हवाई टिकट पर ये तीन अक्षरों का संक्षिप्त विवरण क्या है?

लखनऊ

 10-05-2019 12:00 PM
विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

आप जब भी अपनी उड़ान यात्रा के टिकट ऑनलाइन बुक कर रहे होते है तो आपने गौर किया होगा कि आपके हवाई जहाज के टिकट पर एक तीन अक्षरों का संक्षिप्त विवरण दिया होता है (जैसे - दिल्ली के लिए DEL और मुंबई के लिए BOM आदि)। परंतु क्या आपने कभी सोचा है कि ये कोड (Code) क्या है? ये कैसे बनाये गये हैं तथा कौन इस तरह के विश्व स्तरीय मानकीकरण को सुनिश्चित करता है? और जब एक शहर के कई-कई हवाई अड्डे होते हैं तो इन कोडों का निर्धारण कैसे किया जाता है? तो चलिये जानते हैं आज इन्हीं कुछ सवालों के जवाब और भारत में सभी हवाई अड्डों की सूची तथा इनके कोड।

दुनिया के हर आधिकारिक हवाई अड्डे चाहे वो सबसे बड़ा हार्ट्सफील्ड जैक्सन अटलांटा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (ATL - Hartsfield–Jackson Atlanta International Airport) हो या दुनिया का सबसे छोटा कैरिबियाई द्वीप सबा हवाई अड्डा हो, तीन-अक्षर वाला कोड सभी को निर्दिष्ट किया गया है। दरासल प्रत्येक हवाई अड्डे के लिए दो आधिकारिक संस्थाएं अलग-अलग कोड प्रदान करती हैं। पहली अन्तर्राष्ट्रीय नगर विमानन संगठन (ICAO), जो कि संयुक्त राष्ट्र की एक शाखा है जो विभिन्न देशों और महाद्वीपों में विमानन नियमों को सुनिश्चित करती है। साथ ही साथ ये संगठन हवाई यातायात नियंत्रण और हवाई जहाजों की उड़ान योजनाओं का नक्शा तैयार करने में उपयोग किए जाने वाले कोड प्रदान करती है। ये कोड वास्तव में चार अक्षर के होते हैं जिसमें पहला अक्षर देश का वर्णन करता है, और शेष तीन अक्षर विशिष्ट हवाई अड्डे को चिह्नित करते हैं। उदाहरण के लिए फ्लोरिडा का फोर्ट लॉडरडेल-हॉलीवुड इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Fort Lauderdale-Hollywood International Airport) का कोड KFLL होगा; जिसमें "K" यू.एस. को चिह्नित करता है और "FLL" विशिष्ट हवाई अड्डे के लिये कोड है।


