शतरंज / चतुरंगा का रोचक इतिहास

लखनऊ

 09-10-2018 01:08 PM
हथियार व खिलौने

चुनौतियों से भरा खेल है "शतरंज" इसको खेलने के लिए तेज और चतुर दिमाग की जरूरत होती है। भले ही इसमें शारीरिक ताकत ना लगानी पड़ती हो लेकिन इसे साधारण गेम समझना भी बेवकूफी होगी इसलिए यह खेल अन्य कई खेलों से बढ़कर है।

इस खेल की उत्पत्ति का कोई निश्चित प्रमाण नहीं मिल पाया है, लेकिन इसके आविष्कार का दावा कई देश कर चुके हैं। लेकिन उन सब में यह आम धारणा है कि शतरंज का जन्म भारत में 6ठी शताब्दी में हुआ, जिसे पहले "चतुरंगा" के नाम से जाना जाता था। ऊपर दिए गए चित्र में राधा और श्री कृष्ण को चतुरंगा खेलते हुए दिखाया गया है।

उसके बाद इसका आधुनिक संस्करण फारसियों ने बनाया। वास्तव में, सबसे पुराने ज्ञात शतरंज के टुकड़े प्राचीन फारसी क्षेत्रों की खुदाई में पाए गए हैं। उसके बाद कुछ ही वर्षों में इस रोचक खेल ने विश्व भर में अपनी जगह बना ली।

फारसियों के बाद जब यह इस्लाम के समय में खेला गया तो इसके नाम का रुपांतरण हुआ, इसको शतरंज का नाम दे दिया गया, जहाँ "किंग" को फारसी शब्द "शाह" में प्रतिस्थापित कर दिया गया। निम्नलिखित तालिका शतरंज के टुकड़ों के नामों और चरित्रों में बदलाव की एक झलक प्रदान करती है, क्योंकि इसके भारत से फारस (Persia) और फारस से यूरोप तक के सफर में काफी बदलाव आया था।

उसके बाद 19वीं शताब्दी तक शतरंज व्यापक रूप से अपनी पहचान बना चुका था। इसके मैच लंदन और पेरिस जैसे बड़े शहरों में बड़े कॉफी हाउसों (Coffee Houses) में खेले जाने लगे। वहीं पहला शतरंज टूर्नामेंट लंदन (1851) में आयोजित किया गया था। जिसके विजेता जर्मनी के ‘एडॉल्फ एंडर्सन’ थे। एंडर्सन को प्रमुख शतरंज मास्टर के रूप में सम्मानित भी किया गया था।

कुछ सूत्रों का कहना है कि 1914 में शतरंज ग्रैंडमास्टर का खिताब सीज़र निकोलस द्वितीय को दिया गया था। उसके बाद पेरिस में 1924 में स्थापित विश्व शतरंज संघ (एफआईडी) द्वारा इस तरह के खिताब देने की परंपरा जारी रही। वहीं 1927 में, महिला विश्व शतरंज चैंपियनशिप की स्थापना की गयी।

शतरंज का अंतर्राष्ट्रीय शासी निकाय ‘एफ.आई.डी.इ.’ है, जिसने दशकों से विश्व चैंपियनशिप मैचों की अध्यक्षता की है। साथ ही दुनिया के अधिकांश देशों में राष्ट्रीय शतरंज संगठन भी हैं। हालांकि, शतरंज एक ओलंपिक खेल नहीं है, लेकिन इसका अपना ओलंपियाड है, जो हर दो साल में आयोजित किया जाता है।

संदर्भ:
1.https://en.wikipedia.org/wiki/History_of_chess
2.https://www.chesshere.com/resources/chess_history.php
3.https://www.chess.com/article/view/the-history-of-chess



RECENT POST

  • लखनऊ में हुई थी दम बिरयानी की उत्पत्ति
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     17-09-2019 11:06 AM


  • जीन में फेरबदल कर बन सकते हैं डिज़ाइनर बच्चे
    डीएनए

     16-09-2019 01:31 PM


  • जे. सी. बोस का भारतीय अभियांत्रिकी और विज्ञान में अमूल्य योगदान
    आधुनिक राज्य: 1947 से अब तक

     15-09-2019 02:14 PM


  • अवध और लॉर्ड वैलेस्ली की सहायक संधि
    मध्यकाल 1450 ईस्वी से 1780 ईस्वी तक

     14-09-2019 10:05 AM


  • बीते समय के अवध के शाही फव्वारे
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     13-09-2019 01:37 PM


  • सांपों से भी ज्यादा जहरीले होते हैं टोड
    मछलियाँ व उभयचर

     12-09-2019 10:30 AM


  • कैसे करते हैं एस्ट्रोफोटोग्राफी और किस प्रकार जुड़ा है ये प्रकाश प्रदूषण से ?
    द्रिश्य 1 लेंस/तस्वीर उतारना

     11-09-2019 12:02 PM


  • ताकत और पराक्रम का प्रतीक है दुल-दुल
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     10-09-2019 02:19 PM


  • भारतीय मुर्गियों की विभिन्न नस्लें
    पंछीयाँ

     09-09-2019 12:20 PM


  • किन जीवों के कारण बनते हैं मोती
    समुद्री संसाधन

     08-09-2019 11:52 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.