दुनिया भर को राधे- राधे के मंत्रों से जोड़ते इस्कॉन का इतिहास

लखनऊ

 03-09-2018 02:25 PM
विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

इस्कॉन या अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (International Society for Krishna Consciousness - ISKCON), को दुनिया "हरे कृष्ण आंदोलन या हरे कृष्ण" के नाम से भी जानती है। इस संस्था (इस्कॉन) के संस्थापक श्री भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद ने 1966 में की स्थापना न्यूयार्क शहर में की थी। इसके बाद निरंतर वर्षों तक स्वामी प्रभुपाद दुनिया भर में घूमते रहे और हिंदुत्व तथा श्रीकृष्ण के पावन सन्देश को फैलाते रहे, जिसके नतीजे में आज हरेकृष्ण आन्दोलन का विस्तार सारी दुनिया में है और देश-विदेश में इसके 650 मंदिर और विद्यालय है यहां तक कि पाकिस्तान में भी इस्कॉन(ISKCON) मंदिर है।

इस्कॉन ने अपने विचारों के माध्यम से दुनिया भर के लाखों लोगों को हिन्दू विचारों से जोड़ा है। आज भारत से बाहर की लाखों महिलाओं को साड़ी पहने चंदन की बिंदी लगाए व पुरुषों को धोती कुर्ता और गले में तुलसी की माला पहने देखा जा सकता है। श्री प्रभुपाद जी की की मृत्यु 1977 में हो गई थी। उसके बाद शिष्यों द्वारा वितरित उनकी हिन्दू धर्म, भगवद गीता, भागवत आदि पर आधारित रचनाएं सारी दुनिया में श्रीकृष्ण के पावन सन्देश को फैला रही है।

जल्द ही आपको लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी में भी इस्कॉन मंदिर देखने को मिलेगा, आप इस 3 सितम्बर को जन्मष्टामी में इस भव्य मंदिर में श्री कृष्ण के जन्म महोत्सव में शामिल हो सकते है। लखनऊ में स्थापित इस्कॉन मंदिर का आर्किटेक्ट प्रेमनाथ ने डिजाइन किया है। इससे पहले प्रेमनाथ ने मुंबई के इस्कॉन मंदिर का भी आर्किटेक्ट डिजाइन किया है। इस भव्य इस्कॉन मंदिर में राम दरबार का भी निर्माण हुआ है। यह मंदिर 5 एकड़ क्षेत्र में 60 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया है। इसमें दो तल है। पहले तल पर 16 हजार वर्गफीट का मुख्य ध्यान कक्ष है। दूसरे तल पर भक्तों के रुकने की व्यवस्था है। इसके साथ ही मंदिर को अस्थायी गोशाला बनने के लिये इसे दो बीघा और बढ़ाया गया है। गौशाला में दो सौ गोवंश रखने का प्रयास किया जाएगा।

अपने साधारण नियम और सभी जाति-धर्म के प्रति समभाव और सम्मान के चलते इस मंदिर में लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस्कॉन ने “फूड फॉर लाइफ” नामक एक योजना की स्थापना भी की है। इस योजना का उद्देश्य जरूरतमंदों को शाकाहारी भोजन वितरित करना है। पॉल रोडनी टर्नर और मुकुंदा गोस्वामी द्वारा स्थापित फूड फॉर लाइफ ग्लोबल नामक अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय इस परियोजना का समन्वय करता है।

इस्कॉन के सात उद्देश्य-

1. संपूर्ण मानव समाज में सुव्यवस्थित रूप से आध्यात्मिक ज्ञान का व्यापकता से प्रचार-प्रसार और सभी को आध्यात्मिक जीवन शैली से प्रशिक्षित करना जिससे उन्हें अपने जीवन-मूल्यों के असंतुलन की जानकारी हो ताकि विश्व में वास्तविक एकता और शांति की स्थापना हो सके।
2. महान ग्रंथों जैसे, भगवद गीता और श्रीमद भागवतम, में प्रकाशित कृष्ण भावनामृत का प्रचार-प्रसार करना।
3. संघ के सभी सदस्यों को आपस में एक साथ आदि पुरुष कृष्ण के निकट लाना, इस प्रकार सभी सदस्यों तथा संपूर्ण मानवता में यह विचार विकसित करना कि प्रत्येक जीव भगवान कृष्ण का गुणात्मक अंश हैं।
4. भगवान चैतन्य महाप्रभु की शिक्षाओं में प्रकाशित संकीर्तन आंदोलन, यानि भगवान के पवित्र नाम के सामूहिक जप एवं कीर्तन, को सिखाना एवं प्रोत्साहित करना।
5. सदस्यों और संपूर्ण मानव समाज के लिए श्री कृष्ण को समर्पित दिव्य लीला स्थलों का निर्माण करना।
6. सभी सदस्यों को सरलतम एवं अधिक सहज जीवन की शिक्षा देने के उद्देश्य से एक-दूसरे के अधिक निकट लाना।
7. उपर्युक्त उद्देश्यों की प्राप्ति को ध्यान में रखते हुए, सामायिक पत्र, पत्रिकाओं,पुस्तकों और अन्य रचनाओं को प्रकाशित एवं वितरित करना ।

वर्तमान में फूड फॉर लाइफ 60 से अधिक देशों में सक्रिय है और हर दिन 2 मिलियन लोगों को मुफ्त में भोजन खिलाता है। इसकी कल्याणकारी उपलब्धियों को द न्यूयॉर्क टाइम्स और दुनिया भर में अन्य मीडिया द्वारा दिखाया भी गया है, जिससे इस कल्याणकारी योजना को और आधिक सराहा जा रहा है।

संदर्भ:
1.https://www.quora.com/What-is-ISKCON-and-what-does-it-do
2.https://en.wikipedia.org/wiki/International_Society_for_Krishna_Consciousness
3.http://www.iskconlucknow.org/
4.https://timesofindia.indiatimes.com/city/lucknow/city-to-get-its-first-iskcon-temple-soon/articleshow/56901955.cms



RECENT POST

  • तेप्ची कढ़ाई- जो मशीनों के इस दौर में भी हाथ से की जाती है
    स्पर्शः रचना व कपड़े

     18-06-2019 11:04 AM


  • क्या बंदर केवल शाकाहारी होते हैं?
    स्तनधारी

     17-06-2019 11:08 AM


  • समय के साथ स्वाभाविक होते पिता
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     16-06-2019 10:30 AM


  • क्या महानगरों में एसी के बिना प्राकृतिक रूप से जीवन यापन करना संभव है?
    व्यवहारिक

     15-06-2019 10:55 AM


  • क्यों कर रहे हैं भारतीय किसान आत्महत्या?
    ध्वनि 2- भाषायें

     14-06-2019 10:59 AM


  • लखनऊ के क्‍लबों का इतिहास तथा इनकी वर्तमान स्थिति
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     13-06-2019 10:38 AM


  • कंपनी शैली का भारतीय पारंपरिक शैली तथा अवध शैली पर प्रभाव
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     12-06-2019 11:58 AM


  • लखनऊ में जुम्‍मे की नमाज़ 1857 से पहले और उसके बाद
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     11-06-2019 10:49 AM


  • कोमल और मोहक सुगंध वाले ग्रीष्म ऋतु के प्रमुख मौसमी फूल
    बागवानी के पौधे (बागान)

     10-06-2019 12:20 PM


  • भारत के 10 सबसे रहस्यमयी मंदिर
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     09-06-2019 10:21 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.