खजूर एवं इसके स्वास्थ्य लाभ

लखनऊ

 11-10-2019 10:53 AM
पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

मौसम के बदलने के साथ-साथ शरीर में भी कुछ बदलाव आते हैं और खानपान में बदलाव लाकर हम अपने शरीर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। सर्दियों में कुछ खास खाद्य पदार्थों के सेवन से हमारे शरीर को विशेष लाभ मिलता है। जैसे सर्दियों में खजूर के गुड़ का सेवन करने से काफी लाभ होता है।

फीनिक्स डेक्टीलिफ़ेरा (Phoenix dactylifera) जिसे आमतौर पर खजूर के नाम से जाना जाता है, यह पूरे लखनऊ और आस पास के क्षेत्रों में व्यापक रूप से पाए जा सकते हैं। काफी लंबे समय से इसकी खेती की जाने के कारण इसकी उत्पत्ति का कोई सटीक प्रमाण नहीं है, लेकिन ऐसा माना जाता है कि संभवत: यह मिस्र और मेसोपोटामिया के उपजाऊ क्षेत्र से उत्पन्न हुआ था। खजूर हज़ारों वर्षों से मध्य पूर्व और सिंधु घाटी का मुख्य भोजन रहा है। 6ठी सहस्त्राब्दी ईसा पूर्व से अरब में खजूर की खेती के पुरातात्विक साक्ष्य पाए गये हैं। खजूर की कुल वार्षिक विश्व उत्पादन की मात्रा 85 लाख मीट्रिक टन है, मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका इसके सबसे बड़े उत्पादकों में से एक हैं।

खजूर के पेड़ आमतौर पर 21-23 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचते हैं और खजूर के फल अंडाकार-बेलनाकार, 3 से 7 सेंटीमीटर लंबे और लगभग 2.5 सेंटीमीटर व्यास के होते हैं, जो चमकीले लाल से लेकर चमकीले पीले रंग के होते हैं। ये बहुत मीठे होते हैं और इनमें सूखने पर लगभग 75% चीनी मौजूद होती है। इसकी पत्तियाँ 4–6 मीटर लंबी होती हैं, जिसके डंठल पर कांटे होते हैं। इनमें लगभग 30 से.मी. लंबी और 2 से.मी. चौड़ी 150 छोटी पत्तियां मौजूद होती हैं।

खजूर को आसानी से बीज से उगाया जा सकता है, लेकिन उनमें केवल 50% अंकुर ही मादा होते हैं और बीज से उगाए गये पौधों के खजूर अक्सर छोटे और खराब गुणवत्ता वाले होते हैं। इसलिए अधिकांश व्यावसायिक बागान भारी फसल वाली कटाई का उपयोग करते हैं क्योंकि कटाई से उगाए गए पौधे बीज से उगाए गए पौधों की तुलना में 2-3 साल पहले फल देना शुरू कर देते हैं।

खजूर का उपयोग विभिन्न तरीके से किया जा सकता है:
फल : सूखे या नरम खजूर को बादाम, अखरोट, संतरा और नींबू के छिलके जैसे भराव के साथ पकाया और भरा जा सकता है। खजूरों को कई प्रकार के मीठे और नमकीनी व्यंजनों में काटकर भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

पोषण मूल्य : खजूर आवश्यक पोषक तत्वों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करते हैं और ये पोटेशियम (Potassium) का एक बहुत अच्छा स्रोत हैं। पके हुए खजूर में लगभग 80% चीनी की सामग्री मौजूद होती है; शेष में प्रोटीन (Protein), फाइबर (Fibre) और अन्य तत्व होते हैं जिनमें बोरोन (Boron), कोबाल्ट (Cobalt), तांबा, फ्लोरीन (Fluorine), मैग्नीशियम (Magnesium), मैंगनीज (Manganese), सेलेनियम (Selenium) और जस्ता शामिल हैं।

बीज : खजूर के बीज को पशु आहार के लिए भिगोकर, पीस दिया जाता है। इनमें मौजूद तेल साबुन और सौंदर्य प्रसाधनों में उपयोग के लिए उपयुक्त होता है। खजूर के बीज में 0.56-5.4% लॉरिक एसिड (Lauric acid) होता है।

