इस जादुई कुकुरमुत्ते से हो सकता है नशा

लखनऊ

 10-12-2018 12:47 PM
फंफूद, कुकुरमुत्ता

आयुर्वेद के बहुमूल्य रत्‍नों में से एक मशरूम भी है, मशरूम एक प्रकार का औषधीय कवक है जो ना सिर्फ पौष्टिक है वरन विचित्र औषधीय गुणों से भी परिपूर्ण है। मशरूम का नाम सुनते ही उसकी ओर आकर्षित होने लगते हैं। वहीं एक जादुई मशरूम ऐसा भी है, जिसका सेवन करने से नशा होने लगता है, तथा उसका अत्यधिक उपयोग हमारे लिए हानिकारक सिद्ध हो सकता है। इस जादुई मशरूम को साइलोसिबिन मशरूम (psilocybin mushroom)जिसे हम मैजिक मशरूम (Magic Mushroom) या श्रूम (Shroom) भी कहते हैं। साइलोसिबिन युक्त मशरूम की 180 से अधिक प्रजातियां हैं।

पुरातात्विक साक्ष्य प्राचीन काल में साइलोसिबिन युक्त मशरूम के प्रयोग के बारे में बताते हैं। स्पेन के विल्लार डेल ह्युमो (Villar del Humo) के पास की प्रागैतिहासिक रॉक आर्ट एक अनुमान प्रदान करती है कि 6000 साल पहले साइलोसिबे हिस्पानिका (Psilocybe hispanica) का उपयोग धार्मिक अनुष्ठानों में किया गया था और वहीं दक्षिणी अल्जीरिया (Algeria) के तस्सीली गुफाओं में 7000 से 9000 साल पहले की कला में साइलोसिबे माईरी (Psilocybe mairei) को दिखाया गया है। प्राचीन काल में मेसोअमेरिका (Mesoamerica) में साइलोसिबिन मशरूम का आध्यात्मिक और धार्मिक अनुष्ठानों में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता था। 15वीं और 16वीं सदी में मेसोअमेरिका पर कब्जा करने के बाद स्पेनिश लोगों ने इन मशरूमों के उपयोग में प्रतिबंद लगा दिया था। लेकिन वहां के लोगों ने अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने के लिए 400 से अधिक वर्षों तक इसका गोपनीय रूप से उपयोग किया। वहीं इसमें मौजुद "नशे" के बारे में पहली बार पश्चिम में चार बच्चों द्वारा गलती से साइलोसिबे सेमिलनसाटा (Psilocybe semilanceata) (हेलुसीनोजेनिक मशरूम (hallucinogenic mushroom) की एक प्रजाति) का सेवन करने के बाद पता चला।

वर्तमान में साइलोसिबिन मशरूम के उपयोग:
• वर्तमान में संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोप में साइलोसिबिन मशरूम सबसे लोकप्रिय हैं।
• 34 और उससे कम उम्र के लोगों के बीच यह सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाने वाला साइकेडेलिक्स- एक तरह का नशा (psychedelics) है।
• 2012 में अमेरिकी उत्तरपूर्व के 409 विश्वविद्यालय के छात्रों में किए गये अध्ययन में पाया गया की सर्वेक्षण किए गये 30 प्रतिशत छात्रों ने कम से कम एक बार इस मशरूम का सेवन किया है।
• 12 यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के सर्वेक्षणों में पता चला की 15 से 24 वर्ष के लोगों द्वारा मैजिक मशरूम का सेवन करने वाले लोग 1% से 8% से कम की श्रेणी में आते हैं।

साइलोसिबिन मशरूम का उपयोग कई तरह के चिकित्सा सम्बन्धी बीमारियों और विकारों, जैसे : स्तवक सिरदर्द, ओब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर, चिंता, तनाव और व्यसन का इलाज करने के लिए किया जाता है। साइलोसिबिन मशरूम के सेवन की मात्रा मशरूम के प्रभाव पर निर्भर करती है, जो हर प्रजातियों में काफी भिन्न होती है। साइलोसिबे क्यूबेन्सिस (Psilocybe cubensis) की खुराक लगभग 1.0 से 2.5 ग्राम होती है। जबकी लगभग 2.5 से 5.0 ग्राम तक की सूखे मशरूम का सेवन काफी नुकसान दायक होता है और इससे उल्टी, दस्त, मांसपेशी में कमज़ोरी, मनोविकृति और बरामदगी जैसी बीमारियाँ हो सकती है।

