उत्तर प्रदेश के भिन्न जिले व उनमें निर्मित भिन्न उत्पाद

लखनऊ

 18-05-2019 09:30 AM
नगरीकरण- शहर व शक्ति

अक्सर ऐसा देखा गया है कि एक किसी विशेष क्षेत्र या स्थान पर एक विशेष तरह का उद्योग फलता फूलता और विकसित होता है। इसका कारण उस जगह पर संसाधनों की उपलब्धता, जनशक्ति या खास प्रतिभा का पाया जाना हो सकता है। उत्तर प्रदेश के लगभग हर जिले ने किसी ना किसी उत्पाद को बनाने में दक्षता हासिल कर रखी है। उदाहरण के तौर पर अलीगढ़ के ताले, फिरोजाबाद की चूड़ियाँ, मेरठ के खेल का सामान या फिर लखनऊ की चिकन कढ़ाई और औषधि निर्माण को लिया जा सकता है। अपने-अपने शहर में ये उद्योग इतने विकसित हो चुके हैं कि आज के समय में इन उद्योगों के कारण संबंधित शहरों का नाम दुनिया भर में प्रसिद्ध होता जा रहा है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने 2018-19 के लिए 4,28,384 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया था। उत्तर प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद में सबसे अधिक हिस्सेदारी तृतीयक क्षेत्र (47.1%) की है, इसके बाद प्राथमिक क्षेत्र (26.9%) की हिस्सेदारी और सबसे बाद में द्वितीयक क्षेत्र (26.0%) का योगदान है। यूपी आज भारत के उत्पादक का लगभग 5% हिस्सा है, हालांकि इसमें लगभग भारत की 17% आबादी रहती है। यहां पर बड़े पैमाने पर औद्योगिकीकरण हुआ है खासकर लघु उद्योगों में राज्य के क्षेत्रों में प्रमुख उद्योगों में चीनी, सीमेंट (Cement), वनस्पति और सूती कपड़े और सूती धागों के उद्योग शामिल हैं।

उत्तर प्रदेश में स्थित विभिन्न लघु एवं कुटीर उद्योग और उनसे संबंधित राज्यों के नाम इस प्रकार हैं:

वर्ष 1999-2000 में, उत्तर प्रदेश में औद्योगिक गतिविधि (द्विअंकीय स्तर) का क्रम निम्न है:

उपरोक्त चित्र उत्तर प्रदेश में निर्मित उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला के वितरण को दर्शाता है। अगर औद्योगिकीरण का विकास सही प्रकार से किया जाए तो यह राज्य में उच्च स्तर की क्षमता को प्रदर्शित करता है। तालिका के आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि राज्य को कई उत्पादों में उच्च तुलनात्मक लाभ हैं जिनमें भारतीय उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी 20% से अधिक है। इसमें चीनी का विनिर्माण, आसुतीकरण, शुद्धीकरण, तरल पदार्थ का सम्मिश्रण, बिजली के लैंप (Lamp) और प्रकाश उपकरणों का निर्माण, और अन्य विनिर्माण शामिल हैं जो मुख्य रूप से मुरादाबाद में बनाये जाते हैं। उत्तर प्रदेश ने खाद्य पदार्थों के निर्माण और निर्यात में नेतृत्व प्राप्त कर लिया है। उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स (Electronics) के लिए नोएडा, पीतल के बर्तनों के लिए मुरादाबाद, खेल के सामान के लिए मेरठ, कालीन के लिए भदोही, वाराणसी और प्रतापगढ़, चमड़े के लिए कानपुर और आगरा, तालों के लिए अलीगढ़, सिरेमिक (Ceramic) के लिए खुर्जा, तेल के लिए कन्नौज और ढलाई के लिए आगरा प्रसिद्ध हैं।

संदर्भ:
1. https://bit.ly/2YxJH02
2. http://planningcommission.nic.in/plans/stateplan/upsdr/vol-1/chap%201.pdf



RECENT POST

  • जीन में फेरबदल कर बन सकते हैं डिज़ाइनर बच्चे
    डीएनए

     16-09-2019 01:31 PM


  • जे. सी. बोस का भारतीय अभियांत्रिकी और विज्ञान में अमूल्य योगदान
    आधुनिक राज्य: 1947 से अब तक

     15-09-2019 02:14 PM


  • अवध और लॉर्ड वैलेस्ली की सहायक संधि
    मध्यकाल 1450 ईस्वी से 1780 ईस्वी तक

     14-09-2019 10:05 AM


  • बीते समय के अवध के शाही फव्वारे
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     13-09-2019 01:37 PM


  • सांपों से भी ज्यादा जहरीले होते हैं टोड
    मछलियाँ व उभयचर

     12-09-2019 10:30 AM


  • कैसे करते हैं एस्ट्रोफोटोग्राफी और किस प्रकार जुड़ा है ये प्रकाश प्रदूषण से ?
    द्रिश्य 1 लेंस/तस्वीर उतारना

     11-09-2019 12:02 PM


  • ताकत और पराक्रम का प्रतीक है दुल-दुल
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     10-09-2019 02:19 PM


  • भारतीय मुर्गियों की विभिन्न नस्लें
    पंछीयाँ

     09-09-2019 12:20 PM


  • किन जीवों के कारण बनते हैं मोती
    समुद्री संसाधन

     08-09-2019 11:52 AM


  • फसलों को कीटों और खरपतवारों से संरक्षित करते कीटनाशक
    बागवानी के पौधे (बागान)

     07-09-2019 11:16 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.