कोमल और मोहक सुगंध वाले ग्रीष्म ऋतु के प्रमुख मौसमी फूल

लखनऊ

 10-06-2019 12:20 PM
बागवानी के पौधे (बागान)

वैसे तो बागवानी का सिलसिला बारहों महीने चलता रहता है परंतु कुछ पौधे ऐसे हैं जो गर्मियों के दिनों में अच्छे से पनपते हैं और उनके फूल चारों ओर अपनी खुशबू से बगीचे और आपका घर दोनों महका देते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि शुरुआती गर्मियों में ही क्यों कुछ फूल खिलते हैं, जबकि अन्य, गर्मियों में लंबे समय तक खिले रहते हैं? दरअसल ये मौसमी फूल होते हैं जो कुछ समय के लिये ही खिलते हैं। मौसमी फूल वे होते हैं जिनका जीवनक्रम एक ही मौसम का होता है। मौसमी पुष्पों का सबसे बड़ा गुण यह है कि वे आसानी से उगाये जा सकते हैं। मौसमी फूल मुख्यत: शीत ऋतु, ग्रीष्म एवं वर्षा ऋतु में लगाए जाते हैं, तथा कुछ पौधे बारहमासी होते हैं। ये कई वर्षों तक जीवित रह सकते हैं और इन पर कई बार फूल आ सकते हैं।

असल में फूल, पौधों के प्रजनन अंग होते हैं। जब परागण हो जाता है, तो फूल बीजों वाले फलों में विकसित हो जाते हैं। परंतु पौधे को इन विशेष अंगों को विकसित करने के लिए बहुत सारे संसाधन और ऊर्जा की आवश्यकता होती है। इस प्रकार, पौधे साल के किसी एक समय में अपने प्रयासों को समक्रमिक करने की प्रवृत्ति रखते हैं, जब प्रजनन के लिए परिस्थितियां सबसे अच्छी होती हैं। इसलिये कुछ फूल अनुकूल परिस्थितियां पाकर शुरुआती गर्मियों में ही खिलते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे फूलों के बारे में जानकारी देंगे जिन्‍हें झुलसती गर्मी में भी आसानी से लगाया भी जा सकता है और ये देखने में सुंदर भी लगेगें। तो आइये देखते हैं-
1. पोर्टुलका
पोर्टुलका बीज या कलम के माध्यम से उगाये जाते हैं। ये रंग-बिरंगे सुन्दर फूलों वाला एक पौधा है, जोकि घास की तरह ज़मीन पर फैलता है। आसानी से लगने वाला यह पौधा बहुत ज़्यादा देखभाल भी नहीं मांगता और कड़ी धूप भी सहन कर लेता है।
2. सदाबहार
सदाबहार बारहों महीने खिलने वाले फूलों का एक पौधा है और ये कड़ी धूप को भी सहन कर लेता है। इसके अलावा ये आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में महत्व रखता है। यह एक रक्त शोधक है और रक्त-कैंसर (Blood Cancer) से लड़ने के लिए उपयोगी माना जाता है।
3. पीली भृंगराज
नमी वाले स्थानों पर उगने वाला पीला भृंगराज भारत में बहुतायत में पाया जाता है। यह छायादार नीम के पेड़ों के नीचे भी पनपता है। इसमें रक्त को ठंडा और शुद्ध करने वाले गुण होते हैं।
4. चांगेरी
चांगेरी बहुत से औषधीय गुणों से परिपूर्ण होती है। इसका उपयोग आयुर्वेद में कई बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है। इसमें छोटे-छोटे फूल होते हैं।
5. मधुमालती
मधुमालती मुख्यतः गर्मियों और बरसात के मौसम वाली फूलों की लता है। लाल, गुलाबी, सफ़ेद रंग के गुच्छों में खिलने वाले इसके फूल देखने में तो सुन्दर लगते ही हैं, बढ़िया महक से घर-आंगन महकाते भी रहते हैं।
6. गेंदा
गेंदा सबसे ज़्यादा घरों में दिखते हैं, इनकी महक बहुत अच्‍छी होती है, जो पूरे वातावरण को ताज़ा कर देती है। इनसे घरों, मंदिरों आदि को सजाया भी जाता है। साथ ही साथ इसमें कई औषधीय गुण भी होते हैं। यह कीटों को भी दूर रखता है और इसका उपयोग खाद्य को रंग देने वाले एजेंट (Agent) के रूप में भी किया जाता है।
7. कमल
यह एक जलीय पौधा है, जिसमें कई रंग के बड़े और खूबसूरत फूल खिलते हैं। कमल के फूल को समृद्धि और धन के एक प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है। इसके फूलों की पंखुड़ियाँ भोर में खुलती हैं और दोपहर होने पर बंद होने लगती हैं। शाम तक इसकी पंखुड़ियां पूरी तरह से बंद हो जाती हैं।
8. गुलाब का फूल
गर्मियों में गुलाब की सुखद गंध से आप आनंदित हो सकते हैं। हालांकि ये पौधे रोगों और कीटों के लिए अतिसंवेदनशील होते हैं और इनको उच्च रखरखाव की आवश्यकता होती है। गुलाब का फूल न सिर्फ पूजा और भावनाओं के इज़हार में अहम स्‍थान रखता है, बल्‍क‍ि इसके कई सेहतमंद फायदे भी हैं।
9. सूरजमुखी
सूरजमुखी भारत में सबसे लोकप्रिय फूलों में से एक है। यह फूल ग्रीष्म ऋतु में उगाने के लिए सही है क्योंकि इसे जीवित रहने और उगने के लिए सूरज की तेज़ रोशनी की आवश्यकता होती है। ये पीले रंग का फूल होता है और हर जगह सूरज का अनुसरण करता है। इस पौधे को पानी की ज़रूरत होती है परंतु रोज़ पानी देने की आवशयकता नहीं है।
10. गुड़हल
गुड़हल का फूल बहुत सुन्दर होता है और यह कई रंगों में पाया जाता है, लाल, पीला, गुलाबी, सफ़ेद आदि और इसे बहुत आसानी से उगा सकते हैं। यह ज़्यादातर उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है और ग्रीष्म ऋतु में उगने वाले फूलों का एक अच्छा उदाहरण है।