फलों के गुच्छे : धारीदार फलों के गुच्छों का उपयोग झाड़ू के रूप में किया जाता है।

चलिए अब जानते हैं शीतकालीन आहार में खजूर के गुड़ को क्यों शामिल करना चाहिए?
1) खजूर के गुड़ में कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrate) उच्च मात्रा में पाया जाता है जो चीनी की तुलना में भोजन को तेज़ी से पचाने में मदद करते हैं। नियमित रूप से खजूर के गुड़ के एक टुकड़े का सेवन करने से शरीर को पर्याप्त ऊर्जा मिलती है जो आपको घंटों तक तरोताज़ा और ऊर्जावान बनाए रखती है।
2) इसमें फाइबर उच्च मात्रा में पाया जाता है, जो पाचन क्रिया के विकारों का इलाज करने में मदद करता है।
3) खजूर के गुड़ के औषधीय गुण माइग्रेन (Migraine) के दर्द से राहत दिलाने में मदद करते हैं। साथ ही यह कई सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए एक प्रभावी उपाय है, जैसे कि सूखी खांसी, सर्दी और दमे को ठीक करने में मदद करता है।
4) खजूर में पाए जाने वाली पोटेशियम की भरपूर मात्रा सूजन को कम करके इलेक्ट्रोलाइटिक (Electrolytic) संतुलन बनाए रखने में मदद करती है, जो वज़न कम करने में लाभदायक होता है।
5) यह आयरन (Iron) में उच्च होता है जो हीमोग्लोबिन (Hemoglobin) के स्तर को बढ़ाकर रक्ताल्पता के इलाज में मदद करता है।
6) मासिक धर्म संबंधित रोगों के इलाज के लिए यह गुड़ एक प्रभावी प्राकृतिक उपचार है। गुड़ का सेवन करने से एंडोर्फिन (Endorphin) निकलता है जो शरीर को आराम देता है और ऐंठन और पेट में दर्द से राहत देता है।

संदर्भ:
1.
https://en.wikipedia.org/wiki/Date_palm
2. https://toriavey.com/dates-history-science-uses/
3. https://bit.ly/316aLEk
चित्र सन्दर्भ:-
1.
https://cdn.pixabay.com/photo/2013/12/03/23/00/date-palm-223247_960_720.jpg
2. https://pxhere.com/en/photo/1245110
3. https://pixabay.com/photos/date-palm-palm-tree-331293/
4. https://pxhere.com/en/photo/1101173



RECENT POST

  • भारतीय विचारधारा और हिंदू धर्म में भाग्यवाद की भूमिका
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     12-12-2019 10:15 AM


  • क्यों देखा जाता है भ्रष्टाचार एक आवश्यक बुराई के रूप में
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     11-12-2019 11:19 AM


  • कुछ न कहते हुए भी बहुत कुछ कहना ही है मुखाभिनय
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     10-12-2019 12:42 PM


  • महँगे होने के बावजूद भी क्यों है कश्मीरी कपड़ों की इतनी मांग?
    स्पर्शः रचना व कपड़े

     09-12-2019 12:51 PM


  • अभिनय के साथ सन्देश प्रस्तुति की कला है, नुक्कड़ नाटक
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     08-12-2019 12:20 PM


  • क्या है, शहरीकरण के उत्क्रम (Reverse Urbanization) से आशय?
    जलवायु व ऋतु

     07-12-2019 11:26 AM


  • मिट्टी को स्वस्थ बनाने के लिए त्यागना होगा कीटनाशकों और नई तकनीकों को
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     06-12-2019 11:55 AM


  • रेस्तरां एग्रीगेटर्स (Restaurant Aggregators) का अर्थशास्त्र
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     05-12-2019 01:40 PM


  • औषधीय गुणों से भरपूर है सहजन का पौधा
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     04-12-2019 11:24 AM


  • आइये समझें बिटकॉइन तथा क्रिप्टोकरेंसी को
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     03-12-2019 12:26 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.