108 संख्या का विभिन्न धर्मों और क्षेत्रों में महत्व

लखनऊ

 01-01-2020 05:00 AM
विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

पूजा के दौरान, क्या आपने कभी दस मिनट या 25 बार मंत्र का जप किया है? शायद नहीं! हम सब को बचपन से ही यह सिखाया जाता है कि मंत्र का जप 108 बार करना चाहिए। कई हिंदुओं द्वारा उनके मोबाइल नंबर, लाइसेंस प्लेटों और उनके पासवर्ड में 108 को जरूर शामिल किया जाता है। 108 एक ऐसा अंक है जो हिन्‍दू धर्म में अत्‍यंत महत्वपूर्ण स्‍थान रखता है। ईश्‍वर का नाम भी तभी संपूर्ण होता है जब वह 108 बार बोला गया हो।

लेकिन क्या आपने कभी विचार किया है कि 108 को इतना महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है? वैदिक ब्रह्मांड विज्ञान के अनुसार, 108 सृष्टि का आधार है, जो ब्रह्मांड और हमारे सभी अस्तित्व का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसा कहा जाता है कि 108 नंबर की इकाई हमारे शरीर और हमारे बीच के ईश्वर के बीच की दूरी को दर्शाती है। आयुर्वेद के अनुसार, हमारे शरीर में 108 मर्म बिंदु (जीवन शक्ति के महत्वपूर्ण बिंदु) हैं। तो, यही कारण है कि सभी मंत्रों का 108 बार जप किया जाता है क्योंकि प्रत्येक मंत्र हमारे भौतिक आत्म से हमारे उच्चतम आध्यात्मिक स्वयं की यात्रा का प्रतिनिधित्व करता है।

108 का ध्यान में भी महत्व है। कहा जाता है कि ध्यान की 108 शैलियाँ हैं। प्राणायाम में, सांस को विनियमित करने का योगाभ्यास में माना जाता है कि यदि कोई व्यक्ति शांत रह कर एक दिन में 108 बार साँस ले, तो उसे आत्मज्ञान प्राप्त हो सकता है। इसके अलावा, एक औसत व्यक्ति को 24 घंटे की अवधि में 21,600 बार साँस लेने के लिए कहा जाता है। साथ ही, क्रिया योग में, प्रति सत्र अधिकतम पुनरावृत्ति की संख्या 108 बताई गई है। हिंदुओं धर्म में यह भी माना जाता है कि हमारे शरीर में सात चक्र होते हैं, जो सिर के शीर्ष पर शुरू होते हैं और रीढ़ के आधार पर समाप्त होते हैं। यह माना जाता है कि इस ऊर्जा केंद्र को खोलने से आनंद और करुणा निकलती है।

साथ ही, हिंदू धर्म में प्राचीन ऋषियों से ज्ञान के पवित्र ग्रंथ 108 उपनिषद हैं। इसके अतिरिक्त, संस्कृत वर्णमाला में 54 अक्षर हैं। प्रत्येक अक्षर में एक स्त्री या शक्ति, और पुल्लिंग या शिव की गुणवत्ता मौजूद है। इस प्रकार यदि अगर ध्यान से देखा जाएं तो 54 x 2 = 108 होता है। ये कारण बताते हैं कि हिन्दू 108 को इतना पवित्र क्यों मानते हैं।

हालाँकि, अन्य धर्म भी 108 की रहस्यमय शक्ति को मानते हैं। जैन धर्म में, कर्म प्रवाह (आस्रव) के कुल तरीकों की संख्या कुछ इस प्रकार है : 4 कषाय (क्रोध, अभिमान, दंभ, लालच) x 3 कारण (मन, वाणी, शारीरिक क्रिया) x योजना के 3 चरण (योजना, प्राप्ति, प्रारंभ) x 3 निष्पादन के तरीके (स्वयं की क्रिया, उसे पूरा करना, समर्थन या अनुमोदन करना)। बौद्ध धर्म में, भंते गुणरत्न के अनुसार यह संख्या इंद्रियों की गंध, स्पर्श, स्वाद, श्रवण, दृष्टि और चेतना से गुणा करके पहुंचती है, चाहे वे दर्दनाक, सुखद या तटस्थ हों और फिर से ये आंतरिक रूप से उत्पन्न या बाह्य रूप से होती हैं, और फिर भी अतीत, वर्तमान और भविष्य के द्वारा, अंत में हम 108 भावनाओं को प्राप्त करते हैं। 6 × 3 × 2 × 3 = 108। तिब्बती बौद्ध माला में आमतौर पर 108 मनके होते हैं; कभी-कभी गुरु मनका सहित 111, तिब्बत में कन्नूर में 108 खंडों में बुद्ध के शब्दों को दर्शाया जाता है। ज़ेन पुजारी अपनी कलाई के चारों ओर जुजू (प्रार्थना की माला की एक अंगूठी) पहनते हैं, जिसमें 108 मनके होते हैं।

