सरस्वती का असली अर्थ और इंडोनेशिया में होने वाली प्राचीन सरस्वती पूजा

लखनऊ

 13-11-2018 12:28 PM
विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

विद्या की देवी माँ सरस्वती त्रिदेवियों में से एक हैं। उन्हें न केवल विद्या अपितु संगीत, बुद्धि, और कला की देवी के रूप में भी पूजा जाता है। उन्होंने ही वेदों में सबसे प्राचीन ग्रंथ ऋग्वेद की रचना की है। मान्यता है कि सरस्वती जी की कृपा हो तो मूर्ख व्यक्ति भी विद्वान बन जाता है, इसलिये उनकी कृपा पाने को हर व्याक्ति आतुर रहता है। भारत में माँ सरस्वती की महीमा इतनी विख्यात है कि प्राचीन काल से ही संगीतकार एवं कलाकर उनकी निरंतर उपासना करते आये हैं। इतिहासकारों की मानें तो एक समय ऐसा भी था जब सरस्वती नामक एक नदी सिंधु नदी के नजदीक या उसके आस-पास भारत के उत्तर-पश्चिम भाग में बहती थी, और यहीं प्रारंभिक वैदिक सभ्यता का विस्तार हुआ था। परंतु जलवायु परिवर्तन के कारण ये नदी सूखने लगी और विलुप्त हो गई।

सरस्वती शब्द दो शब्दों से निर्मित हैं, प्रथम 'सरस्' जिसका अर्थ है ‘जल का संग्रहीकरण’, तथा दूसरा 'वती' जिसका अर्थ है ‘जो धारणा करती है’, जिसका अभिप्राय है जो जल के संग्रहीकरण से युक्त है। इन्हें अन्य नामों से भी जाना जाता है जैसे शारदा, शतरूपा, वीणावादिनी, वीणापाणि, वाग्देवी, वागेश्वरी, हंसवाहिनी, भारती आदि।

देवी सरस्वती को अक्सर सफेद कपड़े पहने हुए एक सुन्दर तथा मनोहर नारी के रूप में चित्रित किया जाता है, जो अक्सर श्वेत कमल के आसन पर विराजमान रहती हैं, परन्तु कहीं-कहीं पर उन्हें मोर या हंस पर भी विराजमान देखा जाता है। सरस्वती देवी चार भुजाओं से युक्त हैं तथा अपनी भुजाओं में वेद पुस्तक, माला, वीणा एवं कमंडल धारण करती हैं। उनकी वीणा कला तथा संगीत विद्या की प्रतीक है और वेद पुस्तक अनंत तथा सत्य ज्ञान की, माला योग और आंतरिक आध्यात्मिक ज्ञान की, तथा कमंडल शुद्धिकरण शक्ति से सम्बंधित हैं। उनके इस स्वरूप को निम्नलिखित वंदना के माध्यम से भी व्यक्त किया गया है:

या कुंदेंदु तुषार हार धवला या शुभ्र वृस्तावता।
या वीणा वर दण्ड मंडित करा या श्वेत पद्मासना॥
या ब्रह्माच्युत्त शंकर: प्रभृतिर्भि देवै सदा वन्दिता।
सा माम पातु सरस्वती भगवती नि:शेष जाड्या पहा॥


अर्थात- विद्या की देवी सरस्वती, कुन्द के फूल, चंद्रमा, हिमराशि और मोती के हार की तरह श्वेत वर्ण की हैं और जो श्वेत वस्त्र धारण करती हैं, जिनके हाथ में वीणा शोभायमान है, जिन्होंने श्वेत कमलों पर अपना आसन ग्रहण किया है तथा ब्रह्मा, विष्णु एवं महेश आदि देवताओं द्वारा जो सदा पूजित हैं, संपूर्ण जड़ता और अज्ञान को दूर कर देने वाली माँ सरस्वती आप हमारी रक्षा करें।

भारत के अलावा थाइलैण्ड, बर्मा, इण्डोनेशिया, चीन, जापान एवं अन्य देशों में भी माँ सरस्वती की पूजा होती है। इण्डोनेशिया, जहां पर हिन्दू परम्परा के अनेक प्रसिद्ध मंदिर हैं, वहां पर सरस्वती को भी समर्पित एक भव्य मंदिर है। यह मंदिर बाली के उबुद में स्थित है। इण्डोनेशिया में सरस्वती पूजा का बहुत महत्‍व है। यहां सरस्वती दिवस (पिओडालान सरस्वती), के दिन ज्ञान के स्रोत के रूप में सरस्वती की पूजा की जाती है। बाली के कैलेंडर (Calendar) के अनुसार, हर 210वें दिन सरस्वती दिवस आता है। बाली में सरस्वती जी को 4 हाथ वाली एक नारी के रूप में चित्रित किया जाता है:

1. उनके पहले हाथ में एक लोंटर (Lontar) है, जोकि एक पारंपरिक बाली की पुस्तक है और विज्ञान या ज्ञान का स्रोत है।
2. दूसरे हाथ में 108 टुकड़ों की एक माला है जो ये दर्शाती है कि ज्ञान कभी खत्म नहीं होता है और उसका एक सार्वकालिक जीवन चक्र होता है।
3. तीसरे हाथ में एक वाद्य यंत्र है जो यह दर्शाता है कि विज्ञान संस्कृति के विकास के माध्यम से विकसित होता है।
4. चौथे हाथ में एक कमल का फूल है।

