लखनऊ से 10 घंटे दूर: राजगीर से शुरू हुई थी, भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण यात्रा

लखनऊ

 26-08-2019 02:22 PM
पर्वत, चोटी व पठार

एकं समयेन बुद्धा गिज्झकूटे पब्बते विहरति।

प्रस्तुत पंक्तियाँ पाली भाषा से उद्घृत है तथा यह अंगुलिमाल जातक में लिखित है। यह पंक्तियाँ गिज्झकूट पर्वत की महत्ता को प्रदर्शित करती है। राजगीर बुद्ध, हिन्दू और जैन धर्म के मतानुयायियों के लिए अत्यंत ही महत्वपूर्ण स्थान है। यह बिहार में स्थित है। राजगीर चोटी को गिज्झकूट या वल्चर हिल के नाम से भी जाना जाता है। यह पहाड़ी 5 पहाड़ी श्रृंखलाओं से घिरा हुआ है जैसे की रत्नागिरी, विपल्चल, वैभागिरी, सोनगिरी और उदयगिरी। यह पर्वत श्रंखला 2 चोटियों से मिलकर बना है जो की करीब 65 किलोमीटर के क्षेत्र में फैली हुयी है। इसकी सबसे ऊंची चोटी 388 मीटर की है। इन दोनों चोटियों के मध्य के स्थानों को यदि तिथिक्रम में डाला जाये तो यह करीब महाभारत, गौतम बुद्ध, महावीर, मौर्य और गुप्तों के काल से सम्बंधित है। जैसा की यह क्षेत्र दो चोटियों से सुरक्षित है तो यहाँ पर अजातशत्रु ने 5वीं शताब्दी ईसापूर्व में मगध साम्राज्य की स्थापना की।

अजातशत्रु ने अपने पिता बिम्बिसार को जेल में भर कर सत्ता हथियाई थी। बिम्बिसार जो की भगवान् बुद्ध द्वारा ही दीक्षित थे ने अजातशत्रु से कहा की ऐसे जगह पर उन्हें ऐसे जगह पर बंद किया जाए जहाँ से वे रोजाना बुद्ध को आते जाते देख सके। आज के दौर में यात्री रस्सी के मार्ग से चोटी के सबसे ऊपर वाले स्थान पर जा सकते हैं जहाँ पर शांति पगोडा स्थित है। यह वही स्थान है जहाँ पर बुद्ध ने कमल सुत्त अपने अनुयायियों को सुनाया था। यहाँ से गिज्झकूट नजदीक है जहाँ पर बुद्ध दीक्षा देने के बाद रुके हुए थे। इस क्षेत्र में अनेकों जैन और बुद्ध मंदिर उपस्थित हैं।

यदि बुद्ध धर्म की बात की जाए तो बुद्ध द्वारा दिए गए स्थानों में बोधि वृक्ष और हिरन उद्यान (सारनाथ) के बाद यदि कोई स्थान बुद्ध से सम्बंधित और महत्वपूर्ण है तो वह है गिज्झकूट। इस स्थान पर बुद्ध अपने कैवाल्याज्ञान प्राप्ति के 16वें साल में यहाँ पर 5000 बुद्ध मतानुयायियों को प्रन्जा पारमिता (ज्ञान की पूर्णता) का ज्ञान दिया। यह धर्म के द्वितीय चक्र के रूप में जाना जाता है। बुद्ध द्वारा दिए गए उपदेशों को तीपिटकों में और जातकों में प्रस्तुत किया गया है। बुद्ध के जीवन से सम्बंधित राजगीर के क्षेत्र में ऐतिहासिक काल में धर्म से सम्बंधित अनेकों घटनाएँ घटी जिन्होंने सम्पूर्ण भारत में एक नया आयाम प्रस्तुत किया।

राजगीर वह स्थान है जहाँ पर सारिपुत्र और मुदगलयायन ने बुद्ध धर्म को अपनाया था और यह वही स्थान है जहाँ पर अत्यंत गुस्से में विभूति हाथी को बुद्ध ने रोका था।

बुद्ध के जीवन की अंतिम यात्रा जो की कुशीनगर में महापरिनिर्वाण के साथ रुकी थी राजगीर से ही शुरू हुयी थी। यह स्थान धार्मिक के साथ ही साथ प्राकृतिक रूप से भी अत्यंत ही महत्वपूर्ण है। यह अपनी प्राकृतिक छटाओं से किसी का भी मन मोहने के योग्य है। यहाँ पर विभिन्न झरने, गुफाएं आदि उपस्थित है जो की घूमने के शौक़ीन लोगों को एक अलग ही अनुभव प्रदान कर सकने योग्य है। यह लखनऊ से करीब 600 किलोमीटर दूर स्थित है तथा गाडी से जाने में करीब 10 घंटे का सफ़र है।

सन्दर्भ:-
1.
https://en.wikipedia.org/wiki/Vulture_Peak
2. https://www.matthieuricard.org/en/blog/posts/rajgir-and-the-vulture-peak
3. http://sped2work.tripod.com/vulturespeak.html
4. https://en.wikipedia.org/wiki/Rajgir_hills

चित्र सन्दर्भ:-
1.
https://bit.ly/2ziAm1E
2. https://www.flickr.com/photos/kinnla/6702872813
3. https://live.staticflickr.com/2502/3678731097_b9bf866386_z.jpg
4. https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Vulturepeak.jpg
5. https://bit.ly/2HqXQGf 6. https://www.flickr.com/photos/wonderlane/3678731259
7. https://live.staticflickr.com/2576/3678731259_129b5ed917_z.jpg



RECENT POST

  • देश में टमाटर जैसे घरेलू सब्जियों के दाम भी क्यों बढ़ रहे हैं?
    साग-सब्जियाँ

     04-07-2022 10:13 AM


  • प्राचीन भारतीय भित्तिचित्र का सबसे बड़ा संग्रह प्रदर्शित करती है अजंता की गुफाएं
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     03-07-2022 10:59 AM


  • कैसे रहे सदैव खुश, क्या सिखाता है पुरुषार्थ और आधुनिक मनोविज्ञान
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     02-07-2022 10:07 AM


  • भगवान जगन्नाथ और विश्व प्रसिद्ध पुरी मंदिर की मूर्तियों की स्मरणीय कथा
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     01-07-2022 10:25 AM


  • संथाली जनजाति के संघर्षपूर्ण लोग और उनकी संस्कृति
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     30-06-2022 08:38 AM


  • कई रोगों का इलाज करने में सक्षम है स्टेम या मूल कोशिका आधारित चिकित्सा विधान
    कोशिका के आधार पर

     29-06-2022 09:20 AM


  • लखनऊ के तालकटोरा कर्बला में आज भी आशूरा का पालन सदियों पुराने तौर तरीकों से किया जाता है
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     28-06-2022 08:18 AM


  • जापानी व्यंजन सूशी, बन गया है लोकप्रिय फ़ास्ट फ़ूड, इस वजह से विलुप्त न हो जाएँ खाद्य मछीलियाँ
    मछलियाँ व उभयचर

     27-06-2022 09:27 AM


  • 1869 तक मिथक था, विशाल पांडा का अस्तित्व
    शारीरिक

     26-06-2022 10:10 AM


  • उत्तर और मध्य प्रदेश में केन-बेतवा नदी परियोजना में वन्यजीवों की सुरक्षा बन गई बड़ी चुनौती
    निवास स्थान

     25-06-2022 09:53 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id