जीवन के लिये अनमोल है पानी

लखनऊ

 10-07-2019 01:13 PM
विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

पानी जीवन का अभिन्न अंग है। पानी के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। जहां पानी विभिन्न दैनिक कार्यों को करने के लिये उपयोग में लाया जाता है वहीं इसकी ज़रूरत हर प्राणी के जीवित रहने के लिये बनी हुई है। अगर पानी न हो तो प्राणी का जीवित रहना सम्भव ही नहीं है। क्या आप जानते हैं कि आपके शरीर का कुल वज़न जितना है उसमें लगभग 60% हिस्सा पानी का है। अपने तापमान को विनियमित करने और अन्य शारीरिक कार्यों को बनाए रखने के लिये शरीर अपनी सभी कोशिकाओं, अंगों और ऊतकों में पानी का उपयोग करता है। शरीर सांस लेने, पसीने और पाचन में अपना सारा पानी खो देता है। गर्मियों में क्योंकि यह प्रक्रिया तीव्र होती है इसलिये यह आवश्यक है कि इस मौसम में पानी की अधिकाधिक मात्रा का सेवन किया जाये अन्यथा पानी की कमी के कारण आपको कई स्वास्थ्य सम्बंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

तो आइये पहले जानते हैं कि पानी शरीर के लिये आवश्यक क्यों है?
• पानी की निश्चित मात्रा रक्त, हड्डियों, ऊतकों और मस्तिष्क में नमी के स्तर को बनाए रखती है तथा रीढ़ की हड्डी की रक्षा करने में भी मदद करती है। यह आपके जोड़ों के लिए एक चिकनाई के रूप में भी कार्य करता है।
• पर्याप्त पानी का सेवन पसीने, पेशाब और शौच के माध्यम से आपके शरीर के गंदे कचरे को बाहर निकालने में सक्षम बनाता है। गुर्दे और यकृत पानी का उपयोग अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने के लिये भी करते हैं।
• शरीर में विभिन्न भोज्य पदार्थों के अपघटन के लिये पानी की आवश्यकता होती है जिससे पाचन क्रिया सरल हो जाती है।
• जब हम किसी शारीरिक कार्य में सलंग्न होते हैं तो पसीने के रूप में हमारा शरीर पानी की बहुत अधिक मात्रा को खो देता है। इस कमी को दूर करने के लिये भी पानी की एक निश्चित मात्रा उपयोग में लायी जाती है।
जब भी शरीर में पानी की कमी होती है तो इसे निर्जलीकरण के रूप में जाना जाता है जिसके कारण शरीर को विभिन्न प्रकार के रोगों से ग्रसित होना पड़ सकता है जिनमें से कुछ निम्नलिखित हैं:
• जीर्ण निर्जलीकरण के अंतर्गत थकान और ऊर्जा की कमी शरीर में हो जाती है और एंज़ाइम्स (Enzymes) की कार्यिकी प्रभावित होने लगती है।
• पानी की कमी से शरीर में वसा का विघटन भली प्रकार से नहीं हो पाता और परिणामस्वरूप आपके वज़न और मोटापे में वृद्धि होने लगती है।
• शरीर के अंगों को ठीक से काम करने के लिए इस अनमोल संसाधन पर निर्भर रहना पड़ता है। दिन भर में बहुत सारा पानी पीने से आपकी त्वचा और आंतरिक अंग ताज़ा बने रहते हैं लेकिन इसकी कमी से आप समय से पहले ही बूढ़े हो सकते हैं।
• पानी की कमी के कारण शरीर में भोज्य पदार्थों का विघटन भी सही प्रकार से नहीं हो पाता तथा अपशिष्ट पदार्थों के उत्सर्जन में भी समस्या आने लगती है जिससे कब्ज़ की समस्या उत्पन्न हो जाती है।
• कम पानी पीने से रक्त से विषाक्त पदार्थ बाहर नहीं निकल पाते जिस कारण हमारा परिवहन तंत्र ठीक से काम नहीं कर पाता है। क्योंकि शरीर में अकेले रक्त की मात्रा ही सभी धमनियों और नसों को भरने के लिए पर्याप्त नहीं होती है इसलिये उच्च और निम्न रक्तचाप अनियंत्रित हो जाता है।

