लॉक डाउन के तहत काफी प्रचलित हो गया है रसोई बागवानी

लखनऊ

 21-05-2020 10:10 AM
पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

कोरोनावायरस (Coronavirus) संकट के दौरान जहां सब घर में रह रहे हैं, वहीं घर में बागवानी इन दिनों नवीनतम प्रवृत्ति के रूप में सामने आई है। अपने घरों तक ही सीमित लोग अपने बाड़े की देखरेख कर रहें हैं और अपने सब्जी के खंड पर ध्यान दे रहे हैं। विश्व भर के लोग बागवानी को एक सुखदायक, परिवार के अनुकूल शौक के रूप में बदल रहे हैं जो खाद्य सुरक्षा पर चिंताओं को कम करता है क्योंकि लॉकडाउन (Lockdown) के कारण कुछ फसलों की कटाई और वितरण धीमा हो गया है। फलों और सब्जियों के बीजों की मांग में विश्व स्तर पर बढ़ोतरी को देखा गया है।

सीड को-ऑपरेटिव (Seed Co-Operative), जिसका स्वामित्व और संचालन उसके सदस्यों द्वारा किया जाता है, ने रिपोर्ट किया है कि एक साल पहले की तुलना में इस वर्ष बीज की मांग छह गुना तक अधिक हैं। इस बीच, रॉयल हॉर्टिकल्चर सोसायटी (Royal Horticulture Society) ने लॉकडाउन के दौरान अपनी वेबसाइट पर सलाह के लिए प्रश्नों में पांच गुना वृद्धि देखी है। वहीं लॉकडाउन की वजह से मांग में वृद्धि तो हुई है लेकिन, कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण कंपनी (Company) ऑनलाइन (Online) बिक्री के साथ अपनी वेबसाइट (Website) पर ग्राहकों के समय को सीमित कर रही है। हालांकि मूल्य में वृद्धि हुई है लेकिन वर्तमान मांग ने आने वाले वर्षों में आपूर्ति को सीमित कर दिया है। वहीं रसोई बागवानी का ये नया प्रचलन न केवल परिवार, दोस्तों और अजनबियों से प्रशंसा अर्जित कर रहा है, बल्कि वे कई लोगों के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में भी काम कर रहा है। डेली डंप की विनीता द्वारा बताया गया है कि लॉकडाउन ने कई लोगों को अपने स्वयं के भोजन को उगाने और रसोई के कचरे को खाद बनाने पर विचार करने के लिए प्रेरित किया। 2006 में शुरू किया गया, डेली डंप एक बेंगलुरु-आधारित सामाजिक उद्यम है जो कि रसोई के कचरे से खाद बनाने से लेकर रसोई बागवानी और दूसरे शून्य-अपशिष्ट समाधानों में अपने स्वयं के भोजन को विकसित करने तक पर्यावरण के अनुकूल समाधान प्रदान करता है। जड़ी-बूटियाँ उगाने के लिए सबसे आसान पौधों में से एक हैं। अधिकांश जड़ी-बूटियां सूरज में भी अच्छे से उगती है, इसलिए आपको शुरुआत करने के लिए अपने घर में एक अच्छी धूप वाली जगह में बागवानी लगानी होगी। इनको घर में उगाने से यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि इनमें कीटनाशक और शाकनाशियों का उपयोग नहीं किया जाए। इन जड़ी बूटियों को उगाने के लिए एक ऐसा गमला चुनें जिसमें पर्याप्त जल निकासी छेद हों और पौधों को समायोजित करने के लिए पर्याप्त बड़ा हो। इसके लिए आप दूध के डिब्बों, जूस के डिब्बों, प्लास्टिक (Plastic) की बोतल का भी उपयोग कर सकते हैं। इसके बाद, 50% साधारण बगीचे की मिट्टी को 50% घर में बने खाद के साथ मिलाकर अपनी खुद की मिट्टी बनाएं। आपकी रसोई से गीले कचरे (जैसे कि चाय की पत्ती, अंडे के छिलके, सब्जी के छिलके, डंठल, आदि) से बनी खाद आपकी जड़ी-बूटियों के लिए बहुत अधिक मात्रा में छाद बनाते हैं। अब गमले में खाद-मिट्टी के मिश्रण को लगभग तीन चौथाई तक भरें। अब इस मिट्टी को हल्का गीला करें और अपनी जड़ी बूटी को लगाएं और ऊपर से मिट्टी से ढक दें। इसके बाद, मिट्टी को हल्के से थपथपाएं और मिट्टी को पानी दें।

