श्री यन्त्र और एक मण्डल के रूप में उसका धार्मिक एवं मानसिक महत्व

लखनऊ

 12-01-2020 10:00 AM
विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

यन्त्र क्या है?
एक यंत्र आमतौर पर एक विशेष देवता के साथ जोड़ा जाता है और इसका उपयोग ध्यान, पूजा, तंत्र, साधना और सफलता के आकर्षण जैसे विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जाता है। यन्त्र से मंत्रों के साथ ज्यामितीय आकृतियों और चित्रों की संख्या तथा लगभग सभी यंत्रों का केंद्र एक छोटा लाल बिंदु होता है। त्रिकोण भी शिव और शक्ति का प्रतिनिधित्व करने वाले महत्वपूर्ण प्रतीक हैं। संकेंद्रित वृत्त अभिव्यक्ति को दर्शाता है।

यंत्र ध्यान हमें हमारी चेतना की सामग्री को साफ करने में मदद करता है, इसलिए बिना व्याख्या किए यह एक शुद्ध दर्पण बन सकता है। यह शून्यता में असीम रूप से मौजूद है। जब हमारी चेतना का दर्पण बिना किसी सामग्री के छोड़ दिया जाता है, तो यह आत्मज्ञान है। हिन्दू धर्म में श्री यंत्र, ओम यंत्र, काली यंत्र इत्यादि लोकप्रिय यंत्र हैं। इन यंत्रों को स्थायी रूप से चट्टानों पर, मंदिरों के प्रवेश द्वारों पर, दीवारों पर, योग साधना के स्थानों पर बनाया जाता है।

श्री यन्त्र क्या है?
श्री यंत्र एक संस्कृत शब्द है, जहां श्री का अर्थ है धन और यंत्र का अर्थ है साधन। श्री यंत्र, जिसे श्री चक्र कहा जाता है जोकि सभी यंत्रों की मां है। तीन आयामी रूप में, यह ब्रह्मांड के केंद्र में मेरु का प्रतिनिधित्व करता है। यह गणितीय रूप से एक जटिल संरचना है जिसका आधार स्वर्ण अनुपात है। श्री यंत्र का देवत्व से सीधा संबंध है अर्थात देवी लक्ष्मी से (धन और भाग्य के लिए हिंदू देवी) इसलिए इसमें किसी की भी इच्छा को पूरा करने के लिए अपार ब्रह्मांडीय ऊर्जा है।

क्यों श्री यन्त्र एक मण्डल (Mandala) है?
श्री यंत्र मंडल का उपयोग तांत्रिक साधनाओं में अधिक गहन ज्ञानवर्धन के लिए किया जाता है। कभी-कभी वे सिर्फ धन और समग्र समृद्धि के लिए आपके घरों की दीवार पर लटके होते हैं। श्री यंत्र मंडल का सैंड (Sand) रूप, चंद्ररात्रि यानी शरद पूर्णिमा के दिन लक्ष्मी पूजा के दौरान घरों के आंगन में बनाया जाता है।

श्री यंत्र मंडल निम्नलिखित तत्वों से बने होते हैं:
मंडला में एक केंद्रीय बिंदु होता है जहाँ से अन्य सभी आकृतियाँ निकलती हैं। यह बिन्दू ब्रह्मांड का एक प्रारंभिक बिंदु स्वरुप होता है। नर और मादा ऊर्जा का प्रतिनिधित्व त्रिकोण द्वारा किया जाता है। उर्ध्वमुखी त्रिभुज शिव नामक पुरुष ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करते हैं, और अधोमुखी त्रिभुज शक्ति नामक महिला ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करते हैं। त्रिकोण संकेंद्रित घेरे से घिरे होते हैं जो अनंत ब्रह्मांड का प्रतिनिधित्व करते हैं। कमल के फूल चक्र के चारों ओर बनाये ह्जाते है, जो कमल के फूल की तरह चमक और आकर्षक ऊर्जा का प्रतीक है। श्री यंत्र को श्री चक्र के नाम से भी जाना जाता है जो तांत्रिक हिंदू धर्म का एक पवित्र चित्र है। श्री यंत्र या श्री चक्र आपके सपनों को पूरा करने में मदद करने के लिए सबसे शक्तिशाली और महत्वपूर्ण यन्त्रों में से एक है। इसे सभी यन्त्रों की रानी के रूप में माना जाता है क्योंकि वे सभी इस आरेख से ही आते हैं।

श्री यंत्र एक तांत्रिक यंत्र है जिसका उपयोग आदिकालीन ऊर्जा की पूजा में किया जाता है जो ब्रह्मांड के निर्माण, रखरखाव और विनाश का कारण है। इस प्राचीन चित्र में बहुत मजबूत ब्रह्मांडीय शक्तियां हैं और आपकी इच्छाओं को पूरा करने के लिए अपनी ऊर्जा और इच्छाओं को केंद्रित करने की क्षमता है। "श्री यंत्र" का आशय है आपके जीवन में भौतिक और आध्यात्मिक प्रचुरता पैदा करना। श्री यंत्र में हमारी सभी इच्छाओं को पूरा करने और अपने जीवन को हमेशा के लिए बदलने की असाधारण शक्ति है। एक श्री यंत्र ज्यामितीय पैटर्न के साथ एक प्रकार का मंडला है, जो ब्रह्मांड के तत्वमीमांसा का प्रतिनिधित्व करता है।