दूसरी संस्था है अन्तर्राष्ट्रीय वायु यातायात संघ (IATA)। यह उन हवाई अड्डा कोडों को निर्दिष्ट करता है जिनसे आप सबसे अधिक परिचित हैं। आप जब अपनी उड़ान यात्रा के लिये टिकट की बुकिंग (Ticket Booking) कर रहे होते हैं, तो तीन-अक्षरों का कोड आपको दिखाई देता है। उदाहरण के लिए, कलकत्ता के नेताजी सुभाष चंद्र हवाई अड्डे के लिये "CCU" कोड है और देहरादून के देहरादून हवाई अड्डे का कोड "DED" है। IATA के कोड को संघ स्टेशन कोड या सिर्फ स्थान परिचायक (लोकेशन कोड) कोड के नाम से भी जाना जाता है। यह एक त्रि-अक्षरीय कोड है, जिसका प्रयोग विश्व के सभी नियुक्त विमान क्षेत्रों के लिये किया जाता है। इस कोड का उपयोग आपने हवाई अड्डे पर चैक-इन डेस्क (Check-in desk) पर देखा होगा, जहाँ पर ये आपके सामान में लगे ‘बैगेज टैग’ (Baggage Tag) में सुस्पष्ट अंकित होता है। यह कोड IATA प्रस्ताव-763 द्वारा निर्धारित किया जाता है और इसका प्रबंधन मॉन्ट्रियाल में स्थित IATA मुख्यालय करता है। इन संकेतों को वर्ष में दो बार IATA एयरलाइन कूट निदेशिका में प्रकाशित किया जाता है। IATA रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डे की संचालन संस्थाओं के लिए भी कोड प्रदान करता है। भारत के IATA कोड द्वारा क्रमबद्ध हवाई अड्डों की एक सूची निम्न है:
हवाई अड्डों की यह कोडिंग प्रणाली पहली बार 1930 के दशक में शुरू हुई थी। और एयरलाइंस (Airlines) द्वारा स्वयं दो-अक्षर का कोड चुना जाता था। परंतु 1940 के अंत तक, बहुत सारे हवाई अड्डे बन चुके थे, इस लिये इस प्रणाली को तीन-अक्षर कोड में स्थानांतरित कर दिया गया था जिसे आज हम जानते हैं। IATA ने 1960 के दशक के दौरान इस प्रक्रिया में कदम रखा जब एयरलाइंस ने फैसला किया कि उन्हें कई हवाई अड्डों के बीच होने वाली उलझन से बचने के लिए एक मानकीकृत प्रक्रिया की आवश्यकता है। इस प्रकार तीन-अक्षर कोड की प्रणाली आगे बढ़ी और IATA कोड यात्रा उद्योग का एक अभिन्न अंग बन गया।

इस तीन-अक्षर कोड को प्रदान करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाता है कि यह किसी अन्य हवाई अड्डे द्वारा तो उपयोग नहीं किया जा रहा है तथा क्या हवाई अड्डे के नाम, शहर के नाम या कुछ अन्य सार्थक और प्रासंगिक पहचानकर्ता के आधार पर ये कोड सौंपा जा सकता है। साथ ही साथ यह भी देखा जाता है कि कोई भी दो हवाई अड्डे समान IATA कोड तो साझा नहीं कर रहे हैं, क्योंकि प्रत्येक हवाई अड्डे के लिये एक विशिष्ट कोड होता है। ये कोड कई प्रकार के होते है जैसे कि:
1. कई कोड हवाई अड्डे के नाम पर ही रखे गये हैं, उदाहरण के लिये पेरिस में चार्ल्स डे गॉल (Charles De Gaulle) हवाई अड्डा जिसका कोड CDG है।
2. कई कोड हवाई अड्डे के स्थान के नाम पर रखे गये हैं, उदाहरण के लिये दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (DEL)।
3. कई कोड ऐतिहासिक व्यक्तित्व के नाम पर भी रखे गये हैं। जैसे कि टेनेसी के नॉक्सविल हवाई अड्डे (TYS) को टायसन परिवार द्वारा उनके बेटे के सम्मान में दान की गई भूमि पर बनाया गया था।
4. जिन कोडों की शुरुआत 'N' अक्षर से होती है वे हवाई अड्डे नौसेना से संबंधित होते हैं।

इस प्रकार ये कोड कई आधारों के माध्यम से सुनिश्चित होते हैं। हालांकि यह प्रक्रिया काफी जटिल है परंतु आपको इन सभी कोडों को याद रखने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि अधिकांश टिकट पर न केवल ये कोड प्रदर्शित होते हैं, बल्कि आपकी मंजिल का नाम और कोड भी प्रदर्शित होता है। किंतु इतना तो है कि अब आप जब भी कहीं के लिये उड़ान भरेंगे, तो आपको याद रहेगा कि ये कोड आपके टिकट में क्यों है और इसका क्या अर्थ है।

संदर्भ:
1.https://www.cntraveler.com/story/how-airports-get-their-codes
2.https://en.wikipedia.org/wiki/IATA_airport_code
3.https://www.businessinsider.com/airport-codes-explained-2012-10?IR=T
4.https://airport-authority.com/browse-in



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