आश्चर्यों से भरा है हमारी पृथ्‍वी का जन्म

लखनऊ

 27-07-2019 11:27 AM
शुरुआतः 4 अरब ईसापूर्व से 0.2 करोड ईसापूर्व तक

हमारी पृथ्‍वी असीम ब्रह्माण्‍ड का एक सूक्ष्‍म हिस्‍सा है, जो चारों ओर से महासागर, खूबसूरत प्राकृतिक वातावरण और अन्‍य वि‍विधताओं से घिरी हुयी है। किंतु क्‍या यह पृथ्‍वी हमेशा से ही ऐसी थी या इसका भी एक क्रमिक विकास हुआ. चलिए एक नजर डालते हैं पृथ्‍वी के उद्भव और इसकी प्रारंभिक स्थिति पर। पृथ्‍वी का निर्माण लगभग 4.6 अरब वर्ष पूर्व हो गया था।

अंतरिक्ष में घूमती हुयी अंतरतारकीय धूल तथा गैस (निहारिका) के बादल गुरूत्‍वाकर्षण के कारण आपस में जुड़ गए, जिससे सौर मण्‍डल का निर्माण हुआ, पृथ्‍वी भी सौर मण्‍डल का ही हिस्‍सा है, गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव से संपीडित घने बादल केन्‍द्र से अत्‍यधिक गर्म और भारी हो गए, जिससे सूर्य बना। सौर मण्‍डल के केन्‍द्र में सूर्य के निर्माण के बाद बची हुई निहारिकाओं के कण सौर हवा के कारण सूर्य के चारों ओर एक चक्र के रूप में घूमने लगे। यह चक्र सूर्य के चारों ओर घूर्णन करने लगा, गुरूत्‍वाकर्षण के कारण इन तत्‍वों के छोटे-छोटे कण आपस में जुड़ गए, जिससे सौर ग्रहों का निमार्ण हुआ, जिनमें भौमिक ग्रह (बुध, शुक्र, पृथ्वी तथा मंगल) और गैसीय ग्रह शामिल थे।

पृथ्‍वी एक स्‍थलीय ग्रह थी, जो गर्म, बेजान, मजबूत चट्टान के रूप में थी. इसे लगभग आधे अरब वर्षों तक धूमकेतु और उल्कापिंडों द्वारा बुझाया गया। ज्‍वालामुखी घटनाओं तथा गैसों के विघटन से पृथ्‍वी में जल की मात्रा बढ़ी। पृथ्वी पर स्थित अधिकांश जल इससे टकराने वाले छोटे पुरातन-ग्रहों से आया। इन ग्रहों की टक्कर से भौमिक ग्रहों पर जल, कार्बन डाइआक्साइड, मीथेन, अमोनिया, नाइट्रोजन व अन्य वाष्पशील पदार्थों में वृद्धि हुई। पृथ्‍वी के ठंडे होने पर बादलों का निर्माण हुआ तथा वर्षा से महासागर बने।

पृथ्‍वी में जीवन की शुरूआत लगभग 3.8 अरब वर्ष पूर्व आर्कियन युग (Archean Age) के दौरान हुयी। किंतु इसके सटीक प्रमाण आज भी किसी के पास उपलब्‍ध नहीं हैं। पृथ्‍वी में जीवन की शुरूआत के प्रारंभिक चरणों के दौरान वातावरण में ओजोन परत और आवश्यक मात्रा में दबावयुक्त ऑक्सीजन की कमी थी। अभी भी बाह्य आवरण 1600 ° C पर तप रहा था। जिसने ग्रह की तरंगित भूगर्भीय गतिविधि में योगदान दिया। प्लेट टेक्टोनिक्स (plate tectonics) जैसी प्रक्रियाएं बहुत तीव्रता से हुईं। जिससे पृथ्‍वी की सतह को आकार मिला तथा महाद्वीपों का गठन हुआ। कहा जाता है कि सर्वप्रथम पृथ्‍वी पर एक विशालकाय महाद्वीप का गठन हुआ, जिस पर प्लेट टेक्टोनिक्स घटनाओं के कारण अनेक परिवर्तन हुए तथा जिससे अन्‍य महाद्वीपों का निर्माण हुआ। इन महाद्वीपों के निर्माण के पश्‍चात ही विशालकाय डायनासौर का जन्‍म हुआ, स्तनधारियों का उदय हुआ, होमो-सेपियन्स (homo-sapiens) का विकास हुआ तथा इसके परिणामस्वरूप सभ्यता प्रारंभ हुयी।

संदर्भ:
1. https://www.scienceabc.com/nature/universe/how-was-the-earth-formed.html
2. https://en.wikipedia.org/wiki/History_of_Earth
चित्र सन्दर्भ:-
1. https://www.youtube.com/watch?v=uHUTbq-j0UU
2. https://www.pinterest.es



RECENT POST

  • इंजीनियरिंग का एक अद्भुत कारनामा है, कोलोसियम
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     25-07-2021 02:23 PM


  • आठ ओलंपिक स्वर्ण पदक के पश्चात अब लाना है फिर से भारतीय हॉकी को विश्व स्तर पर
    द्रिश्य 2- अभिनय कला य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     24-07-2021 10:21 AM


  • मौन रहकर भी भावनाओं की अभिव्यक्ति करने की कला है माइम Mime
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     23-07-2021 10:11 AM


  • भारत में यहूदि‍यों का इतिहास और यहां की यहूदी–मुस्लिम एकता
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     22-07-2021 10:37 AM


  • पश्चिमी और भारतीय दर्शन के अनुसार भाषा का दर्शन तथा सीखने और विचार के साथ इसका संबंध
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     21-07-2021 09:40 AM


  • विश्व के इतिहास में सामाजिक समूहों के लिए गहरा महत्व रखता रहा है बलिदान
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     20-07-2021 10:20 AM


  • शहर के मास्टर प्लान में शामिल किया जाना चाहिए मलिन बस्तियों का विकास
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     18-07-2021 06:09 PM


  • 1857 में लखनऊ से संबंधित एक मूक ब्लैक एंड वाइट फिल्म है, द रिलीफ ऑफ लखनऊ
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     18-07-2021 02:23 PM


  • विभिन्न धर्मों सहित दुनियाभर में मिल जाएंगे, महाबली हनुमान के मंदिर और उपासक
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     17-07-2021 10:12 AM


  • लखनऊ के मिर्जा हादी रुसवा का प्रसिद्ध 19वीं सदी उर्दू उपन्यास उमराव जान अदा
    ध्वनि 2- भाषायें

     16-07-2021 09:43 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id