क्या है दुर्गाष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन की विधि

लखनऊ

 06-10-2019 10:00 AM
विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

नवरात्रि के नौ दिन मां दूर्गा की आराधना की जाती है और अष्टमी या नौंवी तिथि पर कन्याओं को भोजन करवा नवरात्रि का समापन किया जाता है। नवरात्रि के पर्व को नौ दिनों तक उत्साह के साथ मनाया जाता है। माता के 9 दिनों के उपवास के साथ ही अष्टमी और नौवमी वाले दिन कन्याओं को भोज कराया जाता है। आज हम इस वीडियो के द्वारा जानेंगे अष्टमी और नवमी के दिन माता की पूजा करने और कन्याओं को भोज कराने की संपूर्ण विधि के बारे में।

नवरात्रि की अष्टमी तिथि को कन्याओं को भोजन करने की परंपरा है। आप क्या जानते हैं कन्या पूजन के लिए अष्टमी तिथि ही क्यों इतना महत्वपूर्ण माना गया है। हालांकि कुछ लोग अष्टमी की बजाय नवमी पर कन्या पूजन के बाद उन्हें भोजन बनाते हैं। आइए जानते हैं अष्टमी पर कन्याओं को भोजन उपलब्ध कराने का महत्व और इसके नियम क्या हैं।

अष्टमी पर कन्याओं को भोजन बनाने के नियम
नवरात्रि केवल व्रत और उपवास का पर्व नहीं है। यह नारी शक्ति के और कन्याओं के सम्मान का भी पर्व है। इसलिए नवरात्रि में कुंवारी कन्याओं को पूजने और भोजन बनाने की परंपरा भी है, हालांकि नवरात्रि में हर दिन कन्याओं की पूजा की परंपरा है, लेकिन अष्टमी और नवमी को अवश्य ही पूजा की जाती है। 2 वर्ष से लेकर 11 वर्ष तक की कन्या की पूजा का विधान किया गया है।

कन्या पूजन की विधि
एक दिन पूर्व ही कन्‍यायों को उनके घर जाकर निमंत्रण दें। गृह प्रवेश पर कन्याओं का पूरा परिवार के साथ पुष्प वर्षा से स्वागत करें और नव दुर्गा के सभी नौ नामों के जयकारे पाते हैं। अब इन कन्याओं को आरामदायक और अच्छी जगह बिठाएँ। सभी के पैरों को दूध से भरे थाल या थाली में अपने हाथों से अपने पैर को हिलाकर पानी से धोएं। उसके बाद कन्याओं के माथे पर अक्षत, फूल या कुंकुम लगाएं। फिर माँ भगवती का ध्यान करके इन देवी रूपी कन्याओं को इच्छा अनुसार भोजन कराएँ। भोजन के बाद कन्याओं को अपने सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा, उपहार दें और उनके पुनः पैर छूकर आशीष लें।

सन्दर्भ:-
1. https://www.youtube.com/watch?v=SDHzlchpmDE
2. https://bit.ly/2oje9yp



RECENT POST

  • भारत के कंटीले जंगल
    जंगल

     04-07-2020 03:14 PM


  • ऐरावत अदम्य शक्ति का प्रतीक और हाथियों का देवता राजा
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     03-07-2020 11:06 AM


  • मुगल आभूषण और कपड़ों का निरूपण और इतिहास
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     01-07-2020 11:51 AM


  • लखनऊ की कई जटिल सुगंध
    गंध- ख़ुशबू व इत्र

     01-07-2020 01:17 PM


  • कितना लाभदायक साबित होगा अंतरिक्ष में खनन
    खनिज

     30-06-2020 06:50 PM


  • भारतीय आदिवासी गहनों में हैं, संस्कृति और परंपरा का सम्मोहन
    म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

     29-06-2020 10:50 AM


  • एक गीत, जिससे प्रेरित होकर की गयी तमिल और हिंदी गीतों की रचना
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     28-06-2020 12:20 PM


  • दुनिया में सबसे अनोखी हैं, अवधी खाने को पकाने की तकनीकें
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     27-06-2020 09:40 AM


  • अन्य जानवरों से अलग मानव मस्तिष्क को क्या निर्धारित करता है?
    व्यवहारिक

     26-06-2020 09:40 AM


  • क्या आधुनिक मिक्सर ग्राइंडर से अच्छा विकल्प है, प्राचीन सिल-बट्टा
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     25-06-2020 01:40 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.