बौद्ध धर्म में ज्ञान का प्रतीक हाथी

लखनऊ

 01-01-2019 10:00 AM
विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

भारतीय धर्मों में हाथी का विशेष महत्‍व देखने को मिलता है, तब चाहे वह पौराणिक कथाओं में इन्‍द्र का वाहन ऐरावत हो या बौद्ध धर्म में वर्णित हाथी। भारतीय समाज में हाथियों को सौभाग्‍य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। उडने वाले हाथियों को बादलों के रूप में इंगित किया जाता है, जो स्वभावतः वर्षा का कारण बनते हैं। बौद्ध धर्म में हाथी को मानसिक दृढ़ता का प्रतीक माना गया है।

स्‍वयं गौतम बुद्ध ने हाथी में सन्निहित गुणों को सांसारिक अभिव्‍यक्तियों के रूप में देखा। यहां तक की बुद्ध को जन्‍म से ही हाथी से जोड़ा गया है। 2,500 से भी अधिक वर्ष पूर्व शाक्‍य वंश के शुद्धोधन नामक एक राजा थे। जिनका विवाह कोलियन की राजकुमारी महामाया से हुआ, जो सुन्‍दरता के साथ साथ सुशील और ज्ञानी भी थीं। शुद्धोधन भी एक श्रेष्‍ठ राजा थे इनके राज्‍य की राजधानी कपिलवस्तु में थी। कहा जाता है कि जब बुद्ध की माता महामाया गर्भवती हुयी, तो उन्‍होंने स्‍वप्‍न में देखा कि इन्‍हें देवलोक में स्‍वर्गीय वस्‍त्र और आभूषणों से अलंकृत किया जा रहा है तथा एक सफेद हाथी ने अपनी सूंड में सफेद कमल लेकर उनके चारों ओर परिक्रमा कर तथा उनके गर्भ में प्रवेश कर रहा है। उनके जागते ही उन्‍हें दैवीय शगुन का अनुभव हुआ। इस पुर्वानुभव ने हाथी को बुद्धत्व का प्रतीक बनाने में सहायता की।

बौद्धिक शक्ति को प्राप्‍त करते समय चंचल मन को जंगली हाथी के रूप में इंगित किया गया है, जो स्‍वयं अपने मार्ग को नष्‍ट कर देता है, इसी प्रकार एक अनियंत्रित मन भी स्‍वयं का विनाश कर देता है। विभिन्‍न धार्मिक अभ्‍यासों के बाद नियंत्रित किये गये मन को सफेद हाथी के रूप में इंगित किया जाता है, जो पराक्रमी और प्रभावशाली होता है, ऐसे ही एक नियंत्रित मन शांत और आज्ञाकारी होता है जिसके माध्‍यम से इच्‍छा शक्ति पर पूर्ण नियंत्रण पाया जा सकता है। बौद्ध धर्म में हाथियों को एक आध्‍यात्मिक जीवनशैली का भी प्रतीक माना गया है, जो अपने साथियों के प्रति निष्‍ठावान, परिवार के प्रति वफादार, सभी परिस्थितियों में शांत स्‍वभाव वाले तथा समस्‍याओं को सूनने उनका विश्‍लेषण करने के लिए कानों का उपयोग करने वाले होते हैं।

बौद्ध धर्म में, हाथी को शक्ति और ज्ञान के अपने श्रेष्ठ लक्षणों के लिए भी जाना जाता है। बौद्धिक वास्‍तुकला में स्‍तंभ के शीर्ष पर हाथी का उपयोग ज्ञान के प्रकाश को दर्शाता है। बौद्ध धर्म में ज्ञान के प्रचार के लिए ज्ञानी व्‍यक्ति को हाथी की सवारी करते हुए दर्शाया जाता है, जिससे वे हमें भाग्य की चेतना के लिए जागृत करते हैं।

संदर्भ :

1. https://bit.ly/2EYnRw0
2. https://bit.ly/2QZHhYL
3. https://bit.ly/2OjYnL9



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