शरीर में पानी की आवश्यकता विभिन्न कारकों पर निर्भर करती है जैसे आप किस जलवायु में रह रहे हैं या आप शारीरिक रूप से कितने सक्रिय हैं, आदि। इसलिये यह आवश्यक है कि आप पानी की आवश्यक मात्रा का (विशेष रूप से गर्मियों में) उपयोग करते रहें। क्योंकि हम कई कार्यों में व्यस्त रहते हैं या ऐसा हो सकता है कि हमें पानी की उचित मात्रा उपलब्ध न हो पाये तो इस अवस्था में फलों और सब्जियों का सेवन भी पानी की कमी को कुछ हद तक दूर कर सकता है। फलों और सब्जियों में पानी की बहुत अधिक मात्रा निहित होती है और जब इन्हें खाया जाता है तो इसमें उपस्थित पानी शरीर द्वारा अवशोषित कर लिया जाता है। फलों और सब्जियों में पोटेशियम (Potassium), सोडियम (Sodium) और मैग्नीशियम (Magnesium) आदि की उचित मात्रा भी होती है जो हृदय, मस्तिष्क, गुर्दे और कंकाल की मांसपेशियों की कार्यिकी को बनाए रखती है। खुमानी, संतरा, आड़ू, अनानास, आलूबुखारा, खरबूज, स्ट्रॉबेरी (Strawberry) आदि में 80% से अधिक पानी होता है जो शरीर में पानी की कमी को दूर कर सकता है। सब्जियों, जैसे ककड़ी, टमाटर, तोरई आदि में 90% से अधिक पानी होता है जबकि ब्रोकली (Broccoli), पत्तागोभी, फूलगोभी, बैंगन और पालक में पानी की उच्च मात्रा के साथ अन्य पोषक तत्व भी भरपूर मात्रा में होते हैं जो शरीर को निर्जलीकृत होने से बचाते हैं।

इस प्रकार पानी की कमी को दूर करने के लिये आप फलों और सब्जियों का सेवन भी कर सकते हैं जो पोषक तत्वों की ज़रूरत को तो पूरा करेंगे ही, साथ ही साथ आपको निर्जलीकरण की समस्या से भी बचायेंगे।

संदर्भ:
1. https://www.everydayhealth.com/water-health/water-body-health.aspx
2. https://bit.ly/2JyC8Af
3. https://www.medicalnewstoday.com/articles/153363.php
4. https://bit.ly/2XTs3Hs



RECENT POST

  • दवाओं में कीड़ों का उपयोग
    तितलियाँ व कीड़े

     10-07-2020 05:32 PM


  • ब्रिक्स (BRICS) की कमियों और विशेषताओं को उजागर करता है कोविड -19
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     08-07-2020 06:46 PM


  • इंडस वैली और इसकी लैपिडरी
    सभ्यताः 10000 ईसापूर्व से 2000 ईसापूर्व

     08-07-2020 07:43 PM


  • शिकस्ता हस्तलिपि और उसका इतिहास
    ध्वनि 2- भाषायें

     07-07-2020 04:53 PM


  • लखनऊ और चिकनी बलुई मृदा के विभिन्न उपयोग
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     06-07-2020 03:36 PM


  • वह दुर्लभता जो हैली का धूमकेतु है
    खनिज

     04-07-2020 07:21 PM


  • भारत के कंटीले जंगल
    जंगल

     04-07-2020 03:14 PM


  • ऐरावत अदम्य शक्ति का प्रतीक और हाथियों का देवता राजा
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     03-07-2020 11:06 AM


  • मुगल आभूषण और कपड़ों का निरूपण और इतिहास
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     01-07-2020 11:51 AM


  • लखनऊ की कई जटिल सुगंध
    गंध- ख़ुशबू व इत्र

     01-07-2020 01:17 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.