श्री यन्त्र का हिन्दू धर्म में महत्व:-
श्री यंत्र रहस्यमय आरेख का एक रूप है, जो एक तांत्रिक अनुष्ठान चित्र है जिसका उपयोग ध्यान और एकाग्रता के लिए किया जाता है। मंत्रमुग्ध आरेख में नौ त्रिकोण होते हैं जो विभिन्न बिंदुओं पर 43 छोटे त्रिकोण बनाते हैं। नौ में से पांच त्रिकोण नीचे की ओर इंगित करते हैं और शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो कि स्त्री शक्ति है। शेष चार ऊपर की ओर इंगित होते है और पुल्लिंग अर्थात शिव का प्रतिनिधित्व करते हैं। अत्यंत जटिल ज्यामितीय गुणों के अलावा, श्री यंत्र की व्याख्या बहुत गहरी, विस्तृत ब्रह्माण्ड संबंधी व्याख्या है। यह भी देखा गया है कि इसमें साइकोफिजियोलॉजिकल प्रभावों के लिए जिम्मेदार कई गुण हैं जो आधुनिक चिकित्सीय विचारोत्तेजक विधियों में व्यापक रूप से उपयोग किए जाते हैं। श्री यंत्र भी स्वर्ण अनुपात के आधार पर एक बहुत ही सटीक रूप से निर्मित अल्पना है, जो एक निरंतर समीकरण है जो सभी सृजन में मान्य है। श्री यंत्र को ब्रह्मांड और मानव शरीर के सूक्ष्म स्तर का प्रतिनिधित्व करने के लिए भी माना जाता है। यन्त्र में सात बिंदु होते हैं जहाँ एक त्रिकोण का शीर्ष दूसरे त्रिकोण के आधार को छूता है। इन बिंदुओं को अक्सर मानव शरीर में चक्रों से संबंधित माना जाता है। श्री यंत्र पर ध्यान केंद्रित करके, आप तुरंत खुद को तनावमुक्त पा सकते हैं। यह ध्यान के लिए एक बहुत शक्तिशाली केंद्र बिंदु है। श्री यंत्र एक व्यक्ति के जीवन में सौभाग्य, धन और समृद्धि लाता है। श्री यंत्र ध्यान का नियमित अभ्यास व्यक्ति के दिमाग को शांत करता है और मानसिक स्थिरता लाता है। यदि हम श्री यंत्र के प्रत्येक तत्व पर ध्यान केंद्रित करते हैं, तो यह हमें विशेष रूप से धार्मिकता पर गहरा ज्ञान प्रदान करता है।

सन्दर्भ:-
1.
https://mandalas.life/2017/yantra-shri-yantra-mandalas-importance-shri-yantra/
2. https://en.wikipedia.org/wiki/Shri_Yantra



RECENT POST

  • लखनऊ सहित अन्य बड़े शहरों में, समय आ गया है सड़क परिवहन को कार्बन मुक्त करने का
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     27-05-2022 09:35 AM


  • यूक्रेन युद्ध, भारत में कई जगह सूखा, बेमौसम बारिश,गर्मी की लहरों से उत्पन्न खाद्य मुद्रास्फीति
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     26-05-2022 08:44 AM


  • हम लखनऊ वासियों को समझनी होगी प्रदूषण, अतिक्रमण से पीड़ित जल निकायों व नदियों की पीड़ा
    नदियाँ

     25-05-2022 08:16 AM


  • लखनऊ के हरित आवरण हेतु, स्थानीय स्वदेशी वृक्ष ही पारिस्थितिकी तंत्र के लिए सबसे उपयुक्त
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     24-05-2022 07:37 AM


  • स्वास्थ्य सेवा व् प्रौद्योगिकी में माइक्रोचिप्स की बढ़ती वैश्विक मांग, क्या भारत बनेगा निर्माण केंद्र?
    खनिज

     23-05-2022 08:50 AM


  • सेलफिश की गति मछलियों में दर्ज की गई उच्चतम गति है
    व्यवहारिक

     22-05-2022 03:40 PM


  • बच्चों को खेल खेल में, दैनिक जीवन में गणित के महत्व को समझाने की जरूरत
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     21-05-2022 11:09 AM


  • भारत में जैविक कृषि आंदोलन व सिद्धांत का विकास, ब्रिटिश कृषि वैज्ञानिक अल्बर्ट हॉवर्ड द्वारा
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     20-05-2022 10:03 AM


  • लखनऊ की वृद्धि के साथ हम निवासियों को नहीं भूलना है सकारात्मक पर्यावरणीय व्यवहार
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     19-05-2022 09:47 AM


  • एक समय जब रेल सफर का मतलब था मिट्टी की सुगंध से भरी कुल्हड़ की स्वादिष्ट चाय
    म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

     18-05-2022 08:47 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id