डीएनए डेटा भंडारण काफी उच्च मात्रा में कर सकता है डेटा को संग्रहीत

लखनऊ

 06-01-2020 04:43 AM
डीएनए

पृथ्वी पर ज्ञात समस्त जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों के लिए आनुवंशिक निर्देश इसी रसायन में दर्ज होते हैं। इस रसायन में सूचनाओं को संभाल कर रखने की अनोखी क्षमता है और वैज्ञानिक पिछले काफी समय से यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या हम डेटा संकलन के लिए इस क्षमता का उपयोग कर सकते हैं? वैज्ञानिकों ने लंबे समय तक डीएनए की क्षमता को एक आदर्श भंडारण माध्यम के रूप में देखा है, यह घना है, दोहराने में आसान है और सहस्राब्दियों से अधिक स्थिर है।

सॉफ्टवेयर कंपनी डोमो के मुताबिक, 2018 में हर मिनट लोगों ने गूगल में 3.88 मिलियन बार खोज की, यूट्यूब पर 4.33 मिलियन वीडियो देखे, 159,362,760 ई-मेल भेजे, 473,000 बार ट्वीट किए और इंस्टाग्राम पर 49,000 तस्वीरें पोस्ट कीं। 2020 तक वैश्विक स्तर पर प्रति व्यक्ति द्वारा अनुमानित 1.7 मेगाबाइट (megabytes) डेटा (data) बनाए जाने की उम्मीद है। जिसको देखते हुए वर्तमान समय में उपयोग किए जाने वाले चुंबकीय या प्रकाशीय डेटा-भंडारण प्रणाली (जो 0s और 1s के इस खंड का उपयोग करते हैं) आमतौर पर एक सदी से अधिक समय तक नहीं रह सकते हैं। इसके अलावा, डेटा सेंटर को चलाने में बड़ी मात्रा में ऊर्जा लगती है। जिसका मतलब यह है कि, हमारे पास आने वाले समय में एक गंभीर डेटा-भंडारण समस्या उत्पन्न हो सकती है जो समय के साथ और अधिक गंभीर हो जाएगी।

हाल ही में हार्ड ड्राइव का एक विकल्प प्रगति कर रहा है: डीएनए-आधारित डेटा भंडारण। डीएनए डिजिटल डेटा भंडारण, डीएनए के संश्लेषित किस्मों से और द्विआधारी डेटा को संकेतीकरण और विसंकेतन करने की प्रक्रिया है। हालांकि भंडारण माध्यम के रूप में डीएनए में उसकी उच्च भंडारण घनत्व के कारण बहुत अधिक संभावनाएं हैं, इसका व्यावहारिक उपयोग वर्तमान में इसकी उच्च लागत और बहुत धीमी गति से पढ़ने और लिखने के कारण सीमित है। वहीं जून 2019 में, वैज्ञानिकों ने बताया कि सभी 16 जीबी विकिपीडिया को कृत्रिम डीएनए में संकेतीकरण किया गया है।

वर्तमान में उपयोग में सबसे व्यापक प्रसार डीएनए अनुक्रमण तकनीक इलुमिना (Illumina) द्वारा विकसित की गई है, जिसमें एक ठोस समर्थन पर एकल फंसे डीएनए का स्थिरीकरण, अनुक्रमों के पॉलिमरेस चेन (polymerase chain) प्रतिक्रिया प्रवर्धन और प्रतिदीप्त चिह्नक के साथ चिह्नित किए गए पूरक आधार के साथ व्यक्तिगत डीएनए आधार की लेबलिंग (labeling) शामिल है। प्रतिदीप्ति पैटर्न (चार डीएनए आधार में से प्रत्येक के लिए एक अलग रंग) को फिर एक छवि में अधिकृत करके और डीएनए अनुक्रम निर्धारित करने के लिए संसाधित किया जाता है।

एक हाल ही में विकसित विकल्प नैनोपोर (nanopore) तकनीक में डीएनए अणुओं को एक रैटचेतींग एंजाइम (ratcheting enzyme) के नियंत्रण के तहत नैनो स्केल पोर (nano scale pore) के माध्यम से पारित किया जाता है। डीएनए अणुओं के पारित होने से विद्युत प्रवाह में छोटे परिवर्तन होते हैं जिन्हें मापा जा सकता है। नैनोपोर तकनीक का मुख्य लाभ यह है कि इसे वास्तविक समय में पढ़ा जा सकता है। हालाँकि इस तकनीक की पड़ने की सटीकता वर्तमान में डेटा भंडारण के लिए अपर्याप्त है।