गर्मियां में उन पौधों को उगायें जो इस मौसम में अच्छी तरह से उग सकते हैं। अगर आपको इस झुलसती गर्मी में अपने बगीचे को रंग-बिरंगा बनाना है तो उपरोक्त फूल के पौधों को जरूर उगाये। इन्हें आसानी से उगाया जा सकता है। इनके अलावा आप पेटुनिया (Petunia), ओलियांडर (Oleander), ट्यूलिप (Tulip), डहलिया, नरगिस, बनफूल या पांसे के फूल, बोगनविला (Bougainvillea), ग्लोरियोसा लिली (Gloriosa Lily), पाइनएप्पल लिली (Pineapple Lily) इत्यादि भी अपने बागीचे में लगा सकते हैं।

संदर्भ:
1. http://www.anandway.com/article/483/Sun-tolerant-Flowering-plants-in-North-Indian-summer-garden,-Lucknow-Photo-Journal
2. https://naturesbuggy.com/10-flower-plants-to-grow-in-india-in-summer
3. https://www.arenaflowers.co.in/blog/16-types-of-summer-flowers-in-india-with-pictures/
4. https://indianapublicmedia.org/amomentofscience/why-do-plants-flower-when-they-flower/



RECENT POST

  • जर्मप्लाज्म सैम्पलों (Sample) पर लॉकडाउन का प्रभाव
    स्तनधारी

     21-01-2021 01:41 AM


  • पहला वाहन लेने से पहले ध्यान में रखने योग्य कुछ महत्वपूर्ण बातें
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     20-01-2021 11:53 AM


  • भारत की जनता की नागरिकता और उससे जुडे़ विशेष नियम
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     19-01-2021 12:32 PM


  • आदिवासी समूहों द्वारा आज भी स्वदेशी रूप में संजोयी गयी हैं, आभूषणों की प्राचीन कलाएं
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     18-01-2021 12:47 PM


  • मदद करने से मिलती है खुशी
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     17-01-2021 12:14 PM


  • क्या मिक्सर ग्राइंडर से बेहतर है भारत भर में प्रचलित सिलबट्टा
    वास्तुकला 2 कार्यालय व कार्यप्रणाली

     16-01-2021 12:32 PM


  • वास्तुकला का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करती है, लखनऊ की तारे वाली कोठी शाही वेधशाला
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     15-01-2021 12:56 AM


  • अग्नि और सूर्य देवता को समर्पित है, लोहड़ी का उत्सव
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     14-01-2021 12:15 PM


  • क्या है आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से वजन बढ़ने का कारण?
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     13-01-2021 12:15 PM


  • अर्थव्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए उत्तरदायी भारतीय रिजर्व बैंक
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     12-01-2021 11:40 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id