लंकवतार सूत्र में एक खंड है जहां बोधिसत्व महामति बुद्ध से 108 प्रश्न पूछते हैं और एक अन्य खंड जहां बुद्ध 108 के नकारात्मक विवरणों के रूप में सूचीबद्ध करते हैं। जापान में, वर्ष के अंत में, पुराने साल को खत्म करने और नए का स्वागत करने के लिए बौद्ध मंदिरों में 108 बार घंटी बजाई जाती है। प्रत्येक घंटी 108 सांसारिक प्रलोभनों में से एक का प्रतिनिधित्व करती है। समेल औन वोर के नव-ज्ञानविज्ञानी शिक्षाओं में बताया गया है कि, किसी भी व्यक्ति के पास अपने अहंकार को खत्म करने और "विचलन" से पहले भौतिक दुनिया को पार करने के लिए 108 अवसर होते हैं।

वहीं 108 को सूर्य के साथ पृथ्वी के संबंध का वर्णन करने वाली संख्या भी माना जाता है (पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी, सूर्य के व्यास से विभाजित करने पर 108 के बराबर होती है) और चंद्रमा के साथ पृथ्वी के संबंध का वर्णन करने वाली संख्या भी है (पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी को चंद्रमा के व्यास द्वारा विभाजित करके 108 प्राप्त होता है)। इसलिए आखिरी बड़े धमाके के बाद, पृथ्वी सूर्य के चारों और चंद्रमा पृथ्वी के चारों ओर घूम रही है, दोनों 108 के अनुपात को दर्शाते हैं।

इसके अतिरिक्त, 108 गंगा नदी और स्टोनहेंज (Stonehenge) के साथ भी जुड़ा हुआ है। गंगा नदी 12 डिग्री (79 से 91) की लंबाई और 9 डिग्री (22 से 31) की अक्षांश तक फैली हुई है, जिसको गुणा करने पर यह प्राप्त होता है (12 x 9 = 108)। स्टोनहेंज का व्यास 108 फीट व्यास में मापा गया है। साथ ही 108 की संख्या एक हर्षद संख्य है और हर्षद संख्य उसे कहते हैं जो अपने संख्यायों के कुल योग से भाज्य हो। संस्कृत में, हर्सा का अर्थ है "आनंद" और दा का अर्थ है "देना"। इस प्रकार, हर्षद "खुशी देने वाले" में अनुवाद करता है। एक सरल दृष्टिकोण के साथ, हम यह कह सकते हैं कि शुभ अंक 108 मानव मन, शरीर और आत्मा के साथ विज्ञान से भी जुड़ा हुआ है।

संदर्भ :-
1.
https://en.wikipedia.org/wiki/108_(number)
2. https://bit.ly/2MIbKpU
3. https://www.hafsite.org/blog/heres-how-the-number-108-binds-us-to-the-universe/
4. https://www.thezenlife.com/blogs/news/the-significance-of-the-number-108
5. http://www.salagram.net/108meaning.html?fbclid=IwAR3zOZbLLVMiLtRRussA9GEgIor-WI9EneWuHvcCFjptCqO036eZV4gxnZg



RECENT POST

  • भारत के पक्षियों की आबादी में भारी गिरावट
    पंछीयाँ

     07-08-2020 06:16 PM


  • लॉकडाउन के बाद बोर्ड गेम में देखी गई काफी वृद्धि
    हथियार व खिलौने

     07-08-2020 06:21 PM


  • बदलते समय की बदलती तकनीक - कृषि मशीनीकरण
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     06-08-2020 01:20 AM


  • नवाब शहर को मानवता, दया और प्रेम का संदेश देता है बडा इमामबाडा
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     05-08-2020 09:30 AM


  • क्या रहा लखनऊ की वनस्पतियों के अनुसार, अब तक प्रारंग का सफर
    शारीरिक

     04-08-2020 10:00 AM


  • अवधी खाने में दम देना
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     04-08-2020 08:45 AM


  • भाई बहन बदलते हैं एक दूसरे का जीवन
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     31-07-2020 04:08 PM


  • साँप गाँव शेटपाल
    रेंगने वाले जीव

     31-07-2020 05:33 PM


  • लखनऊ में स्थित चन्द्रिका देवी का भव्य मंदिर का महत्व
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     31-07-2020 06:01 PM


  • शाकाहार के विपरीत नहीं हैं इस्लाम धर्म की मान्यताएं
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     31-07-2020 06:14 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.