खाने योग्य फफूंद के उदाहरण हैं - खमीर और कुकुरमुत्ता

लखनऊ

 04-09-2019 12:00 PM
फंफूद, कुकुरमुत्ता

खमीर या कुकुरमुत्ता ऐसे पदार्थ हैं, जो हमारे जीवन में आसानी से उपलब्ध हैं। हम जाने-अनजाने में रोजाना इनका सेवन भी करते हैं। भोज्य पदार्थ, तरल पदार्थ और दवाइयों तक में इनका उपयोग होता है। आइये जानते हैं की आखिर खमीर है क्या और इसका हमारे जीवन में कितना महत्व है? खमीर एक एकल कोशकीय कवक है। यह हमें अपने कई रूपों में रोजाना दिखाई देता है, जैसे की मशरूम, ब्रेड, एंटीबायोटिक (antibiotic) दवाइयां आदि। खमीर की कोशिकाएं अंडे के आकार की होती हैं तथा यह सामान्य आँखों से दिखाई नहीं देती बल्कि इनको देखने के लिए शूक्ष्म्दर्शी का उपयोग करना पड़ता है।

यदि संख्या की बात की जाए तो करीब 20 बिलियन (2000 करोड़) खमीर की कोशिकाएं लगती हैं एक ग्राम केक बनाने में। खमीर का वैज्ञानिक नाम सच्चरोमायसिस सरेविसिए (Saccharomyces cerevisiae) है, इसे शक्कर खाने वाले कुकुरमुत्ता भी कहते हैं। ये खमीर बहुत ही शक्तिशाली होते हैं और ये किण्वन की विधि करने में सक्षम होते हैं, यह क्रिया किसी भी ब्रेड (पाव रोटी) को फुलाने में सहायक होती है। खमीर अपने विकास के लिए खाद्य-पदार्थ में उपस्थित शर्करा को पचाते हैं जैसे की ग्लूकोस जो की शहद, फल, सिरप आदि में पाया जाता है।

खमीर ब्रेड आदि बनाने में तो प्रयोग किया ही जाता है, साथ ही साथ यह शराब बनाने में भी प्रयोग किया जाता है। शराब का किण्वन कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) और एथिल अल्कोहल (C2H50H) पैदा करता है। ये दोनों खमीर की कोशिकाओं द्वारा छोड़े जाते हैं, अपने आस-पास के तरल पदार्थ में जो की एक लोई में उपस्थित होते हैं। ब्रेड को पकाने के दौरान जब खमीर आटे में मिले शक्कर के साथ किण्वन प्रक्रिया करता है तब उस दौरान कार्बन डाइऑक्साइड गैस निकलती है जो की आटे के उपरी परत के कारण बाहर नहीं निकल पाता है क्यूंकि आंटे की लोई फैलने वाली होती है। इस प्रक्रिया के कारण आंटे की लोई फूल जाती है और इस प्रकार से ब्रेड का निर्माण इस किण्वन विधि के कारण होता है। किण्वन के दौरान जो एथिल अल्कोहल निकलता है वह ब्रेड के स्वाद और सुगंध को बढाने में सहायक होता है। किण्वन अपने आप ही प्राकृतिक रूप से होता है।

अब बात करते हैं कुकुरमुत्ते की, यह भी एक प्रकार का प्राकृतिक उत्पाद है इसके द्वारा खाद्य, दवा, जैव इंधन, प्लास्टिक, विटामिन, खेती, कपडे धोने के उत्पाद, कागज़, पीने की वस्तुएं, चमड़े के कार्य, रूई का कार्य आदि किया जाता है। अब यदि इन दिए गए बिन्दुओं को देखें तो खाने में प्रयोग होने वाली फंफूद या कुकुरमुत्ते की अनेकों जातियां हैं जिनमे से करीब 350 जातियों को खाने के प्रयोग में लाया जाता है। वैश्विक बाज़ार में खाने लायक कुकुरमुत्ते का सालाना व्यापार करीब 42 बिलियन डॉलर का है। दवा के क्षेत्र में देखा जाए तो तमाम दवाओं में करीब 15% ऐसी दवाएं हैं जिनमे फंफूद का प्रयोग किया जाता है। उदाहरण के तौर पर पेंसलीन। फंफूद का इस्तेमाल कृषि उत्पाद में बचे कचरे को बायोएथनोल बनाने के कार्य में लाया जाता है।

सन्दर्भ:-
1.
https://stateoftheworldsfungi.org/2018/useful-fungi.html
2. https://redstaryeast.com/science-yeast/what-is-yeast/
3. https://en.wikipedia.org/wiki/Yeast
4. https://sciencing.com/common-uses-yeast-8217336.html



RECENT POST

  • जे. सी. बोस का भारतीय अभियांत्रिकी और विज्ञान में अमूल्य योगदान
    आधुनिक राज्य: 1947 से अब तक

     15-09-2019 02:14 PM


  • अवध और लॉर्ड वैलेस्ली की सहायक संधि
    मध्यकाल 1450 ईस्वी से 1780 ईस्वी तक

     14-09-2019 10:05 AM


  • बीते समय के अवध के शाही फव्वारे
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     13-09-2019 01:37 PM


  • सांपों से भी ज्यादा जहरीले होते हैं टोड
    मछलियाँ व उभयचर

     12-09-2019 10:30 AM


  • कैसे करते हैं एस्ट्रोफोटोग्राफी और किस प्रकार जुड़ा है ये प्रकाश प्रदूषण से ?
    द्रिश्य 1 लेंस/तस्वीर उतारना

     11-09-2019 12:02 PM


  • ताकत और पराक्रम का प्रतीक है दुल-दुल
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     10-09-2019 02:19 PM


  • भारतीय मुर्गियों की विभिन्न नस्लें
    पंछीयाँ

     09-09-2019 12:20 PM


  • किन जीवों के कारण बनते हैं मोती
    समुद्री संसाधन

     08-09-2019 11:52 AM


  • फसलों को कीटों और खरपतवारों से संरक्षित करते कीटनाशक
    बागवानी के पौधे (बागान)

     07-09-2019 11:16 AM


  • समय के साथ भुलाई जा रही है फारसी की सुन्दर शिकस्त लेखन शैली
    ध्वनि 2- भाषायें

     06-09-2019 12:09 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.