हाइपरलूप हल कर सकता है बढ़ती यातायात समस्या को

लखनऊ

 03-10-2019 01:58 PM
य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

लखनऊ में यातायात की समस्या कभी भी उत्पन्न हो जाती है, जिसके लिए कई समाधान प्रस्तावित और कार्यान्वित किये जा रहे हैं। लेकिन बढ़ती जनसंख्या के साथ वाहनों की बढ़ती हुई आबादी को देखते हुए, आधुनिक समस्याओं का आधुनिक हल निकालने की आवश्यकता है। हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने हाइपरलूप (Hyperloop) परिवहन तकनीक को व्यावहारिक एवं वाणिज्यिक रूप प्रदान करने वाली निजी कंपनी वर्जिन हाइपरलूप वन (Virgin Hyperloop One) को मुंबई से पुणे के बीच हाइपरलूप निर्माण आरंभ करने की अनुमति प्रदान कर दी है। हाइपरलूप यात्री और/या माल परिवहन का एक प्रस्तावित तरीका है, जिसका उपयोग पहले टेस्ला (Tesla) और स्पेसएक्स (SpaceX) की संयुक्त टीम द्वारा जारी एक ओपन-सोर्स वैक्ट्रेन डिज़ाइन (Open-Source Vactrain Design) का वर्णन करने के लिए किया गया था।

इलोन मस्क द्वारा पहली बार उल्लेख किया गया था कि वे "परिवहन के पांचवें साधन" के लिए एक अवधारणा को तैयार करने की सोच रहे हैं। जिसे जुलाई 2012 में कैलिफोर्निया के सांता मोनिका में पांडोडेली इवेंट (Pandodaily Event) में हाइपरलूप (इसका हाइपरलूप नाम इसलिए चुना गया क्योंकि यह एक लूप में चलेगी) नाम दिया गया। परिवहन के इस काल्पनिक तेज़ गति वाले साधन में निम्नलिखित विशेषताएं होंगी: मौसम प्रतिरक्षा, टकराव मुक्त, विमान की गति से दोगुनी, कम बिजली की खपत और 24 घंटे के संचालन के लिए ऊर्जा भंडारण।

हाइपरलूप तैयार होने के बाद मुंबई-पुणे का सफर महज़ 35 मिनट में तय हो सकेगा। अभी सड़क मार्ग से यह दूरी 3.5 घंटे में पूरी होती है। पहले से ही, मुंबई और पुणे के बीच सालाना लगभग 7.5 करोड़ यात्री यात्रा करते हैं। 2026 तक, यह आंकड़ा बढ़कर 13 करोड़ हो जाएगा। इस वजह से परिवहन प्रणाली का लक्ष्य मुंबई बंदरगाह और पुणे के बीच हाइपरलूप के ज़रिये हल्की मालवाहक इकाइयों के साथ-साथ सालाना 15 करोड़ यात्रियों को ले जाना है।

इसके शुरू होने पर समय की बचत के साथ-साथ पर्यावरण में स्वच्छता बनाई जा सकती है। यह परिवहन संकट को कम करने के अलावा, अर्थव्यवस्था के लिए भी एक वरदान साबित होगा। यह परियोजना हज़ारों नई नौकरियों का सृजन करेगी, व्यापक सामाजिक-आर्थिक लाभों में 3,600 करोड़ डॉलर से अधिक का निर्माण करेगी, और भारत और विश्व के बाकी हिस्सों में निर्यात करने के लिए नए हाइपरलूप घटक और विनिर्माण अवसरों को उत्पन्न करेगी।

जहां इससे लाभ है, वहीं इससे कई अन्य हानियाँ भी होने की संभावना है। हाइपरलूप से होने वाली कुछ आलोचक घटनाओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं – यह संभव है कि एक बंद सुरंग के अंदर खिड़की रहित कैप्सूल (Capsule) में सवारी करना काफी अप्रिय और भयावह हो सकता है। वहीं यह त्वरण बलों के अधीन है जिससे काफी शोर होने की संभावना हो सकती है। भले ही शुरुआत में ट्यूब (Tube) चिकनी हो, लेकिन भूकंपीय गतिविधि से समय समय पर इसमें बदलाव आ सकता है।

हालांकि, भारत में हाइपरलूप की सफलता नियामक ढांचे पर बहुत अधिक निर्भर करती है। भूमि अधिग्रहण की परेशानियाँ, सुरक्षा के मानक और एक सख्त सीमा शुल्क शासन, अक्सर राष्ट्र में बुनियादी ढाँचे वाली परियोजनाओं को प्रभावित करता है। वहीं इसको फिलहाल मुट्ठी भर छोटे पैमाने पर, कम गति वाले परीक्षण से जांचा गया है। इसका मानव यात्रियों के साथ अभी तक परीक्षण नहीं किया गया है।

संदर्भ:
1.
https://en.wikipedia.org/wiki/Hyperloop
2. https://bit.ly/2YrUUUw
3. https://www.dezeen.com/2019/08/07/mumbai-pune-hyperloop-virgin-maharashtra-india/



RECENT POST

  • भारत के कंटीले जंगल
    जंगल

     04-07-2020 03:14 PM


  • ऐरावत अदम्य शक्ति का प्रतीक और हाथियों का देवता राजा
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     03-07-2020 11:06 AM


  • मुगल आभूषण और कपड़ों का निरूपण और इतिहास
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     01-07-2020 11:51 AM


  • लखनऊ की कई जटिल सुगंध
    गंध- ख़ुशबू व इत्र

     01-07-2020 01:17 PM


  • कितना लाभदायक साबित होगा अंतरिक्ष में खनन
    खनिज

     30-06-2020 06:50 PM


  • भारतीय आदिवासी गहनों में हैं, संस्कृति और परंपरा का सम्मोहन
    म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

     29-06-2020 10:50 AM


  • एक गीत, जिससे प्रेरित होकर की गयी तमिल और हिंदी गीतों की रचना
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     28-06-2020 12:20 PM


  • दुनिया में सबसे अनोखी हैं, अवधी खाने को पकाने की तकनीकें
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     27-06-2020 09:40 AM


  • अन्य जानवरों से अलग मानव मस्तिष्क को क्या निर्धारित करता है?
    व्यवहारिक

     26-06-2020 09:40 AM


  • क्या आधुनिक मिक्सर ग्राइंडर से अच्छा विकल्प है, प्राचीन सिल-बट्टा
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     25-06-2020 01:40 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.