साथ एक-दूसरे के प्रति समर्पण दुनिया के हर कोने में देखा जा सकता है। भाई-बहनों को समर्पित रक्षा बंधन एक ऐसा त्योहार है, जो इनके बीच के प्रेम को प्रकट करता है। यह एक धर्मनिरपेक्ष त्योहार है जो पूरे देश में उत्साह और धूमधाम से मनाया जाता है। इतना ही नहीं, वे भाई-बहन जो एक दुसरे से दूर रहते हैं, वे भी अब इंटरनेट की मदद से भाई-बहन के इस पवित्र त्योहार को मना रहे हैं। अपने भाई बहनों से बहुत दूर रहने का मतलब यह नहीं है कि आप रक्षा बंधन का जश्न नहीं मना सकते हैं। इंटरनेट और ऑनलाइन सेवाओं के ज़रिये अब आप राखी को देश विदेश में कहीं भी भेज सकते है।

इंटरनेट पर राखी के ग्‍लोबल होने का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को मिला, जो भाई-बहन अलग-अलग राज्यों में या देश से मीलों दूर पराए देश में रहते हैं। पहले के समय में शिक्षा, कार्य और अन्य चीजों की वजह से दूर रहने के कारण राखी और गिफ्ट भेजने की तैयारी कई हफ़्तों पहले करनी पड़ती थी। इसके लिए बहनों को राखी तथा भाईयों को गिफ्ट या मनी आर्डर कुरियर करना होता था। कई बार तो ऐसा भी हो जाता था की उन्हें उनके वक्त पर कुरियर मिलते ही नहीं थे। एक बार एक आदमी ने दिल्ली से अपनी बहन को मनी आर्डर किया, लेकिन उन्हें यह मिला नहीं। तो उन्होनें ज़िला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम में पोस्टमास्टर के खिलाफ़ शिकायत कर दी। इस कारण पोस्टमास्टर को 17,000 रूपये का जुर्माना भरना पड़ा। परंतु पिछले कुछ वर्षों से रक्षाबंधन के त्‍योहार पर इंटरनेट से ई-राखी और कार्ड्स भेजना काफी प्रचलित हो गया है। अब वे बहनें जिनको विदेश की गलियों में राखी की दुकानें देखने को भी नहीं मिलतीं, उनके लिए इंटरनेट पर डिजिटल ई-कॉमर्स कंपनियों नें ई-राखी का पूरा बाजार लगा दिया है। राखी ही क्‍यों, यहां कुमकुम से लेकर सजी-सजाई पूजा की थाली भी उपलब्‍ध है। अब दूर-दूर बसे भाईयों को बहनें चंद मिनटों में सुंदर ई-राखी भेज देती हैं, और भाई भी अपनी बहनों को गिफ्ट भारत के सभी हिस्सों के साथ-साथ विदेशी भूमि में भी भेज सकते हैं। आपको बस राखी, गिफ्ट और मिठाई सलेक्ट करनी है, बाकी सारा काम जैसे पैकिंग से लेकर इन्हें पहुंचाना आदि ये कंपनियां अपने आप कर देंगी।

इस बार इस पवित्र त्यौहार के अवसर पर सरकार ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को गति देने के लिये "सुरक्षा बंधन" योजना बनाई है। इस योजना के जरिये अपने परिजनों को सामाजिक सुरक्षा के तहत बीमा और पेंशन प्‍लान गिफ्ट कर सकते हैं। वित्त मंत्रालय नें कहा है कि इस योजना के मुताबिक रक्षा बंधन त्योहार के मौके पर चुनिंदा बैंकों द्वारा अगस्त-सितंबर के दौरान नामांकन शुरू किया जाएगा। इस सुविधा का लाभ आप महज़ 351 रुपयों में उठा सकते हैं। इस गिफ्ट को प्रधानमंत्री जीवन ज्‍योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) के लिए एक साल के प्रीमियम के तौर पर जमा किया जा सकता है।

संदर्भ:

1.https://www.onlymyhealth.com/this-rakshabandhan-fight-the-distance-with-an-e-rakhi-1440593545
2.http://www.techtree.com/content/features/11427/raksha-bandhan-digital.html
3.https://www.photojaanic.com/blog/celebrating-raksha-bandhan-for-long-distance-siblings
4.https://www.huffingtonpost.in/2016/09/09/postmaster-fails-to-deliver-rakhi-gift-of-500-court-orders-pen_a_21468715/
5.https://www.hindustantimes.com/business/give-a-suraksha-bandhan-this-rakhi-festival-with-new-gov-scheme/story-uw2cqtDB0xmqQMNxhq0zLL.html
6.https://www.pradhanmantriyojana.in/suraksha-bandhan-govts-scheme-to-push-social-security/



RECENT POST

  • भारत की सबसे बड़ी दिग्गज आईटी कंपनियां एवं आईटी नौकरियों का भविष्य
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     24-06-2019 12:05 PM


  • भारत के कब्ज़े में है बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी
    हथियार व खिलौने

     23-06-2019 09:00 AM


  • भारत का केसरिया स्तूप हो सकता है इंडोनेशिया के बोरोबुदूर मंदिर की प्रेरणा
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     22-06-2019 11:33 AM


  • रामचरितमानस में योग का तात्पर्य
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     21-06-2019 11:20 AM


  • रामपुर और लखनऊ को संदर्भित करता रडयार्ड किपलिंग का प्रसिद्ध उपन्यास ‘किम’
    ध्वनि 2- भाषायें

     20-06-2019 11:26 AM


  • कब, कैसे और कहाँ हुई टाई की उत्पत्ति?
    स्पर्शः रचना व कपड़े

     19-06-2019 11:06 AM


  • तेप्ची कढ़ाई- जो मशीनों के इस दौर में भी हाथ से की जाती है
    स्पर्शः रचना व कपड़े

     18-06-2019 11:04 AM


  • क्या बंदर केवल शाकाहारी होते हैं?
    स्तनधारी

     17-06-2019 11:08 AM


  • समय के साथ स्वाभाविक होते पिता
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     16-06-2019 10:30 AM


  • क्या महानगरों में एसी के बिना प्राकृतिक रूप से जीवन यापन करना संभव है?
    व्यवहारिक

     15-06-2019 10:55 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.