रविवार वीडियो: न लें अपनी गलतियों को इतना गंभीरता से

लखनऊ

 04-11-2018 10:00 AM
विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

हम बचपन से सुनते आ रहे हैं कि ‘गलती हर इंसान से होती है’, या फिर ‘गलती इंसान से ही होती है, भगवान से नहीं’ आदि। परन्तु क्या इस गलती से खुद को माफ कर देने के भी कुछ नियम हैं? क्या यह इस पर निर्भर करता है कि गलती छोटी थी या बड़ी, उसका प्रभाव कितना विशाल था आदि? आज एक वीडियो के माध्यम से समझेंगे हम इसी चीज़ को।

इस वीडियो की शुरुआत होती है एक बूढ़े इन्सान से जो एक पहाड़ी के किनारे अकेला खड़ा होता है। शुरू में वीडियो का सुर काफी उदासी भरा होता है, परन्तु हम अभी तक जानते नहीं हैं कि ऐसा क्यों। असल में इस उदासी का राज़ इस व्यक्ति का अपने अतीत के स्मरण में दर्शाया गया है। यह स्मरण होता है इसके बचपन का जहाँ ये अपने पिता के साथ इस पहाड़ी रास्ते से गुज़र रहा होता है कि तभी कुछ डाकू इनका पीछा करने लग जाते हैं।

पूरी कोशिश करने के बाद भी काफी सारी घटनाओं की श्रृंखला के अंत में इस व्यक्ति के पिता की मृत्यु हो जाती है। और उन्हें न बचा पाने की वजह से वह खुदको उनकी मौत का गुनहगार समझने लगता है। वह अपना पूरा जीवन इसी गम में बिता देता है। परन्तु फिर कुछ ऐसा होता है जिससे वह एक बुरा फैसला करते करते रुक जाता है। अतः इस वीडियो से हमें समझने की ज़रूरत है कि यदि हम से कभी अनजाने में कोई गलती हो जाती है तो ज़ाहिर है हमें उसका बुरा ज़रूर लगेगा। एक बार गलती हो जाने के बाद ही एहसास होता है कि कैसे उसे टाला जा सकता था। परन्तु हमें सदैव सच्चाई को स्वीकार करके जीवन में आगे बढ़ते रहना चाहिए।

तो क्लिक कीजिये ऊपर दिए गए वीडियो पर और इस रविवार लेकर एक सीख बनायें अपने जीवन को और भी बेहतर।

संदर्भ:
1.https://www.youtube.com/watch?v=ALfECWkW2jY



RECENT POST

  • बैसाखी के महत्व को समझें और जानें कि सिख समुदाय में बैसाखी का त्योहार कितना खास है
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     14-04-2021 01:08 PM


  • दुनिया के सबसे लंबे सांप के रूप में प्रसिद्ध है,जालीदार अजगर
    रेंगने वाले जीव

     13-04-2021 01:00 PM


  • क्यों लैलत-अल-क़द्र वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण रात मानी जाती है?
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     12-04-2021 10:10 AM


  • भिन्‍नता में एकता का प्रतीक कच्‍छ का रण
    मरुस्थल

     11-04-2021 10:00 AM


  • लबोर एट कॉन्स्टेंटिया
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     10-04-2021 10:28 AM


  • कैसे रोका जा सकता है वृद्धावस्‍था को?
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     09-04-2021 10:13 AM


  • उत्तर प्रदेश के किसानों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय है, मेंथॉल मिंट की खेती
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     08-04-2021 09:57 AM


  • पठानों द्वारा विकसित किये गये थे, मलिहाबाद के आम बागान
    साग-सब्जियाँ

     07-04-2021 10:10 AM


  • असली क्रिसमस के पेड़ों की मांग में देखी जा रही है बढ़ोतरी
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     06-04-2021 10:07 AM


  • अवैध शिकार के कारण विलुप्त होने की कगार पर प्रवासी पक्षी प्रजातियां
    पंछीयाँ

     05-04-2021 09:59 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id