क्या दूसरे देश भी मनाते हैं भारत की तरह शिक्षक दिवस?

लखनऊ

 05-09-2018 01:57 PM
नगरीकरण- शहर व शक्ति

एक व्यक्ति के जीवन में सबसे ज्यादा महत्व उसके शिक्षक का होता है क्योंकि वे ही अपने विद्यार्थियों के ज्ञान के लिए सहायक होते हैं और उनकी ही सहायता से हम अपने जीवन में आगे बढ़ते हैं। वहीं भारत के शिक्षकों द्वारा समाज के लिये किए गए योगदान को सम्मानित करने के लिये 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। चलो जानें शिक्षक दिवस के इतिहास के बारे में –

1962 से 5 सितंबर के दिन को डॉ सर्वपल्ली राधा कृष्णन के जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रुप में मनाते हैं। जोकि एक महान शिक्षक और शिक्षा की ओर एक दृढ़ आस्था रखने वाले व्यक्ति थे। भारतीय शिक्षा प्रणाली में उनका बहुत बड़ा योगदान रहा है। डॉ राधाकृष्णन के मुताबिक, "शिक्षकों का देश में सबसे तेज दिमाग होना चाहिए"। डॉ सर्वपल्ली राधा कृष्णन का जन्मदिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाने लगा, जब उनके कुछ छात्रों ने उनसे 5 सितंबर को उनका जन्मदिन मनाने का अनुरोध किया तब डॉ राधा कृष्णन ने उनसे कहा, " मेरा जन्मदिन अलग से मनाने की जगह, अगर 5 सितंबर को तुम शिक्षक दिवस के रूप में मनाओगे तो मुझे गर्व महसूस होगा।" राधा कृष्णन एक शिक्षक के साथ दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर भी थे और भारत के दूसरे राष्ट्रपति भी रहे। उन्होंने अपने मित्र जाकिर हुसैन के साथ भारत की आजादी के बाद भारतीय शिक्षा की नींव रखने के लिए बहुत कुछ किया। और आज लखनऊ में उनके नाम से तेलबाग क्षेत्र में भी एक स्कूल है।

वहीं राष्ट्रीय शिक्षा दिवस भारत के पहले शिक्षा मंत्री एवं भारत रत्न से सम्मानित मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की याद में हर 11 नवंबर को मनाया जाता है। वैधानिक रूप से इसका प्रारम्भ 11 नवम्बर 2008 से किया गया है। इस दिन को सेमिनार, निबंध लेखन, बैनर कार्ड और नारे के साथ रैलियां निकालकर मनाया जाता है। इसको मनाने का उद्देश्य हमारे शैक्षिक संस्थानों को मजबूत करना और शिक्षा की गुणवत्ता को अधिक ऊंचाई तक बढ़ाना है और साथ ही मौलाना आजाद द्वारा शिक्षा प्रणाली की नींव रखने के इस योगदान को याद करना है।

क्या आप जानते हैं चीन द्वारा भी पिछले वर्ष 2017 में विश्व शिक्षा दिवस शुरू किया गया। जिसका उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय उन्नत शिक्षा प्रणाली की लोकप्रियता और विश्व शिक्षा की प्रगति और विकास को बढ़ावा देना है। इसे 551 बीसी में चीन के महान शिक्षक कन्फ्यूशियस को सम्मान देने के लिये उनके जन्मदिन (28 सितंबर) में मनाया जाएगा।

हम सभी कभी ना कभी छात्र रहे होंगे या छात्र होंगे और अपने शिक्षकों द्वारा ज्ञान से लाभान्वित हुए होंगे। इसलिए शिक्षक दिवस एक समारोह के माध्यम से शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता दिखाने का एक शानदार अवसर है। जश्न के अलावा शिक्षक दिवस में हमें डॉ राधाकृष्णन जिन्होंने शिक्षण के प्रति बहुत प्यार दिखाया से प्रेरित होना चाहिये।

संदर्भ :-

1. http://www.indiamarks.com/history-indian-teachers-day/
2. https://en.wikipedia.org/wiki/National_Education_Day_(India)
3.https://www.quora.com/What-is-the-World-Education-Day
4.https://t.justdial.com/Lucknow/Dr-Sarvpalli-Radhakrishnan-Public-Girls-Inter-College-5
5.Telibagh/0522PX522-X522-171127193618-C3P2_BZDET
6. http://www.worldeduday.org/



RECENT POST

  • लखनऊ में कला की वर्तमान स्थिति
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     20-07-2019 11:11 AM


  • लखनऊ बना देश का पहला सीसीटीवी शहर
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     19-07-2019 11:34 AM


  • क्या दूसरे ग्रहों के जीव आये थे लखनऊ भ्रमण पर?
    सभ्यताः 10000 ईसापूर्व से 2000 ईसापूर्व

     18-07-2019 12:01 PM


  • उत्तर प्रदेश में पाये गये हैं सबसे अधिक उत्खनन स्थल
    खदान

     17-07-2019 01:45 PM


  • जब मिले सुकरात एक भारतीय योगी से
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     16-07-2019 02:20 PM


  • सामाजिक उत्थान और एकता का प्रतीक है लखनऊ स्थित अंबेडकर पार्क
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     15-07-2019 12:52 PM


  • शास्त्रीय संगीत में लखनऊ की विधा – ठुमरी
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     14-07-2019 09:00 AM


  • भारतीय और पाश्‍चात्‍य तर्कशास्‍त्र एवं उनके बीच भेद
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     13-07-2019 12:05 PM


  • ग़दर के समय लखनऊ में स्थित ब्रिटिश महिलाओं की स्थिति का वर्णन करती एक पेंटिंग
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     12-07-2019 01:02 PM


  • लखनऊ के आसपास स्थि‍त बड़हल के वृक्ष के उपयोग और फायदे
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     11-07-2019 12:54 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.