कहाँ है गोस्वामी तुलसीदास जी का जन्म स्थान?

लखनऊ

 07-08-2019 02:16 PM
सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

रामायण का सबसे लोकप्रिय संस्करण रामचरितमानस गोस्वामी तुलसीदास द्वारा लिखा गया है। तुलसीदास अपने जीवन के अधिकांश समय वाराणसी में रहे और घाट पर अवधी भाषा में रामायण की प्रति "रामचरितमानस" लिखी। तुलसीदास ने महर्षि वाल्मीकि द्वारा संस्कृत में लिखी गई मूल रामायण की अवधी भाषा में व्याख्या की है।

तुलसीदास के जन्मस्थान और जन्मतिथि के बारे में विद्वानों में मतभेद है। यद्यपि उनके जन्मस्थान के रूप में कई स्थानों का उल्लेख किया गया है, लेकिन अधिकांश विद्वानों ने इस स्थान की पहचान सूकर क्षेत्र (सोरों) के रूप में की है, जो उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में गंगा नदी के किनारे स्थित एक गाँव है। 2012 में सूकर क्षेत्र (सोरों) को उत्तर प्रदेश सरकार ने आधिकारिक रूप से तुलसीदास जी की जन्मभूमि घोषित किया था।

तुलसीदास का जन्म शुक्ल पक्ष के सातवें दिन, हिंदू कैलेंडर माह श्रावण (जुलाई-अगस्त) में, सप्तमी के दिन हुआ था। तुलसीदास के माता-पिता हुलसी और आत्माराम दुबे थे। अधिकांश स्रोत उन्हें पराशर गोत्र (वंश) के सरयूपारीण ब्राह्मण के रूप में पहचानते हैं, हालांकि कुछ सूत्रों का दावा है कि वह कान्यकुब्ज या सनाढ्य ब्राह्मण थे।

तुलसीदास के जन्म के वर्ष के बारे में जीवनी के लोगों में मतभेद है। मुल्ला गोसाईं चरित में वेणी माधव दास के खाते पर कई सूत्र भरोसा करते हैं, जो तुलसीदास के जन्म को विक्रमी संवत 1554 (सन 1497) के रूप में बताता है। इन स्रोतों में शिवलाल पाठक, रामचरितमानस के लोकप्रिय संस्करण (गीता प्रेस, नवल किशोर प्रेस और वेंकटेश्वर प्रेस), एडविन ग्रीव्स, हनुमान प्रसाद पोद्दार, रामानंद सरस्वती, अयोध्यानाथ शर्मा, रामचंद्र शुक्ल, नारायणदास, और रामभद्राचार्य शामिल हैं। हाथरस के संत तुलसी साहिब और सर जॉर्ज ग्रियर्सन (Sir George Grierson) के नेतृत्व में जीवनी का दूसरा समूह विक्रम सम्वत 1589 (सन 1532) के रूप में जन्म वर्ष देता है। इन जीवनीकारों में रामकृष्ण गोपाल भंडारकर, रामगुलाम द्वेदी, जेम्स लोचटेफेल्ड (James Lochtefeld), स्वामी शिवानंद और अन्य शामिल हैं।

लेखकों का एक तीसरा छोटा समूह भी है, जिसमें एच. एच. विल्सन (H. H. Wilson), गर्स डी त्से (Garse De Tasse) और कृष्णदत्त मिश्रा शामिल हैं, जो उनके जन्मवर्ष को विक्रम सम्वत 1600 (सन 1543) के रूप में प्रस्तुत करते हैं। वर्ष 1497 भारत में कई वर्तमान दिनों की आत्मकथाओं और लोकप्रिय संस्कृति में दिखाई देता है। इस वर्ष असहमत होने वाले जीवनीकारों का तर्क है कि यह तुलसीदास के जीवन काल को 126 साल के बराबर कर देता है, जो कि उनकी राय में असंभव नहीं है। इसके विपरीत, रामचंद्र शुक्ल कहते हैं कि तुलसीदास जैसे महात्मा (महान आत्मा) के लिए 126 साल की उम्र असंभव नहीं है। भारत सरकार और प्रांतीय सरकारों ने लोकप्रिय संस्कृति में तुलसीदास के जन्म के वर्ष के अनुसार सन 2011 में तुलसीदास की 500वीं जयंती मनाई।

वहीँ कुछ विद्वान् तुलसीदास का जन्म स्थान राजापुर को मानने के पक्ष में हैं। राजापुर उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के अंतर्गत स्थित एक गाँव है। वहाँ आत्माराम दुबे नाम के एक प्रतिष्ठित सरयूपारीण ब्राह्मण रहते थे। उनकी धर्मपत्नी का नाम हुलसी था। विक्रम संवत् 1511 के श्रावण मास के शुक्लपक्ष की सप्तमी तिथि के दिन अभुक्त मूल नक्षत्र में इन्हीं दम्पति के यहाँ तुलसीदास का जन्म हुआ। प्रचलित जनश्रुति के अनुसार शिशु बारह महीने तक माँ के गर्भ में रहने के कारण अत्यधिक हृष्ट पुष्ट था और उसके मुख में दाँत दिखायी दे रहे थे। जन्म लेने के साथ ही उसने राम नाम का उच्चारण किया, जिससे उसका नाम रामबोला पड़ गया। जिन्हें बाद में गोस्वामी तुलसीदास जी के रूप में जाना गया।

सन्दर्भ:-
1. https://en.wikipedia.org/wiki/Tulsidas
2. http://www.dlshq.org/saints/tulsidas.htm



RECENT POST

  • कैसे मनाया जाता है मेष संक्रांति का त्यौहार
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     15-04-2021 01:57 PM


  • बैसाखी के महत्व को समझें और जानें कि सिख समुदाय में बैसाखी का त्योहार कितना खास है
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     14-04-2021 01:08 PM


  • दुनिया के सबसे लंबे सांप के रूप में प्रसिद्ध है,जालीदार अजगर
    रेंगने वाले जीव

     13-04-2021 01:00 PM


  • क्यों लैलत-अल-क़द्र वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण रात मानी जाती है?
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     12-04-2021 10:10 AM


  • भिन्‍नता में एकता का प्रतीक कच्‍छ का रण
    मरुस्थल

     11-04-2021 10:00 AM


  • लबोर एट कॉन्स्टेंटिया
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     10-04-2021 10:28 AM


  • कैसे रोका जा सकता है वृद्धावस्‍था को?
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     09-04-2021 10:13 AM


  • उत्तर प्रदेश के किसानों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय है, मेंथॉल मिंट की खेती
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     08-04-2021 09:57 AM


  • पठानों द्वारा विकसित किये गये थे, मलिहाबाद के आम बागान
    साग-सब्जियाँ

     07-04-2021 10:10 AM


  • असली क्रिसमस के पेड़ों की मांग में देखी जा रही है बढ़ोतरी
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     06-04-2021 10:07 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id