कैसे हुई विश्व शांति दिवस मनाने की शुरुआत?

लखनऊ

 22-09-2019 09:35 AM
नगरीकरण- शहर व शक्ति

दुनिया के तमाम देशों और लोगों के बीच शांति बनाए रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने साल 1981 में विश्व शांति दिवस मनाने की घोषणा की। जिसके बाद पहली बार 1982 में विश्व शांति दिवस मनाया गया जिसकी थीम 'राईट टू पीस ऑफ़ पीपल (Right to peace of people)' रखी गई। 1982 से लेकर 2001 तक सितंबर माह के तीसरे मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस या विश्व शांति दिवस के रूप में मनाया जाता था, लेकिन सन 2002 से इसके लिए 21 सितंबर की तरीख निर्धारित कर दी गई। 2002 से यह दिवस हर साल 21 सितंबर को मनाया जाता आ रहा है। सफेद कबूतर को शांति का दूत माना जाता है। विश्व शांति दिवस पर सफेद कबूतरों को उड़ाकर शांति का संदेश दिया जाता है।

इस चलचित्र में एक छोटी सी प्रेरणात्मक कहानी के माध्यम से मन की शांति कैसे प्राप्त कर सकते हैं, को बताया गया है। सिमरजीत ने मुल्ला नसरुद्दीन की इस खूबसूरत कहानी को हिंदी में वर्णित किया है। सिमरजीत ने इस चलचित्र के माध्यम से समझाने की कोशिश की है कि, स्थितियाँ चाहे जो भी हो, समय चाहें कितना भी कठोर हो, दौर चाहें कितना भी मुश्किल हो, आंतरिक शांति हर क्षण में प्राप्त की जा सकती है। हमें यह समझने की जरूरत है कि शांति हमारे ही भीतर है और हमें इसे अपने अन्दर खोजना शुरू करके, कहीं और खोजना बंद करना है।

सन्दर्भ:-
1.
https://www.youtube.com/watch?v=dKDkF4QAoBs



RECENT POST

  • स्वर्ग की परिकल्पना पर आधारित था लखनऊ का कैसरबाग
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     22-10-2019 10:12 AM


  • वाहनों की गति को मापता रडार स्पीड गन
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     21-10-2019 12:01 PM


  • तेज़ी से बढती मोबाइल उपयोगकर्ताओं की वैश्विक दर
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     20-10-2019 10:00 AM


  • क्या है वर्तमान भारत में बाघों की स्थिति?
    स्तनधारी

     19-10-2019 11:51 AM


  • खोज के युग से ही हुआ था मानव सभ्यता का विकास
    समुद्र

     18-10-2019 10:59 AM


  • बड़े और छोटे इमामबाड़े के अलावा भी है लखनऊ में एक और प्राचीन इमामबाड़ा
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     17-10-2019 10:49 AM


  • भोजन का अधिकार है हर व्यक्ति का बुनियादी अधिकार
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     16-10-2019 12:34 PM


  • दुर्गा पूजा में पेश किया जाने वाला पारंपरिक भोग
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     15-10-2019 12:33 PM


  • भारतीय प्राचीन लिपियों में से एक है ब्रह्मी लिपि
    ध्वनि 2- भाषायें

     14-10-2019 02:40 PM


  • कैसे एक डाकू से महर्षि वाल्मीकि बने रत्नाकर
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     13-10-2019 10:00 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.