वहीं नियमित रूप से इसके उपयोग से कुछ लोगों को फ्लैशबैक (Flashback) का भी अनुभव हो सकता है। फ्लैशबैक तब होता है जब मैजिक मशरूम का अनुभव फिर से शुरू होने लगता है, जिनमें आमतौर पर दृश्य विकृतियां होती हैं, जो अवधारणात्मक या भावनात्मक परिवर्तन को दर्शाती हैं। इसके सेवन के सप्ताह, महीनों या साल के बाद फ़्लैशबैक का अनुभव हो सकता है। इसके परिणाम भयानक भी हो सकते हैं, खासकर तब जब कोई डरावना अनुभव याद आ जाता है।

क्या आप जानते हैं साइलोसिबिन मशरूम कई देशों में विनियमित या प्रतिबंधित हैं, वहीं इनमें सख्त कानूनी जुर्माना भी लगाया हुआ है, उदाहरण के लिए यूएस साइकोट्रॉपिक सबस्टेंस एक्ट (US Psychotropic Substances Act), यूके मिसयुस आफ ड्रग्स एक्ट (UK Misuse of Drugs Act) 1971 और ड्रग्स एक्ट 2005, और कनाडा में कंट्रोल ड्रग्स एंड सबस्टेंस एक्ट (Controlled Drugs and Substances Act)।

संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र में साइलोसाइबिन और साइलोसिन को संयुक्त राष्ट्र 1971 साइकोट्रॉपिक पदार्थों पर सम्मेलन के अनुसूची प्रथम दवाओं के तहत रखा गया है। सेड्युल I (Schedule I) दवाओं का प्रयोग काफी हानिकारक मानकर उन्हें चिकित्सा उपयोग के लिए मान्यता प्राप्त नहीं है।

ऑस्ट्रिया: अपने ताजे रूप में साइकोएक्टिव (Psychoactive) मशरूम कुछ देशों में वैध हैं, जैसे – ऑस्ट्रिया

नीदरलैंड: 1 दिसंबर, 2008 में नीदरलैंड में साइलोसिबिन युक्त कवक की खेती और उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

भारत: भारत में साइलोसिन पर प्रतिबंध है। हालांकि, लगाया हुआ प्रतिबंध थोड़ा उलझा हुआ है क्योंकि पदार्थों पर तो प्रतिबंध है, लेकिन इस पदार्थ युक्त मशरूम पर नहीं।

संदर्भ:
1.https://en.wikipedia.org/wiki/Psilocybin_mushroom
2.https://thethirdwave.co/psychedelics/shrooms/
3.https://adf.org.au/drug-facts/psilocybin/



RECENT POST

  • महासागरों का रंग क्यों होता है भिन्न?
    समुद्र

     17-08-2019 01:46 PM


  • स्‍वतंत्रता के बाद भारतीय रियासतों का भारतीय संघ में विलय
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     16-08-2019 05:39 PM


  • अगस्त 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन से कुछ दुर्लभ चित्र
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     15-08-2019 08:34 AM


  • व्‍यवसाय के रूप में राखी बन रही है एक बेहतर विकल्‍प
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     14-08-2019 02:52 PM


  • क्या कोरिया से आया है उत्तर प्रदेश का राजकीय प्रतीक?
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     13-08-2019 12:33 PM


  • विभिन्‍न धर्मों में पशु बलि का महत्‍व
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     12-08-2019 04:07 PM


  • इतिहास का महत्वपूर्ण पहलु, मोहनजोदड़ो नगर
    सभ्यताः 10000 ईसापूर्व से 2000 ईसापूर्व

     11-08-2019 12:18 PM


  • क्या है पारिस्थितिकी और कैसे जुड़ी है ये जलवायु परिवर्तन से?
    जलवायु व ऋतु

     10-08-2019 10:59 AM


  • क्यों दो बार बदला गया लखनऊ स्थित हज हाउस की दीवारों का रंग
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     09-08-2019 03:28 PM


  • घड़ियालों को संरक्षण प्रदान करता लखनऊ का कुकरैल संरक्षण वन
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     08-08-2019 03:43 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.