सरस्वती दिवस 4 महत्वपूर्ण दिनों (अन्य तीन- बान्यु पिनारूह (जल) दिवस, सोमा रिबेक, पगैरवेसी) में से पहला है। यह वो प्राचीन प्रक्रिया है जिसे हम अब भारत में भूल गए हैं। बाली में अन्य धार्मिक समारोहों के समान ही सरस्वती दिवस मनाया जाता है। इसमें वास्तविक दिन से पहले और उसके बाद में भी कई धार्मिक पर्व आते हैं।

सरस्वती दिवस के छः दिन पहले के दिन को पेमेलास्टाली (Pemelastali) कहा जाता है, जो खुद को सांसारिक इच्छा से मुक्त करने का एक दिन है। चार, तीन, और दो दिन पहले के दिन को पैद पैदान (Paid Paidan), उरीप (Urip) और पाटेटेगान (Patetegan) कहा जाता है, जो इच्छाओं को नियंत्रित और आत्मनिरीक्षण करने के दिन है। सरस्वती दिवस से एक दिन पहले पेंगेरेदनान (Pengeredanaan) आता है, जो सरस्वती दिवस उत्सव के लिये आध्यात्मिक और शारीरिक तैयारियों का दिन है।

इन छः दिनों के बाद सरस्वती दिवस का उत्सव मनाया जाता है और प्रसाद के रूप में पुस्तकों का वितरण किया जाता है। इसके बाद अगले चार दिनों तक अन्य पर्व भी यहां बड़े ही हर्षोउल्लास के साथ मानाये जाते हैं जो निम्नवत हैं:

बान्यु पिनारूह (Banyu Pinaruh)
सरस्वती दिवस के एक दिन बाद बान्यु पिनारूह आता है, इस दिन लोग समुद्र तट, झील, या नदी में जाते हैं और अपने शरीर और आत्मा को शुद्ध करने के लिए स्नान करते हैं।

सोमा रिबेक (Soma Ribek)
सरस्वती दिवस के दो दिन बाद सोमा रिबेक आता है। इस दिन, यहां के लोग अपने जीवन में भोजन और पेय पदार्थ के लिए भगवान का शुक्रिया करते हैं।

पगैरवेसी (Pagerwesi)
सरस्वती दिवस के चौथे दिन पेगैरवेसी दिवस आता है जो यहां के लोगों के लिए छुट्टी का दिन भी है। इस दिन, सभी लोग सांग ह्यांग प्रमेस्ती गुरु (भगवान) से प्रार्थना करते हैं और मंदिर में अपने घर (सांगगाह) और अपने सभी मंदिरों में चढ़ावा देते हैं।

संदर्भ:
1.https://en.wikipedia.org/wiki/Saraswati
2.https://www.facebook.com/photo.php?fbid=10153426194581239&set=a.10150426417856239&type=3&theater
3.http://www.bali3000.com/all-about-bali/Saraswati.asp?fbclid=IwAR0qAaMvKs1YjfLqTds5kmFkKX4Gg51YeWv2v9iXWXXzX4QfYlroyQa6trc
4.https://devdutt.com/articles/indian-mythology/shakta/who-is-a-hindu-saraswati-once-she-was-a-river.html



RECENT POST

  • आखिर क्‍यों होती हैं जानवरों के शरीर में धारियां?
    निवास स्थान

     23-06-2021 08:28 PM


  • प्रवासी उद्यमियों से विभिन्न देशों को होने वाले लाभ
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     23-06-2021 10:16 AM


  • विश्व भर में मांस के विकल्प के तौर पर उपयोग किया जा रहा है. भारतीय कटहल
    साग-सब्जियाँ

     22-06-2021 08:17 AM


  • सदियों पुराना पारिजात वृक्ष जिसका संबंध महाभारत काल से है
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     21-06-2021 07:26 AM


  • कार्टूनों के साथ संगी का शास्त्रिय संगीत का अनोखा संबंध
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     20-06-2021 12:28 PM


  • क्या बदलाव आए हैं शहरीकरण की वजह से जानवरों के जीवन पर?
    स्तनधारी

     19-06-2021 02:08 PM


  • प्रतिकूल मौसम में आउटडोर खेलों के लिए उपयुक्त वातावरण उपलब्ध करवाते हैं. रिट्रैक्टेबल रूफ
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन नगरीकरण- शहर व शक्ति

     18-06-2021 09:35 AM


  • लखनऊ की सफेद बारादरी का रोचक इतिहास जो शोक स्थल से समारोह स्थल में बदल गई
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     17-06-2021 10:45 AM


  • महामारी के कारण स्थगित क्रिकेट टूर्नामेंट का क्रिकेट अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     15-06-2021 08:49 PM


  • कोरोना के दौरान उभरे नए शब्‍दों का एतिहासिक परिदृश्‍य
    ध्वनि 2- भाषायें

     15-06-2021 12:16 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id