डीएनए डेटा भंडारण की संभावना महज सैद्धांतिक नहीं है। उदाहरण के लिए, 2017 में, हार्वर्ड में चर्च के समूह ने ई. कोलाई (E. coli) के जीनोम में मानव हाथ की छवियों को अंकित करने के लिए CRISPR डीएनए-संपादन तकनीक को अपनाया और उसे 90 प्रतिशत से अधिक सटीकता के साथ पढ़ा गया था। वहीं वाशिंगटन विश्वविद्यालय और माइक्रोसॉफ्ट रिसर्च के शोधकर्ताओं द्वारा डीएनए में सांकेतिक किए गए डेटा को लिखने, भंडारण और पढ़ने के लिए एक पूरी तरह से स्वचालित प्रणाली विकसित की गई।

शोधकर्ताओं द्वारा डेटा के भंडारण के लिए उच्च मात्रा का अनुमान लगाते हुए पहले से ही डेटा का प्रबंधन करने के लिए डीएनए का उपयोग एक अलग तरीके से किया जा रहा है। वहीं अनुक्रमण तकनीकों में हाल की प्रगति अरबों डीएनए अनुक्रमों को आसानी से और एक साथ पढ़ने की अनुमति देती है। इस क्षमता के साथ, जांचकर्ता प्रयोगात्मक परिणामों पर नज़र रखने के लिए आणविक पहचान "अंकितक" के रूप में डीएनए अनुक्रमों के बार कोडिंग (bar coding) का उपयोग कर सकते हैं। डीएनए बार कोडिंग का उपयोग अब रासायनिक इंजीनियरिंग, भौतिक विज्ञान और नैनो प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान की गति को नाटकीय रूप से तेज करने के लिए किया जा रहा है।

डीएनए को पढ़ने और लिखने की लागत और गति ही डीएनए डेटा भंडारण को सामान्य बनाने के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, इसे अभी इलेक्ट्रॉनिक भंडारण से मुकाबला करने के लिए पढ़ने और लिखने की लागत और गति को और भी अधिक कम करने की आवश्यकता है। यहां तक कि अगर डीएनए एक सर्वव्यापी भंडारण सामग्री नहीं बनता है, तो इसका लगभग निश्चित रूप से पूरी तरह से नए पैमानों पर जानकारी उत्पन्न करने और लंबी अवधि में कुछ प्रकार के डेटा को संरक्षित करने के लिए उपयोग किया जा सकता है।

संदर्भ :-
1.
https://en.wikipedia.org/wiki/DNA_digital_data_storage
2. https://www.wired.com/story/the-rise-of-dna-data-storage/
3. https://www.scientificamerican.com/article/dna-data-storage-is-closer-than-you-think/



RECENT POST

  • कृषि में आधुनिक तकनीक का एक महत्‍वपूर्ण हिस्‍सा है, पोस्ट होल डिगर
    वास्तुकला 2 कार्यालय व कार्यप्रणाली

     18-08-2022 12:51 PM


  • अचल संपत्ति बाजार में खरीदारों का लोकप्रिय शहर लखनऊ
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     17-08-2022 11:20 AM


  • क्या वास्तव में अमेथिस्ट या जमुनिया रत्न वैज्ञानिक दृष्टि से उपचरात्मक होते है?
    खनिज

     16-08-2022 10:30 AM


  • स्वतंत्र भारत में तोपों की सलामी है संप्रभुता की स्वीकृति, पहले दर्शाती थी औपनिवेशिक पदानुक्रम
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     15-08-2022 02:56 AM


  • पोल वॉल्ट में विश्व रिकॉर्ड तोड़ने के लिए प्रसिद्ध हैं आर्मंड डुप्लांटिस
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     14-08-2022 10:40 AM


  • सभी देशवासियों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करती योजनाएं
    आधुनिक राज्य: 1947 से अब तक

     13-08-2022 10:19 AM


  • लखनऊ सहित कुछ चुनिंदा चिड़ियाघरों में ही शेष बचे हैं, शानदार जिराफ
    स्तनधारी

     12-08-2022 08:28 AM


  • ऑनलाइन खरीदारी के बजाए लखनऊ के रौनकदार बाज़ारों में सजी हुई राखिये खरीदने का मज़ा ही कुछ और है
    संचार एवं संचार यन्त्र

     11-08-2022 10:20 AM


  • गांधीजी के पसंदीदा लेखक, संत व् कवि, नरसिंह मेहता की गुजराती साहित्य में महत्वपूर्ण भूमिका
    मध्यकाल 1450 ईस्वी से 1780 ईस्वी तक

     10-08-2022 10:04 AM


  • मुहर्रम के विभिन्न महत्वपूर्ण अनुष्ठानों को 19 वीं शताब्दी की कंपनी पेंटिंग शैली में दर्शाया गया
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     09-08-2022 10:25 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id