सांपों से भी ज्यादा जहरीले होते हैं टोड

लखनऊ

 12-09-2019 10:30 AM
मछलियाँ व उभयचर

प्रकृति में विभिन्न प्रकार के जीव पाए जाते हैं, ये सारे इतने आकर्षक होते हैं कि हमारा उन्हें छूने का दिल कर जाता है लेकिन हमारे द्वारा हर जीव को छुआ नहीं जा सकता है क्योंकि कई बहुत जहरीले होते हैं। आइए जानते हैं, लखनऊ और उत्तरप्रदेश के अन्य क्षेत्रों में पाई जाने वाली बुफोनिडाए परिवार के मेंढकों की कुछ प्रजातियों के बारे में जो काफी जहरीले होती हैं।

ट्रू टोड (true toad) अनुरा (मेंढक और टोड) की प्रजाति में एकमात्र ऐसा परिवार है जिसमें पाए जाने वाले ज़्यादतर सदस्यों को टोड के रूप में जाना जाता है, हालांकि कुछ को मेंढक (जैसे हार्लेक्विन मेंढक) कहा जा सकता है। ट्रू टोड व्यापक रूप से फेले हुए हैं तथा ऑस्ट्रेलिया और अंटार्कटिका को छोड़कर यह हर महाद्वीप के मूल निवासी हैं, जो शुष्क क्षेत्रों से लेकर वर्षावन तक विभिन्न प्रकार के वातावरण में रहते हैं। अधिकांश युग्मित शृंखला में अंडे देते हैं जो टैडपोल के रूप में अंडे से निकलते हैं।

ट्रू टोड बिना दांत के होते हैं और आमतौर पर मस्सेदार दिखते हैं इनके सिर के पीछे पैरोटाइड ग्रंथियों की एक जोड़ी होती है, जिनमें अल्कलॉइड जहर पाया जाता है जिसे टोड द्वारा खतरे के समय में निकाला जाता है। इस जहर को बुफोटॉक्सिन के रूप में भी जाना जाता है।

वहीं कुछ "साइकोएक्टिव टॉड्स", जैसे कि कोलोराडो रिवर टोड (इनकिलस अल्वारियस), को उनके बुफोटॉक्सिन के प्रभावों के लिए कई चीजों में उपयोग किया जाता है। कोलोराडो रिवर टोड, जिसे सोनोरन डेजर्ट टोड के रूप में भी जाना जाता है, यह उत्तरी मेक्सिको और दक्षिण-पश्चिमी संयुक्त राज्य अमेरिका में पाया जाता है। त्वचा के भीतर ग्रंथियों के बहिर्गमन के रूप में इसका विष (5-MeO-DMT और बुफोटेनिन) मौजूद होता है। आपको यह जान कर हैरानी होगी कि टोड के जहर में एक बड़े कुत्ते को मारने जितनी शक्ति होती है। पिछले कुछ वर्षों से, यह साक्ष्य उभर रहे हैं कि कई साइकेडेलिक्स (बुफोटॉक्सिन) अवसाद के लक्षणों को कम करने में मदद करते हैं।

नीदरलैंड में मास्ट्रिच विश्वविद्यालय के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने पाया की टोड के जहर से बने सूखे और पाउडर के गूदे के स्राव के परिणामस्वरूप अवसाद के लक्षणों में कमी आई है। बुफो जीनस से संबंधित कई प्रजातियों के जहर और अंडों में ब्यूफोटिन रासायनिक घटक पाए जाते है, लेकिन कोलोराडो रिवर टोड केवल एकमात्र ऐसी टॉड प्रजाति है, जिसमें साइकोएक्टिव प्रभाव के लिए ब्यूफोटिन बड़ी मात्रा में मौजूद होता है। टोड के जहर का उपयोग कुछ पारंपरिक दवाओं जैसे चिन सु में किया गया है, जिसका उपयोग चीन में सदियों से औषधीयों के रूप में किया जाता आ रहा है।

संदर्भ :-
1.
https://www.sciencealert.com/snorting-powdered-toad-goo-once-can-make-people-feel-happier-for-a-month
2. https://en.wikipedia.org/wiki/Colorado_River_toad
3. https://en.wikipedia.org/wiki/True_toad



RECENT POST

  • जे. सी. बोस का भारतीय अभियांत्रिकी और विज्ञान में अमूल्य योगदान
    आधुनिक राज्य: 1947 से अब तक

     15-09-2019 02:14 PM


  • अवध और लॉर्ड वैलेस्ली की सहायक संधि
    मध्यकाल 1450 ईस्वी से 1780 ईस्वी तक

     14-09-2019 10:05 AM


  • बीते समय के अवध के शाही फव्वारे
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     13-09-2019 01:37 PM


  • सांपों से भी ज्यादा जहरीले होते हैं टोड
    मछलियाँ व उभयचर

     12-09-2019 10:30 AM


  • कैसे करते हैं एस्ट्रोफोटोग्राफी और किस प्रकार जुड़ा है ये प्रकाश प्रदूषण से ?
    द्रिश्य 1 लेंस/तस्वीर उतारना

     11-09-2019 12:02 PM


  • ताकत और पराक्रम का प्रतीक है दुल-दुल
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     10-09-2019 02:19 PM


  • भारतीय मुर्गियों की विभिन्न नस्लें
    पंछीयाँ

     09-09-2019 12:20 PM


  • किन जीवों के कारण बनते हैं मोती
    समुद्री संसाधन

     08-09-2019 11:52 AM


  • फसलों को कीटों और खरपतवारों से संरक्षित करते कीटनाशक
    बागवानी के पौधे (बागान)

     07-09-2019 11:16 AM


  • समय के साथ भुलाई जा रही है फारसी की सुन्दर शिकस्त लेखन शैली
    ध्वनि 2- भाषायें

     06-09-2019 12:09 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.