भारतीय प्राचीन लिपियों में से एक है ब्रह्मी लिपि

लखनऊ

 14-10-2019 02:40 PM
ध्वनि 2- भाषायें

यूं तो प्रायः भारत में प्राचीन लिपि के नाम पर संस्कृत लिपि को ही अधिकतर याद किया जाता है किंतु भारत में विकसित हुई एक अन्य लिपि भी है जो भारत की प्राचीनतम लिपियों में से एक है और वह है ‘ब्रह्मी लिपि’। यह लिपि सिंधु लिपि के बाद भारत में विकसित की गई प्रारंभिक लेखन प्रणाली है जो सबसे प्रभावशाली लेखन प्रणालियों में से एक है। आज जितनी भी भारतीय लिपियाँ पायी जाती हैं, वे ब्रह्मी लिपि से ही प्राप्त हुई हैं। दक्षिण पूर्व और पूर्वी एशिया में पाई जाने वाली कई सौ लिपियों की उत्पत्ति भी ब्रह्मी से ही हुई है।

ऐसा माना जाता है कि ब्रह्मी लिपि को सेमिटिक (Semitic) लिपि से लिया गया है जिसे ब्राह्मण और विद्वानों द्वारा संस्कृत और प्राकृत के अनुकूल बनाया गया। भारत 6ठी शताब्दी ईसा पूर्व के दौरान सेमिटिक लिपि के सम्पर्क में तब आया जब अकेमेनिड साम्राज्य (Achaemenid empire) ने सिंधु घाटी (वर्तमान अफगानिस्तान, पाकिस्तान और उत्तर-पश्चिमी भारत का हिस्सा) पर अपना अधिकार जमाया। उस समय अकेमेनिड साम्राज्य की प्रशासनिक भाषा अरामाइक (Aramaic) थी तथा आधिकारिक रिकॉर्डों (Records) को उत्तर सेमिटिक लिपि का उपयोग करके लिखा गया था।

इस समय इस क्षेत्र में एक और लिपि विकसित हुई जिसे खरोष्ठी के नाम से जाना गया तथा यह सिंधु घाटी क्षेत्र की प्रमुख लिपि रही। तथा उस समय ब्रह्मी लिपि का उपयोग भारत के बाकी हिस्सों और दक्षिण एशिया के अन्य हिस्सों में किया गया था। तमिल-नाडु में कई स्थलों के भित्तिचित्रों में ब्रह्मी लिपि के निशान पाये गये हैं। इस लिपि की प्राचीनता को मौर्य राजवंश से देखा जा सकता है। इसके उदाहरण उत्तर और मध्य भारत में फैले भारतीय सम्राट अशोक के शिलालेख हैं जिन पर ब्रह्मी लिपि का उपयोग किया गया था। तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व से पहले ब्रह्मी उत्पन्न होने की धारणा को बल तब मिला जब श्रीलंका के अनुराधापुरा में काम कर रहे पुरातत्वविदों ने 450-350 ईसा पूर्व की अवधि के मिट्टी के बर्तनों पर ब्रह्मी शिलालेखों को पुनः प्राप्त किया। इन शिलालेखों की भाषा उत्तर भारतीय प्राकृत तथा इंडो-आर्यन (Indo-Aryan) भाषा है। उत्तर और मध्य भारत में पाए जाने वाले ब्रह्मी के अधिकांश उदाहरण प्राकृत भाषा का प्रतिनिधित्व करते हैं जबकि दक्षिण भारत में, विशेषकर तमिल नाडु में, ब्राह्मी शिलालेख तमिल भाषा का प्रतिनिधित्व करते हैं जो द्रविड़ परिवार से संबंधित है।

हाथीदांत, हड्डी, पत्थर और मौर्य काल के टेराकोटा (Terracotta) से बने छोटे मुहरों पर भी लघु ब्रह्मी शिलालेखों के कुछ उदाहरण देखने को मिलते हैं। ईसा पूर्व की दूसरी शताब्दी में सिक्कों पर ब्रह्मी शिलालेखों की शुरुआत देखी गई थी। लखनऊ संग्राहलय में रखे गये एक शिलालेख में भी ब्रह्मी लिपि को देखा जा सकता है। यह शिलालेख साका युग के 9वें वर्ष का है जिसमें एक महिला, गाहपाला जोकि ग्रहमित्र की बेटी तथा एकरा दला की पत्नी है, के द्वारा एक उपहार को दर्शाया गया है।

ब्रह्मी कई अन्य लिपियों की जननी भी है क्योंकि विकास के अपने लंबे इतिहास के दौरान इससे कई लिपियों की उत्पत्ति हुई। ब्रह्मी से प्राप्त कई लिपियों को अलग-अलग भाषाओं के अनुकूल बनाया गया। एशिया की कई लेखन प्रणालियों जैसे सिंहली, तेलुगु, थाई, तिब्बती, गुरुमुखी आदि की उत्पत्ति ब्रह्मी लिपि से ही हुई है तथा कई अन्य लेखन प्रणालियों को भी ब्रह्मी लिपि में खोजा जा सकता है।

संदर्भ:
1.https://www.ancient.eu/Brahmi_Script/
2.https://en.wikipedia.org/wiki/Brahmi_script
3.http://www.ancientscripts.com/brahmi.html


RECENT POST

  • ऑफ-ग्रिड जीवन (Off grid): क्या ये आत्मनिर्भर बनने के लिये भविष्य के घर हैं
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     27-10-2020 12:42 AM


  • कैसे श्राप मुक्त हुए जय विजय
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     26-10-2020 10:35 AM


  • कपडों के साथ-साथ भोजन के लिए भी उपयोग किये जाते हैं सिल्क वॉर्म
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     25-10-2020 06:02 AM


  • समान सैद्धांतिक आधार साझा करते हैं, नृत्य और दृश्य कला
    द्रिश्य 2- अभिनय कला

     24-10-2020 01:52 AM


  • राष्ट्र एकता बनाने में नागरिक धर्म की भूमिका
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     22-10-2020 05:12 PM


  • भिन्न- भिन्न मौसम में कोरोना वायरस के संक्रमण की स्थिति
    जलवायु व ऋतु

     22-10-2020 12:16 AM


  • पवित्र कुरान के स्वर्ग के नमूने को पेश करता है केसरबाग
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     21-10-2020 09:35 AM


  • भारतीय व्यंजन तथा मसाले - स्वाद और सेहत का अनूठा मिश्रण
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     20-10-2020 09:14 AM


  • 9 दिन के नौ रूप
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     19-10-2020 07:43 AM


  • सबसे अधिक बिकने वाले एकल गीतों में से एक ‘द केचप सॉन्ग-एसेरीज’
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     18-10-2020 10:06 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.