सुझाव: यदि आप पुदीना उगा रहे हैं, तो इसे एक आम गमले के बजाय एक अलग गमले में उगाए क्योंकि पुदीना एक खरपतवार की तरह बढ़ता है और आसानी से अन्य जड़ी बूटियों को ढक देता है। प्रत्येक जड़ी बूटी का एक अलग सुगंध और स्वाद होता है। उन जड़ी बूटी को चुनें जिन्हें आप अपने खाना पकाने में सबसे अधिक बार उपयोग करते हैं। साथ ही, उन्हें खरीदने से पहले पौधों की वृद्धि की प्रवृत्ति के बारे में जानें।

निम्न कुछ लोकप्रिय जड़ी-बूटियाँ हैं जिन्हें आप अपने बगीचे में उगा सकते हैं:
1) धनिया:
आपको वसंत ऋतु में एक पंक्ति में धनिये के बीज को बोना है, और ध्यान रखें अधिक पानी न डालें। जल्द ही आपको धनिये के छोटे-छोटे अंकुर दिखाई देंगे, जिन्हें आप भोजन में उपयोग कर सकते हैं।
2) पुदीना: यदि आप जड़ों सहित पुदीने के डंठल को लाते हैं तो आप उन डंठल (पत्तों का उपयोग करने के बाद) को एक गमले में लगा सकते हैं।
3) तुलसी: कई भारतीय घरों में उगने वाली एक पवित्र जड़ी बूटी, तुलसी को धूप और पानी की बहुत आवश्यकता होती है। इसे मानसून से ठीक पहले लगाया जाना चाहिए, तीव्र गर्मी के तहत और बारिश और ठंडी जलवायु में यह अच्छे से उगती है।
4) लेमनग्रास (Lemongrass): आप बाजार में खरीदे गए डंठल को लगाकर लेमनग्रास उगा सकते हैं। सबसे पहले इसे पानी के एक बर्तन में रखें। पानी को हर दिन बदलें जब तक कि लेमनग्रास लगभग 2 इंच लंबा हो जाए और फिर इसे एक धूप के बर्तन में स्थानांतरित कर दें और इसे हमेशा पानी देते रहें।
5) करी पत्ते: सुगंधित करी पत्ता के पौधे को प्रचुर मात्रा में धूप की आवश्यकता होती है। इसलिए गर्म ग्रीष्मकाल को छोड़कर वर्ष के अधिकांश समय के लिए इसे सीधे धूप में रखें। इसको उगाने के लिए बीज उच्च विकल्प होता, जबकि डंठल (लगभग 3 इंच लंबी) के माध्यम से इसे उगाना सबसे आसान है।
6) अजवायन: अजवायन के पौधे को उगाना आसान है। इसके लिए बहुत अधिक धूप या पानी की आवश्यकता नहीं होती है।
7) मिर्ची: भारतीय व्यंजनों की एक हस्ताक्षर जड़ी बूटी, भारतीय मिर्च घर पर जड़ी बूटी बागवानी के लिए एक आदर्श प्रत्याशी हैं। बस अपने मसाले जार से एक सूखी लाल मिर्च लीजिए, मिर्च को तोड़ो और बुवाई के लिए बीज इकट्ठा करें। पहले इन्हें एक ट्रे में अंकुरित होने के लिए रखें, जब वे 4 या 6 पत्ती के चरण तक पहुँचते हैं तो एक बड़े बर्तन में रोपाई के लिए स्थानांतरित कर दें। मिर्च के पौधों को समान माप में गर्मी और पानी पसंद है, और वे उस जगह पर सबसे उच्ची तरह से उगते हैं जहां पर्याप्त मात्रा में धूप हों।

ऐसे ही आप अजमोद, मेंहदी, चंगेरी, आदि जड़ी-बूटियों को भी उग सकते हैं। अब जब आपको यह पता चल गया है कि इन्हें उगाना कितना आसान है, तो अब आप इस लॉकडाउन में अपनी बागवानी की शुरुआत इन आसानी से उगने वाली जड़ी-बूटियों से कर सकते हैं।

चित्र (सन्दर्भ):
1. मुख्य चित्र में एक घर की छत पर बनाया गया सब्जियों के पौधे दिखाई दे रहे हैं। (Youtube)
2. दूसरे चित्र में छत पर बनाया गया गार्डन दिखाई दे रहा है। (Flickr)
3. तीसरे चित्र में घर पर बनाया गया आर्गेनिक सब्जियों का सेटअप दिख रहा है। (Youtube)
4. अंतिम चित्र में घर की छत पर पौधों को लगाने का एक उदहारण और टिप्स हैं। (Flickr)
संदर्भ :-
1. https://bit.ly/3dTJXOA
2. https://bit.ly/2ZcHevs
3. https://www.economist.com/britain/2020/05/02/a-nation-of-gardeners
4. https://bit.ly/2WPS6hf
5. https://www.thebetterindia.com/63695/herb-garden-home/



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